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Tuesday, 21 June 2011

उपाय


कुंडली में चंद्र और शनि एक साथ हो तो...

ज्योतिष एक ऐसा माध्यम है जिससे व्यक्ति के हर जन्म के कर्म और स्वभाव को जाना जा सकता है। ज्योतिष विज्ञान को आज लगभग सभी मानने लगे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्र और शनि के योग के क्या फल हैं? जानिए...

- जिस व्यक्ति की कुंडली में चंद्र और शनि प्रथम भाव में हो वह व्यक्ति नौकरी करने वाला, क्रूर, लोभी, नीच, आलसी और पापी हो सकता है। ऐसा व्यक्ति विश्वासपात्र नहीं होता।

- किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्र और शनि चतुर्थ भाव में हो तो वह व्यक्ति जल से संबंधित कार्य करने वाला होता है। ऐसे व्यक्ति खनिज पदार्थ का व्यवसाय करते हैं।

- कुंडली में चंद्र और शनि सप्तम भाव में हो तो व्यक्ति किसी मंत्री का प्रिय होता है परंतु स्त्रियों से कष्ट प्राप्त करने वाला होता है।

- चंद्र और शनि किसी व्यक्ति की कुंडली में दशम भाव में हो तो व्यक्ति शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने वाला, सुविख्यात और राजा के समान सुख प्राप्त करने वाला होता है।

ध्यान रहें अन्य सभी ग्रहों की स्थिति भी विचारणीय है।

बुरे प्रभाव से बचने के उपाय

- चंद्र से संबंधित वस्तुओं का दान करें।

- शनि की वस्तुएं दान करें और दान या उपहार में चंद्र या शनि से संबंधित वस्तुएं कभी ना लें।

- हनुमान जी का पूजन करें। प्रति मंगलवार और शनिवार को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं।

- प्रतिदिन हनुमान चालिसा का पाठ करें।

शिवलिंग पर चढ़ाएं कच्चा दूध, जो चाहोगे वही मिलेगा

शिव महापुराण के अनुसार सृष्टि निर्माण से पहले केवल शिवजी का ही अस्तित्व बताया गया है। भगवान शंकर ही वह शक्ति है जिसका न आदि है न अंत। इसका मतलब यही है कि शिवजी सृष्टि के निर्माण से पहले से हैं और प्रलय के बाद भी केवल महादेव का ही अस्तित्व रहेगा। अत: इनकी भक्ति मात्र से ही मनुष्य को सभी सुख, धन, मान-सम्मान आदि प्राप्त हो जाता है।

शास्त्रों के अनुसार भगवान शंकर को भोलेनाथ कहा गया है अर्थात् शिवजी अपने भक्तों की आस्था और श्रद्धा से बहुत ही जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। शिवजी के प्रसन्न होने के अर्थ यही है कि भक्त को सभी मनोवांछित फलों की प्राप्ति हो जाती है। भोलेनाथ को प्रसन्न करने के कई उपाय बताए गए हैं। इनकी पूजा, अर्चना, आरती करना श्रेष्ठ मार्ग हैं। प्रतिदिन विधिविधान से शिवलिंग का पूजन करने वाले श्रद्धालुओं को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

शिवजी को जल्द ही प्रसन्न के लिए शिवलिंग पर प्रतिदिन कच्चा गाय का दूध अर्पित करें। गाय को माता माना गया है अत: गौमाता का दूध पवित्र और पूजनीय है। इसे शिवलिंग पर चढ़ाने से महादेव श्रद्धालु की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

दूध की प्रकृति शीतलता प्रदान करने वाली होती है और शिवजी को ऐसी वस्तुएं अतिप्रिय हैं जो उन्हें शीतलता प्रदान करती हैं। इसके अलावा ज्योतिष में दूध चंद्र ग्रह से संबंधित माना गया है। चंद्र से संबंधित सभी दोषों को दूर करने के लिए प्रति सोमवार को शिवजी को दूध अर्पित करना चाहिए। मनोवांछित फल प्राप्त करने के लिए यह भी जरूरी है कि आपका आचरण पूरी तरह धार्मिक हो। ऐसा होने पर आपकी सभी मनोकामनाएं बहुत ही जल्द पूर्ण हो जाएंगी।

नौकरी से सम्बंधित उपाय

नौकरी से सम्बंधित उपाय
नौकरी प्राप्त करने एंव तबदीली हेतु उपाय

यदि किसी की नौकरी नहीं लगती तो ४३ दिन लगातार १२ बजे चीनी व लाल फूल डालकर सूर्य को जल दें।

जिस व्यक्ति की बार-बार तबदीली होती है तो उसे १० पीले नींबू बिना दाग वाले साफ चलते पानी में प्रवाहित करें।

तबदीली को रूकवाने के लिए जातक को सवा चार रत्ती का लहसुनिया चांदी की चैन में धारण करने बार-बार होने वाली तबदीली रूक जाती है।(बृहस्पतिवार के दिन सूर्योदय होने के पश्चात् उपाय करें)

पलाश (ढ़ाक) के पत्तों का डोना लाकर उसमें लाल गुलाब के फूल की पत्तियां डालकर शाम के समय जल प्रवाह करें।


यदि आप नौकरी के लिए इन्टरव्यु पर जाते हैं या कारोबार के सिलसिले में यात्रा पर जाते हैं तो घर से निकालने से पहले थोड़ा सा मीठा खाकर निकलें और साथ में आधा लीटर दूध मन्दिर में रखकर जाने से किसी भी कार्य में विध्न-बाधाएं नहीं आयेंगी।

कर्ज से छुटकारा पाना है तो यह करें

वर्तमान समय में वाहन खरीदने से लेकर घर खरीदने तक के लिए लोन आसानी से मिल जाता है। कुछ लोग बिना समझे ही लोन के चक्कर मे फंस जाते हैं और जब लोन चुकाने का समय आता है तो वह अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जाने-अनजाने में ही कर्ज की दलदल में फंस जाते हैं और जब उसमें धंसने लगते हैं तो उन्हें अपने किए पर पछतावा होता है। यदि आप भी लोन या कर्ज से परेशान है तो नीचे लिखे मंत्र का विधि-विधान से जप करें।
ऋणहर्ता गणेश मंत्र

ऊँ श्री गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नम: फट्

जप विधि

- सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण करके भगवान गणेश का पूजन करें। उन्हें दुर्वा चढ़ाएं, धूप, दीप व नैवेद्य अर्पण करें।

- इसके बाद एकांत स्थान पर बैठकर पूर्व दिशा में मुखकर कुश के आसन पर बैठ जाएं।

- रुद्राक्ष अथवा पन्ना की माला से इस मंत्र का कम से कम 5 माला जप करें।

- एक ही समय, स्थान, आसन व माला हो तो ठीक रहता है।

कुछ ही दिनों में आपकी कर्ज संबंधी समस्याएं दूर हो जाएंगी और आपका जीवन फिर पहले जैसा सुखमय हो जाएगा।

यदि मन भटकता है तो, सोमवार को अपनाएं ये टिप्स


shiva_pooja_fज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक मात्र चंद्र ऐसा ग्रह है तो बहुत तेज गति से चलता है। चंद्र मात्र ढाई दिन ही एक राशि में रुकता है। इसके चंचल स्वभाव के कारण इसे मन का देवता भी कहा जाता है। चंद्र हमारे मन को पूरी तरह प्रभावित करता है। यदि चंद्र नीच का या अशुभ फल देने वाला हो तो व्यक्ति पागल भी हो सकता है। चंद्र विपक्ष में होने पर व्यक्ति कोई भी निर्णय ठीक से नहीं कर पाता। मन भटकता रहता है। किसी भी कार्य को लगन से नहीं कर पाता। यदि आपको भी निर्णय लेने में काफी समय लगता है या सही निर्णय नहीं ले पाते है तो आपको यह उपाय करने चाहिए:
- प्रति सोमवार भगवान शिव की विशेष पूजा करें।
- प्रतिदिन शिव पर जल चढ़ाएं।
- प्रति सोमवार छोटी कन्याओं को दूध का सेवन कराएं।
- प्रति सोमवार बबूल के पेड़ की जड़ों में दूध चढ़ाएं।
- पीपल को रोज जल चढ़ाएं।
- सोमवार को सफेद गाय का दान करें।
- सोमवार को सफेद गाय को गुड़, चावल आदि खिलाएं।
- सोमवार नदी में चांदी का सिक्का प्रवाहित करें।
- अपने साथ हमेशा एक चांदी का सिक्का रखें।
- चंद्र से संबंधित दान स्वीकार न करें।
- गरीबों को दूध दान में दें।
- आपकी कुंडली किसी ज्योतिषी को दिखाकर परामर्श लें।

इंटरव्यू से सक्सेस पाने का अचूक फंडा

इंटरव्यू का नाम सुनते ही अच्छे अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। हर वक्त यही बात दिमाग में घुमती है कि इंटरव्यू में क्या प्रश्न पुछेंगे। उनका जबाव दे पाऊंगा या नहीं। इस तरह इंटरव्यू से पहले ही कई लोग नर्वस हो जाते हैं। यदि आप भी इंटरव्यू देने जा रहे हैं और उसमें सफलता चाहते हैं तो नीचे लिखा उपाय करें-
उपाय

शुभ दिन देखकर सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सफेद रंग का सूती आसन बिछाकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके उस पर बैठ जाएं। अब अपने सामने पीला कपड़ा बिछाकर उस पर 108 दानों वाली स्फटिक की माला रख दें और इस पर केसर व इत्र छिड़क कर इसका पूजन करें। इसके बाद धूप, दीप और अगरबत्ती दिखाकर नीचे लिखे मंत्र का 31 बार उच्चारण करें। इस प्रकार ग्यारह दिन तक करने से वह माला सिद्ध हो जाएगी। जब भी किसी इंटरव्यू में जाएं तो इस माला को पहन कर जाएं। ऐसे करने से शीघ्र ही इंटरव्यू में सफलता मिलेगी।

मंत्र

ऊँ ह्लीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा।


तंत्र शास्त्र के अंतर्गत अनेक समस्याओं का समाधान निहित है। यह साधारण तंत्र उपाय जल्दी ही शुभ परिणाम देते हैं। यदि इस संबंध आपकी कोई जिज्ञासा हो तो आप हमें पुछ सकते हैं। आप अपनी जिज्ञासा हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर पोस्ट करें। हम आपके प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयत्न करेंगे।

इन उपाय ठीक हो सकता है लकवा

वर्तमान की भागदौड़ भरी जिंदगी में कब कोई इंसान किस बीमारी की चपेट में आ जाए, कहना मुश्किल है। लकवा ऐसी ही एक बीमारी है जो अचानक ही किसी हंसते-खेलते व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लेती है। यह रोग तब होता है जब दिमाग का कोई हिस्सा अचानक काम करना बंद कर देता है। मेडिकल साइंस के इस दौर में लकवा का ईलाज भी संभव है। यदि ईलाज करवाने के साथ-साथ नीचे लिखे कुछ टोटके भी करें तो संभव है लकवा से पीडि़त व्यक्ति और भी जल्दी ठीक हो सकता है।  
उपाय 

- एक काले कपड़े में पीपल की सूखी जड़ को बांधकर लकवा से पीडि़त व्यक्ति के सिर के नीचे रखें तो कुछ ही दिनों में इसका असर दिखने लगेगा।

- प्रत्येक शनिवार के दिन एक नुकीली कील द्वारा लकवा पीडि़त अंग को आठ बार उसारकर शनिदेव का स्मरण करते हुए पीपल के वृक्ष की मिट्टी में गाड़ दें। साथ ही यह निवेदन करें कि जिस दिन अमुक रोग दूर हो जाएगा, उस दिन कील निकाल लेंगे। जब लकवा ठीक हो जाए तब शनिदेव व पीपल को धन्यवाद देते हुए वह कील निकालकर नदी में प्रवाहित कर दें।

- लकवे से पीडि़त व्यक्ति को लोहे की अंगूठी में नीलम एवं तांबे की अंगूठी में लहसुनिया जड़वाकर क्रमश: मध्यमा और कनिष्ठा अंगुली में पहना दें। इससे भी लकवा रोग में काफी लाभ होगा।

ऐसे लोगों को सहना पड़ता महिलाओं से अपमान...

ऐसे लोगों को सहना पड़ता महिलाओं से अपमान...

आधुनिकता के साथ ही हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है। हर क्षेत्र में कई बड़े पदों पर महिलाएं पदस्थ होती हैं। ऐसे में उनके अधिन कार्य करने वाले पुरुषों को कई बार उनसे डांट सुनना पड़ती है, अपमानित होना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य निर्धारित करता है कि आपको जीवन में मान-सम्मान मिलेगा या अपमान।
सूर्य और चंद्र यदि एक साथ, एक ही भाव में स्थित हो तो व्यक्ति को जीवन में कई बार अपमान झेलना पड़ता है।

- यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के प्रथम भाव में सूर्य और चंद्र स्थित हो तो उसे माता और पिता से दुख मिलता है। वह पुत्र से दुखी और निर्धन होता है।

- चंद्रमा और सूर्य चतुर्थ भाव में हो तो व्यक्ति को पुत्र और सुख से वंचित रहता है। ऐसा व्यक्ति मूर्ख और गरीब होता है।

- कुंडली के सप्तम भाव में सूर्य और चंद्रमा स्थित हो तो व्यक्ति जीवनभर पुत्र और स्त्रियों से अपमानित होता रहता है। ऐसे व्यक्ति के पास धन की भी कमी रहती है।

- सूर्य और चंद्रमा किसी व्यक्ति की कुंडली के दशम भाव में स्थित हो तो वह सुंदर शरीर वाला, नेतृत्व क्षमता का धनी, कुटिल स्वभाव का और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने वाला होता है।


स्त्रियों से अपमानित होने से बचने के उपाय

- प्रति दिन सूर्य को ब्रह्म मुहूर्त में जल चढ़ाएं।

- अधिक से अधिक हल्के और सफेद रंगों के कपड़ें पहनें। गहरे रंग के कपड़ों से बचें।

- सफेद रंग का रुमाल हमेशा अपने साथ रखें।

- प्रतिदिन केशर या चंदन का तिलक लगाएं।

- सूर्य एवं चंद्रमा से संबंधित वस्तुओं का दान करें।

- चंद्रमा से शुभ फल प्राप्त करने के लिए शिवजी और श्रीगणेश की आराधना करें।

मछलियां दूर कर देती हैं जीवन की हर परेशानी

मछलियां दूर कर देती हैं जीवन की हर परेशानी


जीवन के दो पहलु बताए गए हैं सुख और दुख। हर व्यक्ति को इन दोनों पहलुओं से रुबरु होना पड़ता है। किसी के जीवन में दुख अधिक होते हैं तो किसी के जीवन में सुख। शास्त्रों के अनुसार कर्मों के अनुसार ही हमें सुख या दुख प्राप्त होते हैं।

ऐसा माना जाता है कि पिछले जन्मों में किए गए कर्मों के आधार पर ही व्यक्ति को नया जन्म मिलता है। यदि किसी व्यक्ति को जीवन में काफी अधिक कष्ट भोगने पड़ रहे हैं तो उसे पुण्य कर्म करने चाहिए। जिससे कि पुराने पापों का नाश होता है और पुण्य की बढ़ोतरी होती है। ऐसा करने पर दुख के प्रभाव में कमी आती है तो सुख प्राप्त होने लगते हैं।

शास्त्रों के अनुसार सभी के कष्टों को दूर करने का एक सटीक उपाय बताया गया है मछलियों को आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर खिलाना। यदि आपकी कुंडली में कोई दोष या ग्रह बाधा हो तो इस उपाय काफी कारगर सिद्ध होता है। मछलियों को खाना खिलाने बहुत शुभ कर्म माना जाता है। इससे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था इससे मछलियों का महत्व काफी अधिक बढ़ जाता है। इसके अलावा सभी देवी-देवताओं और ग्रहों की कृपा प्राप्ति के लिए भी यह श्रेष्ठ उपाय है। प्रतिदिन मछलियों को आटे की छोटी-छोटी गोलियां खिलाने पर मन को असीम शांति की प्राप्ति होती है। हमेशा खुश और शांत रहने के लिए भी यह उपाय करना चाहिए।

एक्सीडेंट और अनहोनी से बचाते हैं ऐसे गाड़ी नंबर

 एक्सीडेंट और अनहोनी से बचाते हैं ऐसे गाड़ी नंबर
अगर आप एक्सीडेंट और अनहोनी से बचना चाहते हैं तो आपको अपने व्हीकल के नंबर पर ध्यान जरूर देना चाहिए। ऐसा देखने में आता है कि कई लोग जो सावधानी से ड्राइव करते हैं फिर भी दूसरे की गलती और असावधानी के कारण एक्सीडेंट हो जाता है। ऐसा भी होता है कि आप अपने व्हीकल पर बहुत खर्चा कर देते हैं फिर भी आपका वाहन साथ नही देता, उसमें कुछ न कुछ खराबी जरूर आ जाती है।

अगर आप अपनी गाड़ी का नंबर अंक ज्योतिष के अनुसार रखें तो ऐसी परेशानियों से बच जाएंगे और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाएं भी टल जाएगी। जानिए अंकज्यातिष के अनुसार कैसा होना चाहिए आपका गाड़ी नंबर.. 



अंक- 1 अगर आपकी जन्म दिनांक 1,10,19,और 28 है तो इस अंक वालों को अपने व्हिकल के नंबर ऐसे रखना चाहिए जिनका का कुल योग 1, 2, 4 या 7 आता हो।

अंक- 2 2,11,20, और 29 तारीख को जन्म लेने वाले लोगों के लिए वो वाहन अनुकूल है जिनके नंबर का कुल योग 1, 2, 4 या 7 हो।

अंक-3 जिन नंबर का कुल योग 3,6, या 9 होता है ऐसे नंबर 3,12,21 और 30 तारीख को जन्में लोगों के लिए भाग्यशाली होते हैं।

अंक-4 4,13,22, 31 तारीख वाले जातकों  इस अंक वालों की गाड़ी नंबर का कुल योग 1, 2, 4 या 7 होना चाहिए।

अंक-5 5,14,और 23 तारीख वाले जातकों को अपना गाड़ी नंबर ऐसा रखना चाहिए जिसका कुल योग 5 हो।

अंक-6  जिनका जन्म 6,15,24, तारीख को हुआ है उन्हे अपने मूलांक 6 के अनुसार ऐसा गाड़ी नंबर रखना चाहिए जिसका का कुल योग 3, 6, या 9 आता हो।

अंक -7 7,16,25, तारीख को जन्में लोग अपनी गाड़ी नंबर ऐसा रखें जिसका कुल योग 1, 2, 4 या 7 हो।

अंक-8 8,17,26, तारिख को जन्म लेने वाले लोग अपना गाड़ी नंबर का कुल योग 8 रखें ।

अंक-9  ऐसे लोग जिनका जन्म किसी भी महीने की 9,18 या 27 तारिख को हुआ है वो लोग मूलांक 9 के अनुसार अपनी गाड़ी के नंबर का कुल योग 9, 3, या 6 रखें तो उन्हे अच्छा लाभ मिलता है।

ग्लैमर, सुख और सुविधाएं चाहिए तो ऐसे मनाएं शुक्र को...

शुक्र का कुंङली में अच्छे स्थान पर होना ग्लैमर, वैभव और सुख देता है। शुक्र अगर अच्छे स्थान पर न हो तो आदमी को इन सभी का सुख नहीं मिलता। आज सभी अपनी जिंदगी में सारे सुख-साधन और सुविधाएं चाहते हैं।

शुक्र ऐसा ग्रह है जिसको सब अपनी पत्रिका में अनुकूल चाहते हैं। शुक्र वैभव, पत्नी, अच्छी संतान, ग्लैमर, सुख का दाता है लेकिन यदि शुक्र जन्म पत्रिका में असामान्य हो तो जातक इन सब से वंचित हो जाता है।

शुक्र यदि शुक्र के साथ युति करता हो तो उसको केवल अपनी ही स्त्री से लाभ होता हैं। अन्य स्त्री चाहे वह स्वच्छंद स्वभाव की क्यों न हो, उस पर नजर डालने से जातक को मानहानि का सामना करना पडता हैं।

केवल सदाचरण ही उसे सम्मान दिलाता हैं। शुक्र शत्रु या नीच राशि में स्थित हो जाए तो जातक को सम्मान की प्राप्ति नहीं होती। उसके किए कार्यो को भी रिस्पांस नहीं मिलता चाहे वह कितना भी अच्छा हो या मेहनत से किया गया हो।

शुक्र की अनुकूलता के लिए क्या करें?

- सबसे सामान्य व्यवहार करें।

- सदाचार का पालन करें।

- शुक्र का दान करें।

- सफेद वस्त्रों का ज्यादा उपयोग करें।

- गाय छोड़कर कोई जानवर घर में न पालें।

Thursday, April 21, 2011

लड़के के शीघ्र विवाह के लिए अचूक टोटका

हर माता-पिता की इच्छा होता है कि उनके बेटे का विवाह धूम-धाम से हो। लेकिन कभी-कभी कुछ कारणों के चलते उचित समय पर उसका विवाह नहीं हो पाता। यदि आपके साथ भी यही समस्या है तो नीचे लिखे टोटके से इस समस्या का निदान संभव है

उपाय

कुम्हार अपने चाक को जिस डंडे से घुमाता है, उसे किसी तरह किसी को बिना बताए प्राप्त कर लें। इसके बाद घर के किसी कोने को रंग-रोगन कर साफ कर लें। इस स्थान पर उस डंडे को लंहगा-चुनरी व सुहाग का अन्य सामग्री से सजाकर दुल्हन का स्वरूप देकर एक कोने में खड़ करके गुड़ और चावलों से इसकी पूजा करें। इससे लड़के का विवाह शीघ्र ही हो जाता है। यदि चालीस दिनों में इच्छा पूरी न हो तो फिर यही प्रक्रिया दोहराएं(डंडा प्राप्त करने से लेकर पूजा तक)। यह प्रक्रिया सात बार कर सकते हैं।

किन ग्रहों की वजह से होते हैं पिंपल्स...?

सभी को सुंदर दिखाने का शौक होता है। हर कोई चाहता है लोग उनकी सुंदरता की तारीफ करें। यदि आप सुंदर है, आपके नाक-नक्ष आकर्षक हैं परंतु चेहरे पर कील-मुंहासे हैं तो हर बात बेकार हो जाती है। कील-मुंहासे चेहरों पर भद्दे दाग के समान होते हैं।

सामान्यत: माना जाता है कि कील-मुंहासे खून की खराबी से होते हैं। साथ ही खान-पान की गड़बड़ी भी कील-मुंहासों को पैदा कर देती है। इस बात से परेशान होकर आप डॉक्टर के पास जाते हैं। दवाइयां आदि लेने के बाद भी यदि कील-मुंहासे ठीक नहीं हो रहे हैं तो हो सकता है किसी ग्रह दोष की वजह से आपको इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार त्वचा रोग के लिए बुध ग्रह, शनि, राहु, मंगल के अशुभ होने पर तथा सूर्य, चंद्र के कमजोर होने पर त्वचा रोग होते हैं। कुण्डली में षष्ठम यानि छठां भाव त्वचा से संबंधित होता है।

यदि कुंडली में सप्तम स्थान पर केतु भी त्वचा रोग का कारण बन सकता हैै। बुध यदि बलवान है तो यह रोग पूरा असर नहीं दिखाता, वहीं बुध के कमजोर रहने पर निश्चित ही त्वचा रोग परेशान कर सकते हैं।

त्वचा रोग और ग्रह

- चंद्र के कारण पानी अथवा मवाद से भरी फुंसी व मुंहासे होती है।

- मंगल के कारण रक्त विकार वाले कील-मुंहासे होते हैं।

- राहु के प्रभाव से दर्द देने वाले कील-मुंहासे होते हैं।

कील-मुंहासों को दूर करने के उपाय

- यदि षष्ठम स्थान पर कोई अशुभ ग्रह है तो उसका उपचार कराएं।

- सूर्य मंत्रों या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

- शनिवार के दिन कुत्ते को तेल चुपड़ी रोटी खिलाएं।

- सरस्वती स्तोत्र का पाठ करें।

- पारद शिवलिंग का पूजन करें।

- प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाएं और 7 परिक्रमा करें।


हर व्यक्ति की अपनी कुछ इच्छाएं रहती हैं जिसे वह पूरा करना चाहता है। उसकी यह इच्छाएं कभी पूरी होती है तो कभी नहीं भी होती। अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए वह अनेक प्रयास करता है। इसके लिए वह जन्मपत्रिका, हस्तरेखा, प्रश्नकुंडली, शकुन आदि का सहारा भी लेता है। मनोकामना पूर्ति के बारे में जानने की एक और सरल विधि है श्री हनुमान ज्योतिष यंत्र। इस यंत्र के माध्यम से व्यक्ति कोअपने प्रश्नों का उत्तर तुरंत मिल जाता है जैसे- दाम्पत्य सुख, विवाह में देरी, धन प्राप्ति, प्रेम में सफलता-असफलता आदि।

विधि

यह श्रीहनुमान ज्योतिष यंत्र है, जिसमें सात खाने (कॉलम) हैं। व्यक्ति सबसे पहले पांच बार ऊँ रां रामाय नम: मंत्र का तथा बाद में 11 बार ऊँ हनुमते नम: मंत्र का जप करे। इसके बाद आंख बंद करके अपनी मनोकामना के बारे में पूछते हुए इस यंत्र पर कर्सर घुमाएं। जिस खाने में यह कर्सर रूक जाए उसका फलादेश देखकर ही कार्य करें।

दाम्पत्य सुख

1- दाम्पत्य प्रेम में वृद्धि होगी।

2- प्रेम होगा किंतु विवाह के पश्चात।

3- जीवनसाथी के आने से भाग्योदय होगा और प्रेम भी बढ़ेगा।

4- परायों के कारण परेशानी होगी।

5- वाणी में मधुरता रखें, अन्यथा मतभेद और बढ़ेंगे। ऊँ नम: शिवाय का जप करें।

6- पैसों को लेकर तनाव और कलह रहेगी।

7- दाम्पत्य में खुशियां मिलेंगी।

रोग कब समाप्त होगा

कभी-कभी रोग इंसान को इतना परेशान कर देते हैं कि वह अपने आप को असहाय समझने लगता है। यदि आप भी किसी रोग से पीडि़त हैं और यह जानना चाहते हैं कि इस रोग से आपको कब मुक्ति मिलेगी तो श्रीहनुमान ज्योतिष यंत्र से आप इस प्रश्न का उत्तर पा सकते हैं।



1- रोग का उपाय करें, लाभ मिलेगा।

2- भक्ति में ही शक्ति है, इष्टदेव की भक्ति एवं उपासना करें। रोग से मुक्ति मिलेगी।

3- रोग गंभीर है, भारी परेशानी रहेगी।

4- अभी स्वस्थ होने में कम से कम छ: माह लगेंगे।

5- उपचार में परिवर्तन करें, शीघ्र लाभ मिलेगा।

6- दूसरे स्थान पर जाएं, जलवायु बदलने से लाभ मिलेगा।

7- प्रारब्ध का फल है। मुक्ति मिलना कठिन है।

विवाह संबंधी परेशानी कब समाप्त होगी



1- दक्षिण दिशा में विवाह का योग है लेकिन अभी देरी है।

2- शीघ्र ही आपकी मनोकामना पूरी होगी।

3- विवाह में बाधाएं आएंगी।

4- शिव-गौरी का पूजन करें तथा मंगलस्त्रोत का पाठ करें।

5- दो वर्ष के बाद विवाह का योग है।

6- अभी विवाह में अड़चने हैं।

7- शीघ्र ही विवाह होगा।


बुरा समय कब समाप्त होगा

1- आलस्य छोड़ें, काम करें। छ: माह में सफलता मिलने लगेगी।

2- अपनों की सलाह से चलें, मनमानी और जिद छोड़ें।

3- भाग्य अभी साथ नहीं है। थोड़े समय बाद अनुकूल होगा।

4- बुजुर्गों का आदर करें तथा दानपुण्य करें, लाभ मिलेगा।

5- पत्नी की सहायता से बुरा समय जल्दी ही कट जाएगा।

6- दो साल तक और अच्छे समय का इतंजार करना पड़ेगा।

7- शीघ्र ही आपका समय अच्छा आने वाला है।

 


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