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Thursday, 13 December 2012

Dec19,2012

जिनके घर में चिंता, कष्ट और बीमारी ज्यादा है | भविष्य पुराण में आया ही की मार्गशीर्ष मास में शुक्ल पक्ष की सप्तमी माने 19th Dec' 2012 को बुधवार के दिन सुबह सूर्य भगवान को तिल के तेल का दीपक दिखाये अर्घ्य दे |  सूर्य भगवान को अर्घ्य दो तो इस भाव से – मन में एक बार स्मरण कर लेना की भगवत गीता में आपने कहाँ है – “ज्योति श्याम रविरंशुमान” ये ज्योतियों में सूर्य मै हूँ .... तो मेरा अर्घ्य स्वीकार करो | मेरा ये प्रणाम स्वीकार करे |
तो उस दिन १९ दिसम्बर को लोटे में चावल, तिल, कुंकुम, केसर डालकर अर्घ्य दे | केसर न हो तो ऐसे ही कुंकुम डाल दे अर्घ्य दे, तिल का दिया दिखा दे |
फिर घर में भोजन बने और सब खाये उसके पहले दही और चावल थाली में लेकर सूर्य भगवान को भोग लगाये और प्रार्थना करे हमारे घर में आपके लिए ये प्रसाद तैयार किया है ये नैवेद्य आप सूर्य भगवान स्वीकार करे और हमारे घर में सब प्रकार से आनंद छाया रहे, सब निरोग रहे, दीर्घायु बने | ऐसा करके उनको भोग लगाये और प्रसाद में थोडा-सा छ्त पर रख दे घर के लोग भी प्रसाद में दही-चावल खुद भी खा ले |

Special Yog to remove tension, pain and diseases :-

This applies to all those homes who are troubled with lot of tension, pain and diseases. It is mentioned in Bhavishaya Purana that on seventh day of Shukla paksha in Margshirsh month i.e. on 19th December 2012, wednesday, one should light a lamp from sesame oil for Lord Surya. Offer prayers to Sun Lord - saying it is mentioned in Bhagwad Gita - "Jyoti Shaam Ravivanshumaan" , I am Sun among all lights.... please accept my oblations and prayers.

On that day, take a small bowl of water with rice, sesame, kumkum and kesar, and offer it to Sun God. One can use only kumkum, if kesar is not available. Then, bow to Him while showing the sesame lamp.
Before meals are taken on that day, place a little curd and rice on the plate and offer them to Sun God, pray to Him asking to accept the prasad which has been prepared today at home for Him. May peace, happiness, health and longevity always reside in this home. Saying such, offer the oblations and then offer a little of the curd rice to all in the family. Also, keep some of that on your home terrace.

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