Search This Blog

Loading...

Monday, 15 September 2014

money matter

You must have heard people complain about constant financial crisis ruining their life. No matter how hard they work, success and wealth seem to elude them. 
Many times it may a problem of your luck. Here is a mantra that will help you get rid of the bad luck:
- On a Friday of Shukla Paksha, wake up early in the morning and keep a portrait of Goddess Lakshmi on a small table covered with red cloth after taking a bath.
- Keep a moti shank or pearl conch   
- Chant the following mantra while keeping a grain of rice on the conch one-by-one.
MANTRA: Om em hrim shrim daridraya vinashake jagatprasutye namah
- Chant the mantra five times the number of beads of the rosary
- Then wrap this conch in a red cloth and keep it in the vault.
- Make sure you sit on a kush asan while chanting the mantra.

Key to happy life

Chanakya Niti: Key to happy life


It is true that nobody can change the past. But, some people keep thinking about what happened in the past and end up ruining their present and future.
According to Acharya Chanakya, a person who is always worried about whatever happened in the past can never be happy. One should learn from their past and move ahead in life.
He says, every person should make sure that he doesn’t repeat the mistakes committed in the past. Staying upset about something that happened will not serve any purpose.
Similarly, people should not get upset about some predictions that may happen in future.
Chanakya says, predicting future is impossible and there are high chances that the prophesies may prove false. Hence, a man should not worry about the past or the future and live in the present. Following this principle will keep a man happy throughout his life.

Vaastu Shastra,

According to Vaastu Shastra, the position of the room where money is kept is very important and any dosh in that area can cause serious financial problems.
But, many times it is difficult to ensure that the room is according to Vaastu Shastra. In such a situation the person can use a ‘Lakshmi kodi.’ It is believed that keeping the ‘Lakshmi kodi’ at the place where you keep your money will ensure that Lakshmi (wealth) stays there.
The ‘Lakshmi kodi’, according to Vaastu Shastra should be placed there at the right time. The time is crucial for the right results.
How to:
On a Thursday, sprinkle Gomutra (cow’s urine) in the area (vault, drawer etc) you keep your money. Then wash the ‘Lakshmi kodis’ with cow’s milk and keep it at the place where you keep your money.
Sprinkle some gomutra and cow’s milk in the entire room. This will help you lessen the effect of the ‘Vaastu Dosh’ at your house. 

Saturday, 2 August 2014

पुण्यार्ककृति: पुण्यार्कवास्तुमंजूषा-17

पुण्यार्ककृति: पुण्यार्कवास्तुमंजूषा-17: गतांश से आगे...अध्याय ग्यारह- वास्तुभूमिचयन (२) वर्ग विचार:-      अकारादिषु वर्गेषु दिक्षु पूर्वादितः क्रमात्।           गृध्रमार्...

Wednesday, 16 April 2014

उपाय

ऋषि पाराशर के उपाय --------1
पद्मा शर्मा
वृहत्त पाराशर होराशास्त्र में ऋषि पाराशर ने बहुत सारे उपाय बताए हैं जिनमें उन्होंने यह वर्णन किया है कि किस कारण से वह कष्ट आया है और उसकी निवृत्ति का क्या उपाय हैक् यह उपाय ज्यादातर मंत्र और दान पूजा-पाठ इत्यादि से संबंधित है। उन सब का संक्षिप्त विवरण इस लेख में दिया जा रहा है।
विभिन्न शाप :
संतान नष्ट होने या संतान ना होने को विभिन्न तरह के शाप के परिणाम ऋषि पाराशरजी ने बताया है। ऋषि पाराशर जी ने उल्लेेख किया है कि भगवान शंकर ने स्वयं पार्वती जी को यह उपाय बताए हैं।
1. सर्प का शाप :
बहुत सारे योगों से सर्प शाप का पता चलता है। उनमें राहु पर अधिक बल दिया गया है। कुल आठ योग बताए गए हैं। सर्प शाप से संतान नष्ट होने पर या संतान का अभाव होने पर स्वर्ण की एक नाग प्रतिमा बनाकर विधिपूर्वक पूजा की जाए जिसमें अनुष्ठान, दशंाश हवन, मार्जन, तर्पण, ब्राrाण भोजन कराके गोदान, भूमि दान, तिल दान, स्वर्ण दान इत्यादि किए जाएं तो नागराज प्रसन्न होकर कुल की वृद्धि करते हैं।
2. पितृ शाप :
गतजन्म में पिता के प्रति किए गए अपराध से जो शाप मिलता है तो संतान का अभाव होता है। इस दोष का पता सूर्य से संबंधित योगों से चलता है और सूर्य के पीç़डत होने या कुपित होने पर ये योग आधारित हैं। निश्चित है कि मंगल और राहु भी गणना में आएंगे। इसी को पितृ दोष या पितर शाप भी कहा गया है। कुल मिलाकर ग्यारह योग हैं।
उपाय : गया श्राद्ध करना चाहिए तथा जितने अधिक ब्राrाणों को भोजन करा सकें, कराएं। यदि कन्या हो तो गाय का दान और कन्या दान करना चाहिए। ऎसे करने से कुल की वृद्धि होगी।
3. मातृ शाप :
पंचमेश और चंद्रमा के संबंधों पर आधारित यह योग संतान का नष्ट होना या संतान का अभाव बताते हैं। इन योगों में निश्चित रूप से मंगल, शनि और राहु का योगदान मिलेगा। यह दोष कुल 13 मिलाकर हंै। इस जन्म में भी यदि कोई माता की अवहेलना करेगा या पीç़डत करेगा तो अगले जन्म में यह दोष देखने को मिलेगा।
4. भ्रातृ शाप :
यदि गतजन्म में भाई के प्रति कोई अपराध किया गया हो तो उसके शाप के कारण इस जन्म में संतान नष्ट होना या संतान का अभाव मिलता है। पंचम भाव, मंगल और राहु से यह दोष देखे जाते हैं। यह दोष कुल मिलाकर तेरह हैं।
उपाय : हरिवंश पुराण का श्रवण करें, चान्द्रायण व्रत करें, कावेरी नदी या अन्य पवित्र नदियों के किनारे शालिग्राम के सामने पीपल वृक्ष उगाएं तथा पूजन करें, पत्नी के हाथ से दस गायों का दान करें और फलदार वृक्षों सहित भूमि का दान करें तो निश्चित रूप से कुल वृद्धि होती है।
5. मामा का शाप :
गतजन्म में यदि मामा के प्रति कोई अपराध किया गया हो तो उसके शाप से संतान का अभाव इस जन्म में देखने को मिलता है। यदि ऎसा होता है कि पंचम भाव में बुध, गुरू, मंगल और राहु मिलते हैं और लग्न में शनि मिलते हैं। इस योग में शनि-बुध का विशेष योगदान होता है।
उपाय : भगवान विष्णु की मूर्ति की स्थापना, तालाब, बाव़डी, कुअंा और बांध को बनवाने से कुल की वृद्धि होती है।
6. ब्रrा शाप : गतजन्म में कोई धन या बल के मद में ब्राrाणों का अपमान करता है तो उसके शाप से इस जन्म में संतान का अभाव होता है या संतान नष्ट होती है। यह कुल मिलाकर सात योग हैं। नवम भाव, गुरू, राहु और पाप ग्रहों को लेकर यह योग देखने को मिलते हैं। योग का निर्णय तो विद्वान ज्योतिष्ाी ही करेंगे परंतु उपाय निम्न बताए गए हैं।
उपाय : चान्द्रायण व्रत, प्रायश्चित करके गोदान, दक्षिणा, स्वर्ण और पंचरत्न तथा अधिकतम ब्राrाणों को भोजन कराएं तो शाप से निवृत्ति होकर कुल की वृद्धि होती है।
7. पत्नी का शाप :
गतजन्म में पत्नी के द्वारा यदि शाप मिलता है तो इस जन्म में संतान का अभाव होता है। यह ग्यारह योग बताए गए हैं जो सप्तम भाव और उस पर पापग्रहों के प्रभाव से देखे जाते हैं।
उपाय : कन्या दान श्रेष्ठ उपाय बताया गया है। यदि कन्या नहीं हो तो स्वर्ण की लक्ष्मी-नारायण की मूर्ति तथा दस ऎसी गाय जो बछ़डे वाली माँ हों तथा शैया, आभूषण, वस्त्र इत्यादि ब्राrाण जो़डे को देने से पुत्र होता है और कुल वृद्धि होती है।
8. प्रेत शाप : यह नौ योग बताए गए हैं जिनमें ये वर्णन है कि अगर श्राद्ध का अधिकारी अपने मृत पितरों का श्राद्ध नहीं करता तो वह अगले जन्म में अपुत्र हो जाता है। इस दोष्ा की निवृत्ति के लिए निम्न उपाय हैं।
उपाय : गया में पिण्डदान, रूद्राभिषेक, ब्रrाा की स्वर्णमय मूर्ति, गाय, चांदी का पात्र तथा नीलमणि दान करना चाहिए।
9. ग्रह दोष्ा : यदि ग्रह दोष्ा से संतान हानि हो तो बुध और शुक्र के दोष में भगवान शंकर का पूजन, गुरू और चंद्र के दोष्ा में संतान गोपाल का पाठ, यंत्र और औषधि का सेवन, राहु के दोष से कन्या दान, सूर्य के दोष से भगवान विष्णु की आराधना, मंगल और शनि के दोष से षडङग्शतरूद्रीय जप कराने से संतान प्राçप्त होती है और कुल की वृद्धि होती है।