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Wednesday, 31 August 2011

आंकड़े के गणेश


हिन्दू धर्म परंपराओं में कुदरत में बसे ईश्वर को स्मरण की परंपराओं में आंकड़े के श्री गणेश की पूजा वैभव, धन, ऐश्वर्य व सफलता लाने वाली मानी गई है। धार्मिक आस्था है कि आंकड़े के गणेश नियमित पूजा गुण, व्यवहार, शरीर और धन से जुड़ी सारी दरिद्रता, व रोग का अंत करती है।

कब और कैसे आंक ड़े के गणेश की पूजा सुख, सफलता के साथ धन का भण्डार भर देती है, यहां जानते हैं..

सफेद आंकड़े के गणेश की साधना के लिए सबसे पुष्य नक्षत्र का योग सबसे अच्छा माना जाता है, किंतु रवि-पुष्य योग श्रेष्ठ काल माना जाता है। इसके अलावा गुरु-पुष्य और गणेश जन्मोत्सव के 10 दिन भी शुभ फलदायी समय होता है।

- इसके लिए सफेद आंकड़े की जड़ मिलने पर उसे साफ जल से स्नान कराएं। उसे लाल कपड़े पर रखकर लाल चन्दन, अक्षत, लाल फूल, सिन्दूर से पूजा करें। धूप-दीप जलाएं, भोग लगाएं साथ ही एक सिक्का भी चढाएं।

- इसके बाद कुछ विशेष गणेश मंत्रों की तय संख्या का जप करने के लिए संकल्प  लें। इन मंत्रों की 10 माला का जप लाल माला, रुद्राक्ष की माला या मूंगे की माला से करें। जप के लिए सरल और प्रचलित मंत्र हैं -

ऊँ भालचन्द्राय नम:

ऊँ एकदन्ताय नम:

ऊँ गं गणपतये नम:

ऊँ श्री गणेशाय नम:

ऊँ लम्बोदराय नम:



आंकड़े की जड़ का रूप में साक्षात गणेश की पूजा धन के साथ ही ज्ञान, संतान, संपत्ति देकर संकटमोचक भी है। 

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