किस ग्रह का उपाय होगा: बहुत स्पष्ट तो नहीं लेकिन किताब में जैसा लिखा है उसके अनुसार जिस ग्रह का संबंध लग्न या नवम भाव से है केवल उसी ग्रह का उपचार किया जा सकता है। ऐसा नहीं है कि कुण्डली में जो ग्रह खराब हो उसी का उपचार कर दिया जाए। मूल रूप से लग्न आत्मा और नवम भाव भाग्य का होता है। वैसे एक स्थान पर कृष्णामूर्ति ने यह भी कहा है कि भाग्य को धोखा नहीं दिया जा सकता
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