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Wednesday, 4 July 2012

फूल

भगवान शंकर पर फूल
चढ़ाने का बहुत अधिक महत्व है। तपः शील सर्वगुण संपन्न वेद में निष्णात
किसी ब्राह्मण को सौ सुवर्ण दान करने पर जो फल प्राप्त होता है, वह शिव
पर सौ फूल चढ़ा देने से प्राप्त हो जाता है।
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Monday, 1 August 2011

देवताओं को विशेष रंग के फूल

 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवताओं को विशेष रंग के फूल चढ़ाने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर मनोकामना पूरी करते हैं। जानते हैं, किस देवता को कौन सा फूल चढ़ाएं-

सूर्य

सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं । पूजा में सूर्य को लाल रंग के फूल चढ़ाने का विधान है। सूर्य को लालिमा प्रिय है। वे तेज के पुंज हैं। लाल रंग तेज का प्रतीक है। इसलिए सूर्य पूजा में लाल कनेर, लाल कमल, केसर या पलाश के फूल चढ़ाने चाहिए।

गणेश

भगवान गणेश प्रथम पूज्य हैं। इन्हें भी लाल रंग के फूल प्रिय हैं। लाल रंग मंगल का प्रतीक है। गणेश पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाना चाहिए। दुर्वा अवश्य चढ़ाएं।

शिव

सफेद रंग के फूलों से शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं क्योंकि शिव कल्याण के देवता हैं। सफेद रंग शुभ्रता का प्रतीक है। भगवान शिव को आक व धतूरा के फूल भी अतिप्रिय हैं। शिव को केतकी और केवड़े के फूल नहीं चढ़ाना चाहिए।

विष्णु

भगवान विष्णु पीतांबरधारी हैं। पीला रंग उन्हें प्रिय है। सामान्यतया विष्णु पूजा में सभी रंगों के फूल अर्पित किए जाते हैं लेकिन पीतांबरप्रिय होने के कारण पीले रंग का फूल अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं। कमल का फूल भी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है।

देवी 

लक्ष्मी को लाल और पीले, दुर्गा को लाल और सरस्वती को सफेद रंग के फूल अर्पित करने की परंपरा है। लक्ष्मी सौभाग्य की प्रतीक है अत: उन्हें लाल रंग प्रिय है। विष्णु की पत्नी होने से वे पीले रंग के फूल से भी प्रसन्न होती हैं। दुर्गा शक्ति की प्रतीक है। लाल रंग शौर्य का रंग है। अत: वे लाल रंग के फूल से प्रसन्न होती हैं। सरस्वती ज्ञान और संगीत की देवी है। शुभ्रता की प्रतीक। उन्हें सफेद रंग के कमल पुष्प अर्पित किए जाते हैं।