प्रथम सोमवार को कच्चे चावल एक मुट्ठी।
दूसरे सोमवार को सफेद तिल्ली एक मुट्ठी।
तीसरे सोमवार को खड़े मूंग की एक मुट्ठी।
चौथे सोमवार को जौ एक मुट्ठी।
पांचवें सोमवार को सतुआ चढ़ाना चाहिए।
We cannot change the circumstances in which our soul chose to be born, but we can definitely change the circumstances in which we grow.ASTROLOGY, VASTU SASTRA, AURA, AROMA. SHIVYOG,ARTOF LIVING, ISHAYOG,OSHO AND NEWAGE MEDITATION अध्यात्म, ज्योतिष, यन्त्र-मन्त्र-तन्त्र, वेद, पुराण, इतिहास, गुढ़-रहस्य समस्त समस्या का निराकरण सम्भव नहीं है, मात्र कुछेक समस्या का ही समाधान सम्भव है। Accurate Horoscope Analysis and Remedies for All Problems
| श्रावण मास : कैसे चढ़ाएं पुष्पों को | |
कैसे चढ़ाएं पुष्पों को 1. फूल, फल और पत्ते जैसे ही उगते वैसे ही अर्पित करने चाहिए। चढ़ाते समय इनका मुंह ऊपर की ओर होना चाहिए। 2. दूर्वा और तुलसी दल को अपनी ओर और बेलपत्र को नीचे मुख कर चढ़ाना चाहिए। 3. दाहिने हाथ की हथेली को सीधा करके मध्यमा, अनामिका और अंगूठे की सहायता से फूल और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। 4. भगवान शिव पर चढ़े हुए पुष्प और पत्तों को अंगूठे और तर्जनी अंगुली की सहायता से उतारना चाहिए। | |
| श्रावण मास : भगवान भोले नाथ की आराधना | |
राशि अनुसार ऐसे करें श्रावण में भगवान भोले नाथ की आराधना मेष राशि:- अगर आपके पारिवारिक जीवन में समस्या है, दांपत्य सुख नहीं हैं, आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो श्रावण मास में हर रोज बेलपत्र पर लाल चंदन से नम: शिवाय लिखें। इसी मंत्र का जाप करते हुए जलाभिषेक करें। तत्पश्चात यह बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित कर दें। संपूर्ण कष्टों से छुटकारा मिलेगा। वृषभ राशि:- वृषभ राशि वाले कार्य सिद्धि व लाभ प्राप्ति के लिए नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत सर्वप्रथम शिवलिंग गंगाजल और दही से अभिषेक करें। उसके बाद कच्चा दूध चढ़ाएं। तत्पश्चात जल की धारा के साथ द्वादश ज्योर्तिलिंगों के मंत्रों का उच्चारण करें। शिवलिंग पर श्वेत चंदन से तिलक करें और हारसिंगार के पुष्प अर्पित करें। मिथुन राशि:- मिथुन राशि का स्वामी बुध और चंद्रमा के हमेशा आपस बैर रहा है। यदि आपकी जन्मकुंडली में चंद्रमा कमजोर है। आपकी मानसिक अवस्था अस्थिर रहती है। कारोबारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, कारोबार में बचत नहीं हो रही है तो श्रावण महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत हो स्नानोपरांत ऊँ नम: शिवाय का जाप करते हुए गंगाजल में श्रद्धानुसार शहद मिलाकर अभिषेक करें। कर्क राशि:- कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा जो भगवान शिव का प्रिय श्रृंगार हैं। जीवन में कोई भी समस्या हो उन समस्याओं के निवारण के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत हो स्नानोपरांत गंगाजल, दूध व मिश्री मिलाकर ऊँ चंद्र मोलेश्वराय नम: इस मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें। कन्या राशि:- कन्या राशि वाले लोग व्यवसाय में हानि से बचने, नौकार में सफलता पाने व पारिवारिक सुख के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत ऊँ त्रिमूर्तितेय नम: मंत्र का जाप करते हुए दूध, घी और शहद से अभिषेक करें। तुला राशि:- तुला राशि वाले लोग दांपत्य सुख, व्यवसाय वृद्धि एवं संतान सुख के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत दही और गन्ने के रस से शिवलिंग पर ऊँ श्री कंठाय नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें। वृश्चिक राशि:- वृश्चिक राशि वाले अपनी जीवन की संपूर्ण सफलता के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत तीर्थ स्थान के जल में दूध और शक्कर मिलाकर ऊँ नम: शिवाय कालं महाकाल कालं कृपालं ऊं नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें। धनु राशि:- धनु राशि वाले मनोवांछित सफलता प्राप्त करने के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत गंगा जल, कच्चे दूध व केसर मिलाकर ऊँ महेश्वराय नम: इस मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें। मकर राशि:- मकर राशि वाले व्यवसाय में सफलता, पारिवारिक जीवन सुख व मनोनुकूल कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत बादाम के तेल से ऊँ सर्वभूतहराय नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें। कुंभ राशि:- कुंभ राशि वाले लोग परिवार में कष्ट हो, कारोबार में हानि हो, शारिरिक परेशानियों के निवारण हेतु श्रावण के महीने में हर रोज नित्यकर्म से निवृत्त हो स्नानोपरांत घी, शहद और शक्कर से ऊँ अव्यक्ताय नम: मंत्र का जाप करते हुए अभिषेक करें। | |
| श्रावण मास : किससे बने शिवलिंग की पूजा करें | |
किससे बने शिवलिंग की पूजा करने से क्या लाभ होगा 1. कानूनी समस्याओं के निवारण के लिए लहसुनिया पत्थर का शिवलिंग बनाकर पूजा करना लाभकारी होता है। 2. अनावश्यक विघ्, परेशानी, भय और भ्रम के निवारण के लिए दूर्वा को पीसकर उसको शिवलिंग का आकार देकर पूजन करें। संपूर्ण कष्टों से छुटकारा मिलेगा। 3. संतान प्राप्ति के लिए बांस के अंकुर से शिवलिंग का निर्माण करें और पूजन करें। 4. कारोबार में वृद्धि, धन प्राप्ति, बचत आदि के लिए दही को कपड़े में बांधकर पानी निकालने के बाद जब दही कठोर होता है तो उससे शिवलिंग बनाकर पूजन करें। संपूर्ण धन संबंधी परेशानियों का निवारण होगा। 5. पारिवारिक सुख, वैवाहिक समस्याओं के निवारण, चीनी का शिवलिंग बनाकर पूजन करें। 6. आरोग्य रोगों से मुक्ति पाने के लिए चंदन से बने शिवलिंग की पूजा करें। 7. जीवन की संपूर्ण सफलताओं के लिए चांदी, स्वर्ण, पारद, स्फटिक व नरदेश्वर शिवलिंग की पूजा करना अति कल्याणकारी माना गया है। | |
| श्रावण मास : इन सोमवार को करें उपाय | |
तुला राशि
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| श्रावण मास : इन सोमवार को करें उपाय | |
श्रावण के ये चार सोमवार बदल देंगे आपके संपूर्ण ग्रहों की दशा
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| शिव | |
किस पुष्प से क्या लाभ मिलेगा 1. कमल पुष्प, बेलपत्र और शंख पुष्पी के पुष्पों से पूजन करने से कारोबार में वृद्धि, सुख और सौभाग्य का लाभ प्राप्त होता है। 2. आक के पुष्पों से पूजा करने से वर्चस्व में बढ़ोतरी होती है। 3. जवा पुष्पों से पूजा करने से कानूनी मसलें व शत्रुओं से पीछा छूटता है। 4. हारसिंगार के पुष्पों से पूजा करने से पारिवारिक सुख जीवन, साथी का सुख और संतान सुख की प्राप्ति होती है। 5. चंपा और केतकी के फूलों को छोड़कर सभी पुष्पों से भगवान महादेव की पूजा की जा सकती हैं। | |