Search This Blog

Showing posts with label माला. Show all posts
Showing posts with label माला. Show all posts

Friday, 30 September 2011

माला

अंक किसी भी वस्तु और क्रिया सम्बन्ध को प्रमाणित करता है, हमारे शास्त्र में 108 मणियों की माला बनाने का विधान है, तथा इन संख्याओं का अपना अलग-अलग महत्व है। जैसे धन की प्राप्ति हेतु 30 मणियों की माला का प्रयोग किया जाता है,

तो सभी प्रकार की सिद्धियों के लिए 27 मणियों की,

इसी प्रकार 54 मणियों की माला 

और 108 मणियों की माला सभी प्रकार की सिद्धियाँ प्रदान करती हैं।

अभिचार कर्म के लिए 15 मणियों की माला व्यवहार में लायी जाती है।

Saturday, 10 September 2011

ग्रह शांति माला

ग्रह शांति माला (Grah Shanti Mala)

जप माला सभी ग्रह के लिए अलग प्रयोग करना चाहिए जैसे

राहु के लिए पंचमुखी रूद्राक्ष, पीले अकीक या सुनहले की माला.

शनि के लिए पंचमुखी रूद्राक्ष या काले अकीक की माला

, बुध के लिए हरे अकीक की माला या चारमुखी रूद्राक्ष की माला

.केतु के लिए  न मुखी रूद्राक्ष की माला.अगर नमुखी रूद्राक्ष न मिले तो पंचमुखी रूद्राक्ष से भी जप किया जा सकता है.

शुक्र के लिए स्फटिक, चन्दन, सफेद अकीक की माला

.सूर्य की शांति के लिए लाल अकीक की माला, पंचमुखी रूद्राक्ष या रक्त चंदन की माला

.चन्द्रमा की शांति के लिए मोती अथवा सफेद अकीक की माला का प्रयोग करना चाहिए.

Friday, 19 August 2011

माला का चयन

देवता विषेश के लिए माला का चयन करना चाहिए-
हाथी दांत की माला गणेशजी की साधना के लिए श्रेष्ठ मानी गई है।

लाल चंदन की माला गणेशजी व देवी साधना के लिए उत्तम है।

तुलसी की माला से वैष्णव मत की साधना होती है (विष्णु, राम व कृष्ण)।

मूंगे की माला से लक्ष्मी जी की आराधना होती है। पुष्टि कर्म के लिए भी मूंगे की माला श्रेष्ठ होती है।

मोती की माला वशीकरण के लिए श्रेष्ठ मानी गई है।

पुत्र जीवा की माला का प्रयोग संतान प्राप्ति के लिए करते हैं।

कमल गट्टे की माला की माला का प्रयोग अभिचार कर्म के लिए होता है।

कुश-मूल की माला का प्रयोग पाप-नाश व दोष-मुक्ति के लिये होता है।

हल्दी की माला से बगलामुखी की साधना होती है।

स्फटिक की माला शान्ति कर्म और ज्ञान प्राप्ति; माँ सरस्वती व भैरवी की आराधना के लिए श्रेष्ठ होती है।

चाँदी की माला राजसिक प्रयोजन तथा आपदा से मुक्ति में विशेष प्रभावकरी होती है।

जप से पूर्व निम्नलिखित मंत्र से माला की वन्दना करनी चाहिए–
(साधना या देवता विशेष के लिए अलग-अलग माला-वन्दना होती है)
ॐ मां माले महामाये सर्वशक्तिस्वरूपिणी।
चतुर्वर्गस्त्वयि न्यस्तस्तस्मान्मे सिद्धिदा भव॥
ॐ अविघ्नं कुरु माले त्वं गृह्णामि दक्षिणे करे।
जपकाले च सिद्ध्यर्थं प्रसीद मम सिद्धये॥

Tuesday, 12 July 2011

ग्रह शांति माला


जप माला सभी ग्रह के लिए अलग प्रयोग करना चाहिए जैसे
राहु के लिए पंचमुखी रूद्राक्ष, पीले अकीक या सुनहले की माला
.शनि के लिए पंचमुखी रूद्राक्ष या काले अकीक की माला,
बुध के लिए हरे अकीक की माला या चारमुखी रूद्राक्ष की माला
.केतु के लिए  9 मुखी रूद्राक्ष की माला.अगर 9मुखी रूद्राक्ष न मिले तो पंचमुखी रूद्राक्ष से भी जप किया जा सकता है
.शुक्र के लिए स्फटिक, चन्दन, सफेद अकीक की माला.
सूर्य की शांति के लिए लाल अकीक की माला, पंचमुखी रूद्राक्ष या रक्त चंदन की माला
.चन्द्रमा की शांति के लिए मोती अथवा सफेद अकीक की माला का प्रयोग करना चाहिए.