Search This Blog

Showing posts with label उपाय -. Show all posts
Showing posts with label उपाय -. Show all posts

Tuesday, 12 June 2012

जानें ये आसान उपाय -

जानें ये आसान उपाय - 
- पारिवारिक अशांति व तनाव दूर करने के लिए गाय के दूध से शिव अभिषेक बहुत ही मंगलकारी है।
- काम, आजीविका, नौकरी में तरक्की या अच्छे रोजगार की कामना है तो शिवलिंग का शहद की धारा से अभिषेक करें।
- लंबी या लाइलाज बीमारी से तंग हैं तो पंचमुखी शिवलिंग पर तीर्थ का जल अर्पित करने से रोगमुक्त होंगे। 
- सोमवार को शिवलिंग में आंकड़े का फूल या धतूरा चढ़ाने से पारिवारिक, कार्यक्षेत्र या अदालती विवादों से छुटकारा या मनचाहे नतीजे मिलते हैं।
- मान्यताओं में शिव को भांग प्रेमी भी माना जाता है। दूध में भांग मिलाकर मानसिक परेशानियों से मुक्ति पाएं।
- सोमवार कालसर्प दोष शांति के लिए बहुत शुभ है। इसलिए इसके लिए जिम्मेदार राहु ग्रह के 18000 मंत्र जप किसी विद्वान ब्राह्मण से जानकर अवश्य करें।
- इन सब उपायों में से कोई भी न कर सके तो कम से कम सोमवार शिव को पावन जल और बिल्वपत्र ही अर्पित कर दें। इससे जीवन में हो रही हर उथल-पुथल थम जाएगी।

Tuesday, 6 September 2011

STRENGTHENING FOR FUNCTIONAL BENEFICS

STRENGTHENING FOR FUNCTIONAL BENEFICS

1.     WEARING OF 'KAVACH' (PROTECTING SHIELD) OR A SPECIAL POWER KAVACH.    THE KAVACH OR SPECIAL POWER KAVACH CONTAINS MYSTICAL NUMBERS OF ALL FUNCTIONAL BENEFICS FOR A PARTICULAR ASCENDANT AND DISPENSES WITH THE NECESSITY OF WEARING GEMS, ESPECIALLY DIFFERENT STONES FOR DIFFERENT PLANETS. WHERE THERE ARE STRONG AFFLICTIONS, WEARING OF THE SPECIAL POWER KAVACH IS RECOMMENDED.


2.     WEARING OF GEMS FOR FUNCTIONAL BENEFIC PLANETS.

3. COLORS THERAPY.

The dress of colors indicated against each planet when functional benefic on days ruled by the concerned planet, should be used.

SUN                   ORANGE, PINK
 
MOON                WHITE.
 
MARS                BURNING RED
 
JUPITER            YELLOW, GREEN
 
SATURN             BLACK, DARK BROWN, NAVY BLUE.
 
MERCURY          DARK GREEN
 
VENUS               VARIEGATED, ROYAL BLUE.

Monday, 5 September 2011

उपाय

 
Lal Kitab Remedies :

The ancient book Lal-quitab is famous for remedies. Remedies suggested by this red book are easy and effective. These remedies are cheap and within the reach of the common man. Few are as -

1) For 15 days continuously, donate unboiled milk to any temple and on the same day feed a dog with milk.

2) Drink water in a silver tumbler. Do not wear green or blue clothes.

3) Put a tilakam of turmeric on your forehead daily and float a handful of wheat and rice in a flowing river before travelling.

4) Donate a coconut (brown colour, containing water) in any temple daily for 43 continuous days.

5) Feed 10 blind persons with sweets (gulab jamuns).

6) Float an unpeeled dry coconut and a few dry almonds (with shell on them) in a flowing river.

7) Get your left nostril pierced with a silver-wire. Keep the silver-wire pierced in the nostril atleast for 5 days. Throw the wire in the river after removing it.

8) Keep a glassful of water near the head-side of your bed at bedtime. Next morning, pour that water onto a plant/tree. (43 days continuously)

9) Throw 100 handful of uncooked rice in a pond / lake.

10) Keep a monkey toy, made of clay in your house. Feed the monkeys with bananas.

11) Put turmeric tilak on your forehead daily.

Saturday, 20 August 2011

घर की उर्जा को शुद्ध हेतु कुछ सुझाव

घर की उर्जा को शुद्ध व कलह हो नियंत्रित करने हेतु कुछ सुझाव

आपकी सहायता हेतु वास्तु अनुरूप घर की उर्जा को शुद्ध व कलह हो नियंत्रित करने हेतु कुछ सुझाव :-

- गुग्गुल युक्त धूप व अगरवत्ती प्रज्वलित करें वेदमंत्र का उच्चारण करते हुए समस्त गृह में घुमाएं।
- जब भी किसी महत्व्यपूर्ण कार्य हेतु निकले तो कुछ कदम शुभ दिशा अर्थात उत्तर पूर्व की तरफ चल कर कार्य पर जाये |
- घर के मुख्य द्वार पर गणपति को स्थापित कर सिंदूर चढ़ाए फिर उसी सिंदूर से दायीं तरफ स्वास्तिक व बाई तरफ ॐ बनाएं।
- घर में झाड़ू को उत्तर पूर्व में खुले में या खड़ा करके नहीं रखना चाहिए उसे पैर नहीं लगना चाहिए, न ही लांघा जाना चाहिए, ऐसा रखे की आगंतुक को दिखाई न दे |

Monday, 8 August 2011

नवग्रह

नवग्रह  टोटके


नवग्रह शांतिदायक टोटके-------   
सूर्यः-

१॰ सूर्यदेव के दोष के लिए खीर का भोजन बनाओ और रोजाना चींटी के बिलों पर रखकर आवो और केले को छील कर रखो ।
२॰ जब वापस आवो तभी गाय को खीर और केला खिलाओ ।
३॰ जल और गाय का दूध मिलाकर सूर्यदेव को चढ़ावो। जब जल चढ़ाओ, तो इस तरह से कि सूर्य की किरणें उस गिरते हुए जल में से निकल कर आपके मस्तिष्क पर प्रवाहित हो ।
४॰ जल से अर्घ्य देने के बाद जहाँ पर जल चढ़ाया है, वहाँ पर सवा मुट्ठी साबुत चावल चढ़ा देवें ।
चन्द्रमाः-
१॰ पूर्णिमा के दिन गोला, बूरा तथा घी मिलाकर गाय को खिलायें । ५ पूर्णमासी तक गाय को खिलाना है ।
२॰ ५ पूर्णमासी तक केवल शुक्ल पक्ष में प्रत्येक १५ दिन गंगाजल तथा गाय का दूध चन्द्रमा उदय होने के बाद चन्द्रमा को अर्घ्य दें । अर्घ्य देते समय ऊपर दी गई विधि का इस्तेमाल करें ।
३॰ जब चाँदनी रात हो, तब जल के किनारे जल में चन्द्रमा के प्रतिबिम्ब को हाथ जोड़कर दस मिनट तक खड़ा रहे और फिर पानी में मीठा प्रसाद चढ़ा देवें, घी का दीपक प्रज्जवलित करें । उक्त प्रयोग घर में भी कर सकते हैं, पीतल के बर्तन में पानी भरकर छत पर रखकर या जहाँ भी चन्द्रमा का प्रतिबिम्ब पानी में दिख सके वहीं पर यह कार्य कर सकते हैं ।
मंगलः-
१॰ चावलों को उबालने के बाद बचे हुए माँड-पानी में उतना ही पानी तथा १०० ग्राम गुड़ मिलाकर गाय को खिलाओ ।
२॰ सवा महीने में जितने दिन होते हैं, उतने साबुत चावल पीले कपड़े में बाँध कर यह पोटली अपने साथ रखो । यह प्रयोग सवा महीने तक करना है ।
३॰ मंगलवार के दिन हनुमान् जी के व्रत रखे । कम-से-कम पाँच मंगलवार तक ।
४॰ किसी जंगल जहाँ बन्दर रहते हो, में सवा मीटर लाल कपड़ा बाँध कर आये, फिर रोजाना अथवा मंगलवार के दिन उस जंगल में बन्दरों को चने और गुड़ खिलाये ।
बुधः-
१॰ सवा मीटर सफेद कपड़े में हल्दी से २१ स्थान पर “ॐ” लिखें तथा उसे पीपल पर लटका दें ।
२॰ बुधवार के दिन थोड़े गेहूँ तथा चने दूध में डालकर पीपल पर चढ़ावें ।
३॰ सोमवार से बुधवार तक हर सप्ताह कनैर के पेड़ पर दूध चढ़ावें । जिस दिन से शुरुआत करें उस दिन कनैर के पौधे की जड़ों में कलावा बाँधें । यह प्रयोग कम-से-कम पाँच सप्ताह करें ।
बृहस्पतिः-
१॰ साँड को रोजाना सवा किलो ७ अनाज, सवा सौ ग्राम गुड़ सवा महीने तक खिलायें ।
२॰ हल्दी पाँच गाँठ पीले कपड़े में बाँधकर पीपल के पेड़ पर बाँध दें तथा ३ गाँठ पीले कपड़े में बाँधकर अपने साथ रखें ।
३॰ बृहस्पतिवार के दिन भुने हुए चने बिना नमक के ग्यारह मन्दिरों के सामने बांटे । सुबह उठने के बाद घर से निकलते ही जो भी जीव सामने आये उसे ही खिलावें चाहे कोई जानवे हो या मनुष्य ।
शुक्रः-
१॰ उड़द का पौधा घर में लगाकर उस पर सुबह के समय दूध चढ़ावें । प्रथम दिन संकल्प कर पौधे की जड़ में कलावा बाँधें । यह प्रयोग सवा दो महीने तक करना है ।
२॰ सवा दो महीने में जितने दिन होते है, उतने उड़द के दाने सफेद कपड़े में बाँधकर अपने पास रखें ।
३॰ शुक्रवार के दिन पाँच गेंदा के फूल तथा सवा सौ उड़द पीपल की खोखर में रखें, कम-से-कम पाँच शुक्रवार तक ।
शनिः-
१॰ सवा महिने तक प्रतिदिन तेली के घर बैल को गुड़ तथा तेल लगी रोटी खिलावें ।
राहूः-
१॰ चन्दन की लकड़ी साथ में रखें । रोजाना सुबह उस चन्दन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर पानी में मिलाकर उस पानी को पियें ।
२॰ साबुत मूंग का खाने में अधिक सेवन करें ।
३॰ साबुत गेहूं उबालकर मीठा डालकर कोड़ी मनुष्यों को खिलावें तथा सत्कार करके घर वापस आवें ।
केतुः-
१॰ मिट्टी के घड़े का बराबर आधा-आधा करो । ध्यान रहे नीचे का हिस्सा काम में लेना है, वह समतल हो अर्थात् किनारे उपर-नीचे न हो । इसमें अब एक छोटा सा छेद करें तथा इस हिस्से को ऐसे स्थान पर जहाँ मनुष्य-पशु आदि का आवागमन न हो अर्थात् एकान्त में, जमीन में गड्ढा कर के गाड़ दें । ऊपर का हिस्सा खुला रखें । अब रोजाना सुबह अपने ऊपर से उबार कर सवा सौ ग्राम दूध उस घड़े के हिस्से में चढ़ावें । दूध चढ़ाने के बाद उससे अलग हो जावें तथा जाते समय पीछे मुड़कर नहीं देखें ।

Saturday, 6 August 2011

शिवलिंग

शिवलिंग के प्रकार व लाभ
  1. '' गन्धलिंग `` दो भाग कस्तुरी, चार भाग चन्दन और तीन भाग कुंकम से बनाए जाते हैं शिव-सायुज्यार्थ इसकी अर्चना की जाती है।
  2. शर्करामयलिंग - सुखप्रद है।
  3. सोंढ, मिर्च पीपल के चूर्ण में नमक मिलाकर जो शिवलिंग बनाया जाता है। उसका प्रयोग व वशीकरण आदि अभिचार में किया जाता है।
  4. यज्ञकुण्ड से ली गई भस्म से जो शिवलिंग बनता है उसका पूजन अभीष्ट  देने वाला होता है।
  5. बाँस के अंकुर को शिवलिंग के समान काटकर पूजा करने से पंथ वृद्धि होती है।
  6. दही को कपडे में बांधकर निचोड़ देने के पश्चात उससे जो शिवलिंग बनता है उसका पूजन लक्ष्मी और सुख देने वाला होता है।
  7. गुड़ में अन्न चिपकाकर शिवलिंग बनाकर पूजा करने से कृषि उत्पादन अधिक होता है।
  8. किसी भी फल को शिवलिंग के समान रखकर उसकी पूजा करने से फलवाटिका में अधिक फल होता हैं।
  9. दुर्वा को शिवलिंगाकार गूंथकर उसकी पूजा करने से अकाल-मृत्यु का भय दूर होता है।
  10. मोती के बने शिवलिंग का पूजन स्त्री की भाग्य वृद्धि करता है।
  11. स्वर्ण निर्मित शिवलिंग समृद्धि का वर्द्धन करता है।
  12. चांदी का शिवलिंग धन-धान्य बढ़ाता है।
  13. पीपल का शिवलिंग दरिद्रता का निवारण करता है।
  14. लहसुनिया का शिवलिंग शत्रुओं का नाशक होता है, विजयदाता है।

Thursday, 4 August 2011

विवाह के समय / पूर्व अशुभ ग्रहों के उपाय -

विवाह के समय / पूर्व अशुभ ग्रहों के उपाय -----
विवाह के समय या विवाह के पूर्व अशुभ ग्रहों का उपाय (Remedies for malefic planets before and after marriage) कर लेना अनिवार्य होता है. खासकर पुरुषों को तो ये उपाय अवश्य ही करने चाहिए, क्योंकि विवाह के बाद पुरुष के ग्रहों का सम्पूर्ण प्रभाव स्त्री पर पड़ता है. अशुभ ग्रह से मुक्ति पाने और संन्तान प्राप्ति के लिए सम्बन्धित ग्रहों से बचाव करना चाहिए. ग्रहों की अनुसार ये उपाय निम्न है:- -
 सूर्य के लिए गेहूँ और तांबे का बर्तन दान करें.-

 चन्द्र के लिए चावल, दुध एवं चान्दी के वस्तुएं दान करें.

- मंगल के लिए साबुत, मसूर की दाल दान करें

- बुध के लिए साबुत मूंग का दान करें.

- बृ्हस्पति के लिए चने की दाल एवं सोने की वस्तु दान करें.

- शुक्र के लिए दही, घी, कपूर या मोती में से किसी एक बस्तु दान करें.

 - शनि के लिए काले साबुत उड़द एवं लोहे की वस्तु का दान करें.

- राहु के लिए सरसों एबं गोमेद का दान करें.

- केतु के लिए तिल का दान करें.