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Tuesday, 13 September 2011

व्यवसाय में लाभ प्राप्ति के उपाय

व्यवसाय में लाभ प्राप्ति के उपाय


Leo
सिंह
Leo(सिंह)राशि के जातक कुछ तेज स्वभाव के होते हैं और अपने लाभ के लिए सम्बन्धों को अलग कर देते हैं। सिंह राशि वाले जातकों को नित्य ही सूर्य देव को रोली मिश्रित जल का अध्र्य देना चाहिये क्योंकि सिंह राशि के स्वामी सूर्यदेव ही होते हैं। सिंह राशि वाले जातकों को अपने कार्यालय में सदैव स्वच्छ एवं सुगंधित वातावरण बनाए रखना चाहिए। स्वयं की बैठक कुछ इस प्रकार रखनी चाहिए कि वह स्वयं तो बाहर से आने वाले को देख सकें परन्तु बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति उनको नहीं देख सके। जातक को अपने कार्यालय में अधिकांश स्टील के फर्नीचर का उपयोग करना चाहिए। रविवार को गाय को गुड़, गेहूं एवं केले खिलाने चाहिए। मुख्य द्वार पर ऐसी तस्वीर लगानी चाहिए जिसमें एक महिला अपने दोनों हाथ जोड़ कर आगंतुकों का स्वागत कर रही होती है। सोमवार, मंगलवार एवं गुरुवार को कोई गंभीर निर्णय लें तो आपके व्यवसाय के हित में रहेगा। व्यवसाय में पूजाघर में श्रीहरि विष्णु एवं माँ लक्ष्मी को स्थान अवश्य दें। अपने कार्यालय में प्रवेश के समय पूर्व दिशा की ओर मुख करें तो अधिक लाभ होगा। 6 माह अथवा वर्ष में एक बार व्यवसाय स्थल पर श्रीहरिवंश पुराण का पाठ करवाना चाहिए।
Virgo
कन्या
Virgo (कन्या )राशि के स्वामी भी सौरमण्डल के युवराज बुध होते हैं। कन्या राशि वाले जातकों को अपने व्यवसाय स्थल पर हल्के रंग एवं हल्के आसमानी रंगों का उपयोग करना चाहिए। कार्यालय का फर्नीचर लकड़ी का होना चाहिए। पूर्वी दीवार पर घड़ी लगानी चाहिए। घड़ी चलती रहनी चाहिए। इसलिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घड़ी बंद नहीं हो। बंद घड़ी के कारण नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है जो व्यवसाय में समस्याएं उत्पन्न करती है। कार्यालय का कोई भी बिजली का अथवा कोई इलेक्ट्राॅनिक्स उपकरण खराब नहीं रहना चाहिए। खराब हो जाए तो तुरन्त ठीक करवा लेना चाहिए। कार्यालय के पूजाघर में श्री गणेश, माँ दुर्गा एवं माता लक्ष्मी की तस्वीर को स्थान दें। वर्ष में एक बार व्यवसाय स्थल पर माँ दुर्गा की कोई पूजा करवानी चाहिए। बुधवार को अथवा निवास से कार्यालय आते समय गाय को हरी घास अथवा कोई हरी सब्जी खिलानी चाहिए। अपने बैठने की कुर्सी पर यह ध्यान रखें कि उनमें पहिये न हों तो अच्छा है और यदि हो तो विषय संख्या में जैसे पांच अथवा सात की संख्या में पाए होने चाहिए। मोबाइल अथवा टेलीफोन को अपने बैठने की मेज पर दायें हाथ की ओर रखना चाहिए।
libra
तुला
Libra(तुला) राशि के स्वामी शुक्र होते हैं। तुला राशि जातकों को अपने कार्यालय की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पूजाघर को भी ईशान कोण में ही रखें तथा पूजाघर में श्री गणेश, माँ लक्ष्मी एवं भगवान शंकर एवं श्रीहरि विष्णु की तस्वीर को स्थान दें। तुला राशि वाले यह ध्यान रखें कि जिस स्थान पर वह बैठें, उसके पीछे कोई ठोस आधार होना चाहिए अर्थात् कोई दीवार आदि होनी चाहिए। दीपावली की रात्रि में एक अभिमंत्रित श्रीयंत्र का पूजन कर कमलगट्टे के 11 बीजों के साथ एक लाल वस्त्र में श्रीयंत्र को बांध कर कार्यालय की अलमारी में रखना चाहिये। कार्यालय में प्रातः पूजा करने पर तीव्र सुगंध की अगरबत्ती का प्रयोग करना चाहिए। वर्ष में एक बार व्यवसाय स्थल में श्रीसूक्त एवं कनकधारा स्तोत्र का विधि-विधान से पाठ अवश्य करवाना चाहिए। कार्यालय की साज-सज्जा में हल्के रंगों का प्रयोग करना चाहिए। यदि संभव हो तो व्यवसाय स्थल के निकट कोई पीपल वृक्ष हो तो प्रत्येक शनिवार को मीठे जल से वृक्ष का पूजन करना चाहिए। माह में कम से कम एक बार शनिवार को किसी भी हनुमान मन्दिर पर 5 गरीबों को सरसों के तेल से निर्मित कोई भी भोज्य सामग्री देनी चाहिए। जातक को कार्याल्य आते समय इत्र आदि का प्रयोग करना चाहिए।
Scorpio
वृश्चिक
Scorpio(वृश्चिक) राशि के स्वामी मंगलदेव होते हैं। इस राशि के जातक कुछ तेज स्वभाव के परंतु संयमी होते हैं। ये जातक यदि अपने व्यवसाय स्थल पर विशेष ध्यान दें तो अवश्य ही सफल होते हैं। इस राशि के जातक अपने कार्यालय एवं व्यवसाय स्थल के मुख्यद्वार पर अंदर की ओर सिन्दूर के स्वस्तिक चिन्ह बनाएं तथा बाहर की ओर श्री गणेशजी की प्रतिमा को स्थान दें। पूजाघर में श्री हनुमानजी की तस्वीर को स्थान देना चाहिए। प्रत्येक शनिवार एवं मंगलवार को प्रभु को सिन्दूर के तिलक अर्पित कर मंगलवार को शुद्ध घी का दीपक और शनिवार को चमेली के तेल का दीपक अर्पित करना चाहिय,े साथ ही पीले अथवा लाल पुष्प (गुलाब के अतिरिक्त कोई भी) के साथ गुड़-चने का भोग अर्पित करें। जातक जब भी निवास से कार्यालय की ओर आए तो गुड़ अथवा जल का सेवन करके निकले। जातक यदि मंगलवार को कार्यालय आते समय किसी श्री हनुमानजी के मन्दिर में दर्शन कर उनके बायें पैर से सिन्दूर लेकर स्वयं के तिलक करें तो अत्यन्त लाभदायक होता है। माह में एक सोमवार को तांबे के पात्र में जल भर कर उसमें कुछ साबुत नमक डाल कर रखें तथा अगले दिन मंगलवार को दिन के दो बजे से पहले वह जल व्यवसाय स्थल की दीवारों पर छिड़कें।

Monday, 8 August 2011

शीघ्र ही लाभ होगा

शीघ्र ही लाभ होगा

शनिवार के दिन एक जालदार जटा वाला नारियल ले और बहते जल में काले वस्त्र में लपेटकर 100 ग्राम काले तिल,जो,उरद की दाल एक कील के साथ शनिवार को प्रवाहित कर दें। शनि, राहु,केतु जनित या कोई और ऊपरी बाधा होगी तो उतर जाएगी।
मंगलवार को एक नारियल सवा मीटर लाल वस्त्र में लपेटकर अपने ऊपर से साथ बार उतार कर हनुमान जी के चरणों में रख दें। किसी भी प्रकार की बाधा, नज़र दोष,ज्वर होगा उतर जाएगा।
यदि राहु की कोई समस्या है,तनाव बहुत है,क्रोध बहुत आ रहा,काम कुछ बन नहीं रहा तो बुधवार की रात्रि को एक नारियल सर के पास रख कर सोये और अगले दिन वह नारियल गणेश जी के मंदिर में कुछ दक्षिणा के साथ अर्पित कर दें तथा विघ्नहर्ता गणेश स्तोत्र का पाठ करें। सब अमंगल दूर होकर मंगल ही मंगल हो जाएगा।
यदि आर्थिक समस्या से घिर गए है तो लगातार आठ मंगलवार हनुमान जी के मंदिर एक नारियल ले कर जाये उसके सिंदूर से स्वस्तिक बनाये हनुमान जी को अर्पित कर वहां बैठ कर ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करे शीघ्र ही लाभ होगा।
यदि कुंडली में शनि,मंगल,राहु,केतु शुभ स्थिति में नहीं है या इनकी अशुभ दशा चल रही हो तो शनिवार को एक सुखा मेवे वाला नारियल लाये ऊपर एक छोटा सा मुख बना कर उसके थोडा सा मेवा और चीनी का बुरा (शक्कर)भरकर किसी पीपल के पेड़ के नीचे एक गड्ढा खोद कर उसे दबा दें और वापिस चले आएं।
यदि व्यापार में निरंतर हानि हो और रुकने का नाम न ले तो गुरूवार के दिन एक नारियल ले कर सवा मीटर पीले वस्त्र में लपेटे,एक जोड़ा जनेऊ,सवा पाव पीले मिष्ठान के साथ किसी विष्णु मंदिर में हानि रोकने के प्रार्थना व संकल्प के साथ रख आएं। तत्काल हानि समाप्त हो कर लाभ प्रारंभ हो जाएगा।
यदि धन का संचय नहीं है, परिवार की आर्थिक दशा को लेकर चिंता है तो शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी के मंदिर जाएं माता के चरण में एक जटा वाला नारियल,गुलाब या कमल के पुष्प अथवा माला,एक सवा-सवा मीटर गुलाबी और सफ़ेद वस्त्र, सवा पांव,चावल,दही,सफ़ेद मिष्ठान,एक जोड़ा जनेऊ एक साथ मां को भेट अर्पित कर माता की कपूर व देसी घी से आरती करें या करवाए तथा अपने मन की व्यथा माता के समक्ष कहें,शीघ्र ही आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
यदि आप किसी गंभीर आपत्ति विपत्ति में घिर गए हों और कोई मार्ग न दिखाई दे तो दो नारियल और एक चुनरी,कपूर,अड़हुल के पुष्प की माला लेकर देवी दुर्गा के मंदिर जाएं,एक नारियल चुनरी के साथ मां को अर्पित करें माला से मां का श्रृंगार कराकर मां को कुछ मिष्ठान का भोग अर्पित कर कर्पुर से आरती करें फिर एक बचे हुए नारियल को " हुं फट " के उच्चारण के साथ मां के समक्ष बलि दे अर्थात नारियल तोड़ से। सभी बाधा आपसे दूर होगी।