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Tuesday, 12 June 2012

शिव पूजा

भौतिक सुखों को पाने के लिए धन की कामना भी अहम होती है। जिसे पूरा करने के लिए व्यावहारिक कर्मों के साथ धार्मिक कर्मों से ईश्वर की शरणागति भी सुखदायी मानी गई है। शास्त्रों के मुताबिक सुखों के ही देवता माने गए हैं - शिव।
धार्मिक आस्था है कि खुशहाली की कामना से जो शिव की शरण लेकर शुभ कर्म करता है। उसे शिव कृपा से सभी सुख प्राप्त होते हैं। शिव पुराण के मुताबिक सोमवार के दिन शिव पूजा में विशेष पूजा सामग्रियों के साथ-साथ तरह-तरह के अनाज चढ़ाने से भी कामनासिद्धी होती है। जिनमें धन कामना भी एक है।
जानते हैं शिव पूजा में किस तरह के अनाज चढ़ाकर धन कामना के अलावा कौन-से सुखों की इच्छा पूरी होती है?
- देव पूजा में अक्षत यानी चावल का चढ़ावा बहुत ही शुभ माना जाता है। शिव पूजा में भी महादेव या शिवलिंग के ऊपर चावल, जो टूटे न हो चढ़ाने से लक्ष्मी की कृपा यानी धन लाभ होता है।
- शिव की गेंहू चढ़ाकर की गई पूजा से संतान सुख मिलता है।
- शिव की तिल से पूजा करने पर मन, शरीर और विचारों के दोष का अंत हो जाता है।
- जौ चढ़ाकर शिव की पूजा अंतहीन सुख देती है।
- शिव को मूंग चढ़ाने से विशेष मनोरथ पूरे होते हैं।
- अरहर के पत्तों से शिव पूजा अनेक तरह के दु:ख दूर करती है।

Tuesday, 14 February 2012

महाशिवरात्रि

राशि के अनुसार हो शिव पूजा

शिव पुराण के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी, इसीलिए इस दिन किया गया शिव पूजन, व्रत और उपवास अनंत फल दायी होता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्रध्दालु भक्त अपनी राशि के अनुसार भी भगवान शिव की आराधना और पूजन कर मनोवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं । महाशिव रात्रि के दिन किसी भी राशि का जातक पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक कर सफेद अर्क के फूल चढ़ाकर चंदन से प्रणव (ॐ) बनाकर भी उपासना कर सकते हैं ।
तिल स्नान कर करें शिव पूजा- फागुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिव रात्रि महोत्सव मनाया जाता है । त्रयोदशी को एक बार भोजन करके चतुर्दशी को दिन भर अन्‍न नहीं ग्रहण करना चाहिए

। इसके अलावा यह भी मान्यता है कि काले तिलों से स्नान करके रात्रि में विधिवत शिव पूजन करना चाहिए

। भगवान शिव के सबसे प्रिय पुष्पों में कनेर, बेल पत्र तथा मौलसिरी है । लेकिन पूजन विधान में बेलपत्र सबसे प्रमुख है । शिवजी पर पका आम चढ़ाने से विशेष फल प्राप्त होता है ।

लोक मंगलकारी है रूद्र शिव- शिवलिंग पर चढ़ाए गए पुष्प, फल तथा जल को नहीं ग्रहण करना चाहिए ।

भघवान ब्रह्मा जी की तीन शक्तियों में ब्रह्मा, विष्णु, महेश का नाम उल्लेखनीय है। इन्हीं शक्तियों मे ंएक रूलाने

के कारम रूद्र तथा दूसरा जगत कल्याण करने के कारण शिवके नाम से जाना जाता है। सामान्यत: देखने में


दोनों नाम परस्पर विरोधी लगते हैं मगर सृष्टिक्रम के अनुसार लोक मंगलकारी है ।

मेष - गुड़ के जल से अभिषेक करे । मीठी रोटी का भोग चढ़ाएं लाल चंदन व कनेर की फूल से पूजा करें ।

वृष- दही से अभिषेत करे। शक्कर, चांवल, सफेद चंदन सफेद फूल से पूजा करे ।

मिथुन - गन्ने के रस से भगवान का अभिषेक करें. मुंग , दूब और कुशा से पूजा करे ।

कर्क - घी से अभिषेत कर चावल, कच्चा दूध, सफेद आक व शखपुष्पी से शिवलिंग की पूजा करें ।

सिंह - गुड़ के जल से अभिषेक कर गुड़ व चावल से बनी खीर का भोग लाकर गेहूं के चूरे और मंदार के फूल से पूजा करें ।

कन्या - गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेत करे । भगवान शंकर को भांग, दूब व पान अर्पित करे ।

तुला - सुगंधित तेल या इत्र से भगवान का अभिषेक कर दही, मधुरस व श्रीखंड का भोग लगाएं । सफेद फूल से भगवान की पूजा करें ।

वृश्चिक - पंचामृत से अभिषेत करे । लाल गोझिया फूल से भगवान की पूजा करें ।

धनु - हल्दी युक्त दूध से अभिषेत कर केश्री और बेसन से बनी मिठाई से भगवान का भोग लगाएं । गेंदे के फूल से उनकी पूजा करें ।

मकर - नारियल पानी से अभिषेक कर उड़द से बनी मिठआई का भगवान को भोग लगाएं । नीलकमल के फूल उनकी पूजा करे ।

कुंभ - तिल के तेल से अभिषेक कर उड़द से बनी मिठआई का भोग लगाए । शमी के फूल से भगवान की पूजा करे ।

मीन - केसरयुक्त दूध से भगवान का अभिषेक कर दही भात का भोग लगाएं । पीली सरसों और नागकेसर से भगवान की पूजा करें ।
संकलन - गुणनिधि मिश्र

Friday, 19 August 2011

आपकी राशि और शिव पूजा



आपकी राशि और शिव पूजा

शिव पुराण में उल्लेख हैं की महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी, शिववरात्रि के दिन शिव पूजन, व्रत और उपवास से व्यक्ति को अनंत फल की प्राप्ति होती हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति अपनी राशि के अनुसा भगवान शिव की आराधना और पूजन कर विशेष लाभ प्राप्त कर सकते हैं ।

जिसे अपनी जन्म राशि या नाम राशि पता हो वह व्यक्ति निम्न सामग्री से शिवलिंग पर अभिषेक करें तो विशेष लाभ प्राप्त होते देखा गया हैं।

मेष : जल या दूध के साथ में गुड़, शहद (मधु, महु, मध) लाल चंदन, लाल कनेर के फूल सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को जल/ दूध के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ मिलता हैं।

वृषभ : जल या दही के साथ में शक्कर(मिश्री), अक्षत(चांवल), सफेद तिल, सफेद चंदन, श्वेत आक फूल सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को जल या दही के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ मिलता हैं।

मिथुन: गंगा जल या दूध के साथ में दूब, जौ, बेल पत्र सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को गंगा जल या दूध के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ मिलता हैं।

कर्क : दूध या जल के साथ में शुद्ध घी, सफेद तिल, सफेद चंदन, सफेद आक सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को दूध या जल के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ प्राप्त होता हैं।

सिंह: जल या दूध के साथ में शुद्ध घी, गुड़, शहद (मधु, महु, मध) लाल चंदन सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को जल या दूध के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ प्राप्त होता हैं।

कन्या : गंगा जल या दूध के साथ में दूब, जौ, बेल पत्र सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को गंगा जल या दूध के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ मिलता हैं।

तुला : गंगा जल या दही के साथ में शक्कर(मिश्री), अक्षत(चांवल), सफेद तिल, सफेद चंदन, श्वेत आक फूल, सुगंधित इत्र सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को जल या दही के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ मिलता हैं।

वृश्चिक : जल या दूध के साथ में घी, गुड़, शहद (मधु, महु, मध) लाल चंदन, लाल रंग के फूल सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को जल/ दूध के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ मिलता हैं।

धनु : जल या दूध के साथ में हल्दी , केसर, चावल, घी, शहद, पीले फुल, पीली सरसों, नागकेसर सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को जल/ दूध के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ प्राप्त होता हैं।

मकर : गंगा जल या दही के साथ में काले तिल, सफेद चंदन, शक्कर(मिश्री), अक्षत(चांवल),सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को अभिषेक गंगा जल या दही के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ प्राप्त होता हैं।

कुंभ : गंगा जल या दही के साथ में काले तिल, सफेद चंदन, शक्कर(मिश्री), अक्षत(चांवल),सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को अभिषेक गंगा जल या दही के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ प्राप्त होता हैं।

मीन : जल या दूध के साथ में हल्दी , केसर, चावल, घी, शहद, पीले फुल, पीली सरसों, नागकेसर सब मिला कर या किसी भी एक वस्तु को जल/ दूध के साथ मिला कर अभिषेक करने से विशेष लाभ प्राप्त होता हैं।

महाशिव रात्रि के दिन कोइ भी व्यक्ति जिसे अपनी राशि पता नहीं हैं वह व्यक्ति पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं ।

Wednesday, 3 August 2011

भगवान शिव को चढ़ाएं अनाज, मिलेंगी खुशियां ही खुशियां


हिंदू धर्म ग्रंथों में मनोकामना पूर्ति के लिए अनेक उपाय बताए गए हैं। यह उपाय करने से मनुष्य की हर इच्छा अवश्य पूरी होती है। शिव महापुराण में भगवान शिव को विभिन्न प्रकार के अनाज अर्पित करने का विधान भी बताया गया है। सावन मास में यदि यह अनाज भगवान शिव को अर्पित किए जाए तो और भी बेहतर फल प्राप्त होते हैं। अनाज तथा इनसे प्राप्त होने वाले फलों का वर्णन इस प्रकार है-
- शिव महापुराण के अनुसार भगवान शिव को चावल अर्पित करने से से लक्ष्मी यानी धन-संपत्ति व ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
- भगवान शिव को तिल चढ़ाने से सभी पापों का तुरंत नाश हो जाता है।
- जौ अर्पित करने से भगवान शिव अपने भक्तों को सभी प्रकार के सुख प्रदान करते हैं।
- यदि आप संतान प्राप्ति चाहते हैं तो इसके लिए भगवान शिव को गेहूं अर्पित करने का विधान है।

- मूंग दाल अर्पित करने से सुखों की प्राप्ति होती है।
- भगवान शिव को प्रियंगु (एक प्रकार का अनाज) अर्पित करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
यह सभी अन्न यथाशक्ति भगवान को अर्पण करने पश्चात गरीबों में वितरित कर देना चाहिए। तभी फल की प्राप्ति होती है।

Monday, 1 August 2011

शिव पूजा के पीड़ानाशक ज्योतिष उपाय



सावन में हर राशि का व्यक्ति शिव पूजन से पहले काले तिल जल में मिलाकर स्नान करे। शिव पूजा में कनेर, मौलसिरी और बेलपत्र जरुर चढ़ावें। इसके अलावा जानते हैं कि किस राशि के व्यक्ति को किस पूजा सामग्री से शिव पूजा अधिक शुभ फल देती है।

मेष - इस राशि के व्यक्ति जल में गुड़ मिलाकर शिव का अभिषेक करें। शक्कर या गुड़ की मीठी रोटी बनाकर शिव को भोग लगाएं। लाल चंदन व कनेर के फूल चढ़ावें।
वृष- इस राशि के लोगों के लिए दही से शिव का अभिषेक शुभ फल देता है। इसके अलावा चावल, सफेद चंदन, सफेद फूल और अक्षत यानि चावल चढ़ावें।
मिथुन - इस राशि का व्यक्ति गन्ने के रस से शिव अभिषेक करे। अन्य पूजा सामग्री में मूंग, दूर्वा और कुशा भी अर्पित करें।
कर्क - इस राशि के शिवभक्त घी से भगवान शिव का अभिषेक करें। साथ ही कच्चा दूध, सफेद आंकड़े का फूल और शंखपुष्पी भी चढ़ावें।
सिंह - सिंह राशि के व्यक्ति गुड़ के जल से शिव अभिषेक करें। वह गुड़ और चावल से बनी खीर का भोग शिव को लगाएं। गेहूं और मंदार के फूल भी चढ़ाएं।
कन्या - इस राशि के व्यक्ति गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें। शिव को भांग, दुर्वा व पान चढ़ाएं।
तुला - इस राशि के जातक इत्र या सुगंधित तेल से शिव का अभिषेक करें और दही, शहद और श्रीखंड का प्रसाद चढ़ाएं। सफेद फूल भी पूजा में शिव को अर्पित करें।
वृश्चिक - पंचामृत से शिव का अभिषेक वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शीघ्र फल देने वाला माना जाता है। साथ ही लाल फूल भी शिव को जरुर चढ़ाएं।
धनु - इस राशि के जातक दूध में हल्दी मिलाकर शिव का अभिषेक करे। भगवान को चने के आटे और मिश्री से मिठाई तैयार कर भोग लगाएं। पीले या गेंदे के फूल पूजा में अर्पित करें।
मकर - नारियल के पानी से शिव का अभिषेक मकर राशि के जातकों को विशेष फल देता है। साथ ही उड़द की दाल से तैयार मिष्ठान्न का भगवान को भोग लगाएं। नीले कमल का फूल भी भगवान का चढ़ाएं।
कुंभ - इस राशि के व्यक्ति को तिल के तेल से अभिषेक करना चाहिए। उड़द से बनी मिठाई का भोग लगाएं और शमी के फूल से पूजा में अर्पित करें। यह शनि पीड़ा को भी कम करता है।
मीन - इस राशि के जातक दूध में केशर मिलाकर शिव पर चढ़ाएं। भात और दही मिलाकर भोग लगाएं। पीली सरसों और नागकेसर से शिव का चढ़ाएं।