Search This Blog

Showing posts with label गुरु. Show all posts
Showing posts with label गुरु. Show all posts

Saturday, 10 September 2011

गुरु

गुरु हो अशुभ तो यह टोटके करें-

जिस व्यक्ति की कुंडली में गुरु अशुभ होता है उसकी पढ़ाई में कई परेशानियां आती हैं। या तो उसकी पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है या फिर अन्य किसी कारण से वह अधिक नहीं पढ़ पाता। जिस व्यक्ति की कुंडली में गुरु अशुभ होता है उसके सिर के बाल उड़ जाते हैं, उसके मान-सम्मान में कमी आती है तथा गले के रोग हो जाते हैं। गुरु के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए कुछ साधारण टोटके इस प्रकार हैं-

उपाय-

- गुरुवार का व्रत रखें।

- केसर का सेवन करें तथा सोने की अंगूठी धारण करें।

- पीले फूल एवं फलों से ब्रह्माजी का पूजन करें। इसके बाद फलों को प्रसाद के रूप में बांट दें।

- मस्तक पर पीला चंदन, हल्दी अथवा केसर का तिलक करें।

- पीपल के वृक्ष में प्रतिदिन पानी डालें।

- बारह बादाम कपड़े में बांधकर लोहे के बर्तन में बंद करके अपने पास रखें और उसे खोलकर नहीं देंखे।

- कपिला (केसरिया रंग की) गाय की पूजा करें।

- पीले कपड़े में चने की दाल बांधकर दान करें।

Thursday, 1 September 2011

गुरु के बुरे असर से बचाएंगे राशि अनुसार ये उपाय...


30 अगस्त को दोपहर से गुरु अपनी सीधी चाल बदल कर टेढ़ी चाल पर आ गया है। अब गुरु टेढ़ा हो गया है, टेढ़े गुरु के उल्टे असर से बचने के लिए और सामान्य फल को शुभ बनाने के लिए राशि अनुसार उपाय करें। राशि अनुसार उपाय करने से आप पर गुरु का अशुभ असर कम हो जाएगा साथ ही अगर आपके लिए गुरु अच्छा फल देने वाला है तो आपके सभी काम पूरे होने लगेंगे।



गुरु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ये उपाय करें-

मेष- 43 दिनों तक प्रतिदिन एक तांबे का सिक्का नदी में प्रवाहित करें। चमत्कारिक परिणाम प्राप्त होंगे।

वृष- पीला रूमाल सदैव अपने पास रखें।

मिथुन- प्रतिदिन पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं और सात परिक्रमा करें।

कर्क- घर में पीले रंग के फूल का पौधा लगाएं।

सिंह- प्रतिदिन विष्णु मंदिर जाएं और ब्राह्मण या अन्य किसी जरूरत मंद को धन का दान करें।

कन्या- गुरुवार का व्रत रखें।

तुला- भगवान विष्णु को गुड़-चने की दाल का प्रसाद अर्पित करें।

वृश्चिक- घी, दही, आलू और कपूर का दान करें।

धनु - किसी मन्दिर के पूजारी को भोजन कराएं।

मकर - पीली गाय को घास खिलाएं।

कुंभ - हल्दी एवं पीले चंदन से भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें।

मीन- केसर का तिलक लगाएं।

Monday, 1 August 2011

गुरु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ये उपाय करें-

पारिवारीक शांति और सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए बृहस्पति यानी गुरु से संबंधित उपाय किए जाए तो निश्चत ही घर में सुख शांति बनी रहेगी और जीवनसाथी से सहयोग एवं प्रेम बना रहेगा।गुरु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए ये उपाय करें-

- 43 दिनों तक प्रतिदिन एक तांबे का सिक्का नदी में प्रवाहित करें। चमत्कारिक परिणाम प्राप्त होंगे।

- पीला रूमाल सदैव अपने पास रखें।

- प्रतिदिन पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं और सात परिक्रमा करें।

- घर में पीले रंग के फूल का पौधा लगाएं।

- प्रतिदिन शिव मंदिर जाएं और ब्राह्मण या अन्य किसी जरूरत मंद को धन का दान करें।

- गुरुवार का व्रत रखें।

- मांस-मदिरा का त्याग करें।

- घी, दही, आलू और कपूर का दान करें।

- किसी मन्दिर के पूजारी को भोजन कराएं।

- पीली गाय को घास खिलाएं।

- हल्दी एवं पीले चंदन से भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें।

- आज केसर का तिलक लगाएं।

- गुड़-चने की दाल का प्रसाद अर्पित करें।


Saturday, 16 July 2011

गुरु पूर्णिमा 15 को, इन उपायों से होगी हर मनोकामना पूरी


15 जुलाई, शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा है। हिंदू धर्म 
में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन सभी लोग अपने-अपने गुरु की पूजा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि गुरु की कृपा के बिना कहीं भी सफलता नहीं मिलती। ज्योतिष के अनुसार भी गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है। जिन लोगों की कुंडली में गुरु प्रतिकूल स्थान पर होता है, उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते है। वे लोग यदि गुरु पूर्णिमा के दिन नीचे लिखे उपाय करें तो उन्हें इससे काफी लाभ होता है। यह उपाय इस प्रकार हैं-
उपाय
1- भोजन में केसर का प्रयोग करें और स्नान के बाद नाभि तथा मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
2- साधु, ब्राह्मण एवं पीपल के वृक्ष की पूजा करें।
3- गुरु पूर्णिमा के दिन स्नान के जल में नागरमोथा नामक वनस्पति डालकर स्नान करें।
4- पीले रंग के फूलों के पौधे अपने घर में लगाएं और पीला रंग उपहार में दें।
5- केले के दो पौधे विष्णु भगवान के मंदिर में लगाएं।
6- गुरु पूर्णिमा के दिन साबूत मूंग मंदिर में दान करें और 12 वर्ष से छोटी कन्याओं के चरण स्पर्श करके उनसे आशीर्वाद लें।
7- शुभ मुहूर्त में चांदी का बर्तन अपने घर की भूमि में दबाएं और साधु संतों का अपमान नहीं करें।
8- जिस पलंग पर आप सोते हैं, उसके चारों कोनों में सोने की कील अथवा सोने का तार लगाएं।

Tuesday, 12 July 2011

बृहस्पति को उच्च बनाया गुरु पूर्णिमा (इस वर्ष 15 जुलाई)

इस प्रकार बृहस्पति को उच्च बनाया जा सकता है। इन उपायों से गुरुकृपा, उच्च शिक्षा तथा सम्मान प्राप्त किया जा सकता है।
आइये जानते है बारह राशियों में, गोचरवश गुरु किस प्रकार फल करेंगे।
मेष- धार्मिक कार्यों में व्यय होगा। आध्यात्मिकता की ओर प्रवृत्ति बनी रहेगी। कुछ उलझनों के बावजूद भी उपलब्धियाँ हासिल होगी।
उपाय- पीले वस्त्र में हल्दी की गाँठ बांधकर गुरु मन्दिर में चढ़ाये।
वृषभ-  नौकरी में तथा व्यवसायिक क्षेत्रों में लाभ के साथ-साथ पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। विवाह योग्य जातक को शादी-सगाई के अवसर उपलब्ध होंगे।
उपाय- पीली गाय को गुड़ चना खिलाये। प्रति गुरुवार।
मिथुन- स्वास्थ्य की चिन्ता रहेगी। सम्मान मिलेगा। न्यायायिक क्षेत्र की समस्याएँ दूर होगी। स्थान परिवर्तन सम्भव है। आलस्य त्यागे।
उपाय- दत्त भगवान का विधिवत पूजन करें।
कर्क- स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ मानसिक तौर पर सुरक्षित एवं स्थिर रहेंगे। रचनात्मक कार्य में निखार आएगा। पूर्ण ऊर्जावान बने रहेंगे।
उपाय- कुल गुरु, ब्राह्मणों तथा बुजुर्गों का सम्मान करें।
सिंह- आप भौतिक साधनों से विमुख होकर आध्यात्मिक क्षेत्र में रुचि रखेंगे। गुरुकृपा से छवि निखरेगी, आत्मविश्वास बना रहेगा। लाभदायक स्थिति निर्मित होगी।
उपाय- विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
कन्या- गुरु आशीर्वाद से जीवनसाथी का चुनाव कर पायेंगे। परिणय सम्बन्ध मधुर रहेंगे। इच्छाओं की पूर्ति होगी प्रार्थना, पूजा में विश्वास बढ़ेगा।
उपाय- पीले फल का दान करें, प्रति गुरुवार।
तुला- बदलती परिस्थिति से सामंजस्य करने में परेशानी महसूस करेंगे। कार्यक्षेत्र में अधिक परिश्रम की आवश्यकता होगी। चुनौतियाँ स्वीकारनी होगी।
उपाय- केल के वृक्ष पर हल्दी युक्त जल चढ़ाये, गुरुवार को।
वृश्चिक- प्रतिष्ठित लोगों से मेल जोल बढ़ेगा। साहित्य में रुचि जाग्रत होगी। लाभ एवं प्रगति के सुअवसर प्राप्त होंगे। संतान की प्रगति से हर्ष होगा।
उपाय- विद्यार्थियों को पठन-पाठन सामग्री दान दे या धार्मिक ग्रन्थों का दान करें।
धनु- भावनात्मक तथा आध्यात्मिक क्षेत्र में गतिविधियाँ बढ़ेगी। स्थायी प्रापर्टी सुरक्षित रखने का भाव रहेगा। सामाजिक दायरा बढ़ेगा। संतान की चिन्ता रहेगी।
उपाय- नारायण मन्दिर या गुरु मन्दिर में पीला झण्डा लगवाये।
मकर- यह दोर आपका चुनौती भरा रहेगा। धन सम्बन्धी मामले में सावधानी बरते। धार्मिक कार्यों में विघ्न उपस्थित होंगे। आत्मचिंतन के लिये अच्छा समय है।
उपाय- प्रति गुरुवार बच्चों को केसर युक्त दूध पिलाये।
कुम्भ- गुरु कृपा से वाणी में प्रखरता, आत्मिक शक्ति एवं सहजता प्राप्त होगी। नये अनुभव का लाभ लें। साथ ही विरोधाभास की स्थिति रहेगी।
उपाय- प्रति गुरुवार शालीग्राम जी का पूजन कर तुलसीदल चढ़ाएँ।
मीन-  आध्यात्मिक क्षेत्र में उन्नति होगी। धर्म, आस्था, अध्ययन, शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ेगा। शत्रुपक्ष से सावधानी रखें। अपनों की अपेक्षा अन्य लोगों से लाभ मिलेगा।
उपाय- ब्राह्मणों या बटुकों को पीले वस्त्र दान करें।

अशुभ गुरु के उपाय

अशुभ गुरु के उपाय
बृहस्पति यदि अशुभ स्थिति में हो अर्थात् आपके अनुकूल न हो तो उन्हें उपाय द्वारा अपने अनुकूल बनाया जा सकता है। जिससे गुरुकृपा बनी रहे एवं शिक्षा प्राप्ति में बाधा न आये-
(1) जन्मगुरु (माता-पिता) की सेवाकर आशीर्वाद ले।
(2) कुलगुरु, धर्मगुरु के वचनों का पालन कर नियमित विद्याध्ययन करें एवं उनका सम्मान करें।
(3) बुजुर्गों, अतिथियों का सम्मान करें, ब्राह्मणों का आशीर्वाद लें।
(4) पीला चन्दन मस्तक पर लगाये या केसर तिलक करें।
(5) केले की जड़ को दाहिने हाथ में धारण करें।
(6) चने की दाल एवं गुड़ का दान करें।
(7) पीली गाय को रोटी के साथ चना-गुड़ रखकर प्रति गुरुवार खिलाये।
(8) पीपल के मूलभाग में जल चढ़ाये। स्वयं पीले वस्त्र धारण करें प्रति गुरुवार।
(9) पुखराज रत्न तर्जनी अंगुली में धारण करें।
(10)किसी का दिल न दुखाये। सात्विक आचरण करें।
(11)विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें।