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Thursday, 2 February 2012

ग्रह पीडा

राहु ग्रह पीडा निवारण यन्त्र


इस यन्त्र को रविवार को भोजपत्र पर अष्टगंध की स्याही और अनार की कलम द्वारा लिखें तथा उसी दिन रवि का होरा मे उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में धारण करें तो राहु द्वारा जनित सभी प्रकार की पीडाओं का निवारण होता है।

केतु ग्रह पीडा निवारण यन्त्र


शुक्ल पक्ष के रविवार के दिन इस यन्त्र को अष्टगंध की स्याही द्वारा अनार की कलम से लिखें तथा रविवार को पुष्य नक्षत्र तथा सूर्य की होरा में धारण करें तो केतु के कोप के कारण होने वाले सभी कष्टों से छुटकारा पाया जा सकता है।

ग्रह पीडा

शुक्र ग्रह पीडा निवारण यन्त्र


इस यन्त्र का अष्टगंध से अनार की कलम द्वारा भोजपत्र पर शुक्रवार के दिन निर्माण करें तथा मृगशिरा नक्षत्र में धारण करें। इससे शुक्र द्वारा जनित कष्टों का निवारण होता है।

शनि ग्रह पीडा निवारण यन्त्र


इस यन्त्र को शनिवार के दिन अष्टगंध एवं अनार की कलम से भोजपत्र पर लिखकर उसी दिन श्रवण नक्षत्र और शनि को होरा में धारण करें। शनि जनित कष्टों से छुटकारा दिलाने में यह यन्त्र परम सहायक है।

ग्रह पीडा

बुध ग्रह पीडा निवारण यन्त्र


उपरोक्त यन्त्र को बुधवार को अनार की कलम, अष्टगंध से भोजपत्र पर लिखें और उसी दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में धारण करें।