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Tuesday, 2 July 2013

सोमवती अमावस्या पर शिव पूजन

सोमवती अमावस्या पर कैसे करें शिव पूजन


प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा होती है कि उसे जीवन में सुख मिले। प्रभु शिव की शिवरात्रि के अगले दिन अपने लग्न अनुसार सरलतम आराधना करके पाएं जीवन-भर का सुख। जानिए :-

मेष लग्न- मेष लग्न वाले जातक शिव को बिल्वपत्र के साथ गुलाब अवश्य चढ़ाएं एवं ॐ ममले:श्वराय नम: का जाप करें।

वृषभ लग्न- वृषभ लग्न वाले जातक शिवजी को बिल्वपत्र के साथ सफेद फूल चढ़ाएं एवं शिव-चालीसा का पाठ करें।

मिथुन लग्न- मिथुन लग्न वाले जातक शिवजी को बिल्वपत्र के साथ धतुरा अवश्य चढ़ाएं एवं पार्वती-नाथाय नम: का जाप करें।

कर्क लग्न- कर्क लग्न वाले जातक शिव जी को बिल्वपत्र के साथ सफेद गुलाब चढ़ाएं एवं पृथ्वी-पुत्राय नम: का जाप करें।

सिंह लग्न- सिहं लग्न वाले जातक शिवजी को सिर्फ बिल्वपत्र चढ़ाएं एवं ॐ नागेश्वराय नम: का जाप करें।

कन्या लग्न- कन्या लग्न वाले जातक शिवजी को बिल्वपत्र के साथ आकड़े का फूल चढ़ाएं एवं शिवाष्टक का पाठ करें।

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तुला लग्न- तुला लग्न वाले जातक शिवजी को बिल्वपत्र के साथ लाल गुलाब चढ़ाएं एवं महिम्न-स्त्रोत का पाठ करें।

वृश्चिक लग्न- वृश्चिक लग्न वाले जातक शिवजी को सिर्फ दूध चढ़ाएं एवं ॐ नम: शिवाय का जाप करें।

धनु लग्न- धनु लग्न वाले जातक शिवजी को बिल्वपत्र और अष्टगंध अवश्य चढ़ाए एवं शिवजी के साथ माता पार्वतीजी की आराधना करें।

मकर लग्न- मकर लग्न वाले जातक शिवजी को बिल्वा (बिल्वपत्र का फल) अवश्य चढ़ाएं एवं रुद्राष्टक का पाठ करें।

कुंभ लग्न- कुंभ लग्न वाले जातक शिव-पार्वती और गणेशजी की आराधना करें। साथ ही शिवजी को धतुरा एवं भांग चढ़ाएं।

मीन लग्न- मीन लग्न वाले जातक शिव पूजन में पंचामृत अवश्य चढ़ाएं और पीला गुलाब चढ़ाएं एवं शिवाय नम: का जाप करें।

इस प्रकार सरलतम आराधना करने से शिव, भोलेनाथ, मंगलनाथ, महाकालेश्वर, जटाधारी शिवजी आपकी आराधना से प्रसन्न होकर आपकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करेंगे!

विशेष- जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष है, वह जातक महाशिवरात्रि के अगले दिन किसी भी प्राण-प्रतिष्ठित शिव मंदिर में चांदी, तांबा अथवा पंचधातु से निर्मित नाग-नागिन का जोड़ा चढ़ाए तो उसका कालसर्प दोष समाप्त हो जाता है।

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