We cannot change the circumstances in which our soul chose to be born, but we can definitely change the circumstances in which we grow.ASTROLOGY, VASTU SASTRA, AURA, AROMA. SHIVYOG,ARTOF LIVING, ISHAYOG,OSHO AND NEWAGE MEDITATION अध्यात्म, ज्योतिष, यन्त्र-मन्त्र-तन्त्र, वेद, पुराण, इतिहास, गुढ़-रहस्य समस्त समस्या का निराकरण सम्भव नहीं है, मात्र कुछेक समस्या का ही समाधान सम्भव है। Accurate Horoscope Analysis and Remedies for All Problems
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Tuesday, 21 May 2013
Saturday, 3 September 2011
शिव की पूजा
भगवान शिव की पूजा से कई लाभ हैं। इनका भिन्न-भिन्न चीजों से अभिषेक किया जाए, तो उपासकों की कई इच्छाओं की पूर्ति होती है। अगर आपको धन की कामना है, तो शहद और देशी घी से इनका अभिषेक करें। इसी प्रकार मोक्ष प्राप्ति के लिए किसी तीर्थ स्थल के जल से शिवलिंग का अभिषेक करना उचित माना गया है।
बुद्धि की जड़ता को दूर करने के लिए शक्कर मिश्रित दूध से इनका अभिषेक करने से लाभ होता है।
अगर आप शत्रु जनित पीड़ा से परेशान हैं, तो शिवलिंग का सरसों के तेल से अभिषेक कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
आजीवन आरोग्यता पाने के लिए शिवलिंग का देशी घी से अभिषेक करने की बात शास्त्रों में बताई गई है।
दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने से उपासक की मनोकामना पूर्ण होती है और उन्हें दीर्घायु का आशीर्वाद भी मिलता है।
Monday, 18 July 2011
इन उपायों से हर मनोकामना पूरी करेंगे शिव
- ज्वर(बुखार) से पीडि़त होने पर भगवान शिव को जलधारा चढ़ाने से शीघ्रताशीघ्र लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जलधारा द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।
- उत्तम भस्म धारण कर दिव्य द्रव्यों से शिव की पूजा करने तथा सहस्त्रनाम मंत्रों से घी की धारा चढ़ाने से वंश की वृद्धि होती है।
- नपुंसक व्यक्ति अगर घी की धारा शिव पर चढ़ाएं व ब्राह्मणों को भोजन कराए तथा प्राजापत्य व्रत करे तो उसकी समस्या का निदान हो जाता है।
- बुद्धि जड़ हो जाने पर शिव को शक्कर मिला दूध चढ़ाने से साधक बृहस्पति के समान बुद्धिमान हो जाता है। यदि किसी कार्य में मन न लगे तो भी शिव को दूध चढ़ाना चाहिए।
- भगवान शिव पर ईख(गन्ना) के रस की धारा चढ़ाई जाए तो सभी आनन्दों की प्राप्ति होती है।
-शिव को गंगाजल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
- मधु(शहद) की धारा शिव पर चढ़ाने से राजयक्ष्मा(टी.बी) रोग दूर हो जाता है।
इन सभी रसों की धाराएं मृत्युंजय मंत्र से चढ़ानी चाहिए, उसमें भी उक्त मंत्र का दस हजार जप करना चाहिए तथा ग्यारह ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। तभी मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
Saturday, 16 July 2011
श्रावण मास : कैसे चढ़ाएं पुष्पों को
| श्रावण मास : कैसे चढ़ाएं पुष्पों को | |
कैसे चढ़ाएं पुष्पों को 1. फूल, फल और पत्ते जैसे ही उगते वैसे ही अर्पित करने चाहिए। चढ़ाते समय इनका मुंह ऊपर की ओर होना चाहिए। 2. दूर्वा और तुलसी दल को अपनी ओर और बेलपत्र को नीचे मुख कर चढ़ाना चाहिए। 3. दाहिने हाथ की हथेली को सीधा करके मध्यमा, अनामिका और अंगूठे की सहायता से फूल और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। 4. भगवान शिव पर चढ़े हुए पुष्प और पत्तों को अंगूठे और तर्जनी अंगुली की सहायता से उतारना चाहिए। | |
श्रावण मास : किससे बने शिवलिंग की पूजा करें
| श्रावण मास : किससे बने शिवलिंग की पूजा करें | |
किससे बने शिवलिंग की पूजा करने से क्या लाभ होगा 1. कानूनी समस्याओं के निवारण के लिए लहसुनिया पत्थर का शिवलिंग बनाकर पूजा करना लाभकारी होता है। 2. अनावश्यक विघ्, परेशानी, भय और भ्रम के निवारण के लिए दूर्वा को पीसकर उसको शिवलिंग का आकार देकर पूजन करें। संपूर्ण कष्टों से छुटकारा मिलेगा। 3. संतान प्राप्ति के लिए बांस के अंकुर से शिवलिंग का निर्माण करें और पूजन करें। 4. कारोबार में वृद्धि, धन प्राप्ति, बचत आदि के लिए दही को कपड़े में बांधकर पानी निकालने के बाद जब दही कठोर होता है तो उससे शिवलिंग बनाकर पूजन करें। संपूर्ण धन संबंधी परेशानियों का निवारण होगा। 5. पारिवारिक सुख, वैवाहिक समस्याओं के निवारण, चीनी का शिवलिंग बनाकर पूजन करें। 6. आरोग्य रोगों से मुक्ति पाने के लिए चंदन से बने शिवलिंग की पूजा करें। 7. जीवन की संपूर्ण सफलताओं के लिए चांदी, स्वर्ण, पारद, स्फटिक व नरदेश्वर शिवलिंग की पूजा करना अति कल्याणकारी माना गया है। | |
श्रावण मास : इन सोमवार को करें उपाय
| श्रावण मास : इन सोमवार को करें उपाय | |
तुला राशि
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श्रावण मास : किस पुष्प से क्या लाभ मिलेगा शिव
| शिव | |
किस पुष्प से क्या लाभ मिलेगा 1. कमल पुष्प, बेलपत्र और शंख पुष्पी के पुष्पों से पूजन करने से कारोबार में वृद्धि, सुख और सौभाग्य का लाभ प्राप्त होता है। 2. आक के पुष्पों से पूजा करने से वर्चस्व में बढ़ोतरी होती है। 3. जवा पुष्पों से पूजा करने से कानूनी मसलें व शत्रुओं से पीछा छूटता है। 4. हारसिंगार के पुष्पों से पूजा करने से पारिवारिक सुख जीवन, साथी का सुख और संतान सुख की प्राप्ति होती है। 5. चंपा और केतकी के फूलों को छोड़कर सभी पुष्पों से भगवान महादेव की पूजा की जा सकती हैं। | |
Friday, 15 July 2011
कुछ ही दिनों में आपका वेतन भी बढ़ जाएगा, यह उपाय करें..
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह अशुभ फल देने वाला हो या अन्य कोई बुरा फल देने वाली स्थिति बन रही है तो आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रहों के अशुभ योग या बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधीत ग्रह का उपचार किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त यह उपाय करें-
किसी भी सोमवार से शिव का पंचोपचार पूजन प्रारंभ करें। यह पूजन प्रतिदिन किया जाना चाहिए। शिवलिंग सजाकर शिवमहिम्र का पाठ करें। इसके अलावा किसी भी सोमवार को खीर चावल का हवन करें, इसके साथ ही इस मंत्र का जप करें- ऊँ ह्रीं क्लीं श्रीं नम:। ऐसा करने से अतिशीघ्र आय के स्रोतों में बढ़ोतरी होगी। सदैव इस मंत्र का जाप करने से भी धन बढ़ता है।
ग्रहों के अशुभ योग या बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधीत ग्रह का उपचार किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त यह उपाय करें-
किसी भी सोमवार से शिव का पंचोपचार पूजन प्रारंभ करें। यह पूजन प्रतिदिन किया जाना चाहिए। शिवलिंग सजाकर शिवमहिम्र का पाठ करें। इसके अलावा किसी भी सोमवार को खीर चावल का हवन करें, इसके साथ ही इस मंत्र का जप करें- ऊँ ह्रीं क्लीं श्रीं नम:। ऐसा करने से अतिशीघ्र आय के स्रोतों में बढ़ोतरी होगी। सदैव इस मंत्र का जाप करने से भी धन बढ़ता है।
सावन का पहला सोमवार - क्या करें शिव को अर्पण?
सावन में हर सोमवार को व्रत बहुत शुभ फल देने वाला होता है। भगवान शिव की उपासना को समर्पित इस व्रत को करने से हर व्रती पर शिव कृपा के साथ मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना गया है। इस बार सावन में चार सोमवार दिनांक 18, 25 JULY , 1और 8 AUG आएंगे। इस वर्ष इसी व्रत परंपरा में पहला सावन सोमवार का व्रत 18JULY.2011 को रखा जाएगा।
। सावन के हर सोमवार को शिव पूजा में विशेष सामग्री चढ़ाने का भी धार्मिक महत्व है।
सावन के पहले सोमवार की सरल व्रत विधि के अनुसार शिव के साथ माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय और नंदी जी की पूजा होती है।
- यह पूजा पूर्व दिशा की ओर या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करें।
- गंध, फूल, धूप, दीप, दूध, जल, शहद, घी, गुड, जनेऊ, चंदन, रोली, कपूर से यथोपचार पूजा और अभिषेक पूजन करना चाहिए। शिवालय में शिव पर जलधारा और अभिषेक बहुत फलदायी माना जाता है।
- सावन के पहले सोमवार को कच्चे चावल पूजा में भगवान शिव को चढ़ाने का महत्व है।
- सफेद पुष्प, बेलपत्र, भांग-धतूरा भी शिव पूजा में चढ़ाएं। शिव स्त्रोतों और स्तुति का पाठ करें।
- संभव हो तो रात्रि जागरण का भी महत्व है।
Śiva Kavaca
ॐ नमः शिवाय
om namaḥ śivāya
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं शिवाय स्वाहा
om hrīṁ śrīṁ klīṁ śivāya svāhā
ॐ ह्रीं क्लीं हुं शिवाय नमः
om hrīṁ klīṁ huṁ śivāya namaḥ
ॐ नमः शिवाय शान्ताय स्वाहा
om namaḥ śivāya śāntāya svāhā
Thursday, 14 July 2011
श्रावण के महीने
लक्ष्मी प्राप्ति के टोटके :
श्रावण के महीने में
108 बिल्व पत्रों पर
चन्दन से नमः शिवाय लिखकर इसी मंत्र का जप करते हुए शिवजी को अर्पित करें।
31 दिन तक यह प्रयोग करें,
घर में सुख-शांति एवं सम्रद्धि आएगी, रोग, बाधा, मुकदमा आदि में लाभ एवं व्यापार में प्रगति होगी व नया रोजगार मिलेगा। यह एक अचूक प्रयोग है।
भगवान् को भोग लगाई हुई थाली अंतिम आदमी के भोजन करने तक ठाकुरजी के सामने रखी रहे तो रसोई बीच में ख़त्म नहीं होती है।
श्रावण के महीने में
108 बिल्व पत्रों पर
चन्दन से नमः शिवाय लिखकर इसी मंत्र का जप करते हुए शिवजी को अर्पित करें।
31 दिन तक यह प्रयोग करें,
घर में सुख-शांति एवं सम्रद्धि आएगी, रोग, बाधा, मुकदमा आदि में लाभ एवं व्यापार में प्रगति होगी व नया रोजगार मिलेगा। यह एक अचूक प्रयोग है।
भगवान् को भोग लगाई हुई थाली अंतिम आदमी के भोजन करने तक ठाकुरजी के सामने रखी रहे तो रसोई बीच में ख़त्म नहीं होती है।
Tuesday, 12 July 2011
कुंडली दोष मिटाने के छोटे लेकिन अचूक उपाय
Source: धर्म ङेस्क. उज्जैन
जन्मकुंडली में बारह घर होते हैं। सभी घरों यानी भाव का अपना एक विशेष प्रभाव होता है। इन घरों में पडऩे वाली राशि और ग्रह हमारे पूरे जीवन पर जन्म से लेकर मृत्यु तक असर डालते हैं। ज्योतिष में नौ ग्रहों को बारह राशियों का स्वामित्व दिया गया है। इन नौ ग्रहों को आपस में शत्रु और मित्र बताया गया हैं। यह राशि और ग्रह मिल कर ही कुंडली में शुभ और अशुभ योग बनाते हैं।
पाप ग्रह और उनकी राशियां मिलकर कुंडली में दोष पैदा करते हैं। ज्योतिष के अनुसार कुंडली में कई तरह के दोष बताए गए हैं। वैसे तो कुंडली के विशेष दोषों को खत्म करने के लिए विशेष पूजा की जाती है, लेकिन कुछ छोटे-छोटे दोष जो बड़ा अशुभ फल देेते हैं, उनके निवारण के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। जिनसे जीवन में परेशानियां और संकट दूर हो जाते हैं।
कुंडली के दोष मिटाने के उपाय
- शिवजी की उपासना करें।
- सोमवार का व्रत करें।
- भगवान शिव पर चांदी का नाग अर्पण करें।
- बिल्व पत्रों से 108 आहूतियां दें।
- अपने इष्ट देवता की पूजा करें।
- कुल के देवी देवता की पूजा करें।
- पितृ दोष खत्म करने के लिए पितृ पूजा या तर्पण करें।
पूर्वजन्मकृ्त किसी श्रापादि जन्य दुष्प्रभाव से मुक्ति का सहज उपाय :-
पूर्वजन्मकृ्त किसी श्रापादि जन्य दुष्प्रभाव से मुक्ति का सहज उपाय :-
प्रत्येक महीने में कृ्ष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि, जिसे कि मास-शिवरात्रि भी कहा जाता है. वर्षप्रयन्त यदि उस दिन उपवास रख, शिवलिंग पर चन्दन, जल, दूध, शहद,व बेलफल अर्पित करने तथा स्व इच्छित संख्या में " ॐ ह्रीं नम: शिवाय ह्रीं ॐ " का जाप किया जाए. तत्पश्चात त्रिधातु (सोना, चाँदी, ताँबा मिश्रित) का छल्ला अनामिका अंगुली में धारण करें एवं रात्रि समय सोने से पूर्व कुछ समय जाने अनजाने में किए गए किन्ही अपराधों की क्षमाप्रार्थना कर श्री महामृ्त्युंजय मन्त्र का जाप किया जाए तो पूर्वजन्मकृ्त कईं प्रकार के दोषों से सहज ही मुक्ति प्राप्त की जा सकती है.
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