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Monday, 1 August 2011

पितृदोष


 
नवग्रहों में गुरु ग्रह हमारे मृतक परिजनों या पितृगणों का परिचायक होता है।जन्मकुंडली में गुरु पीड़ित हो, निर्बल हो एवं राहु से दृष्ट हो या युति संबंध बना रहा हो, तोपतृदोष की पुष्टि होती है।
 
पितृदोष निवारण के उपाय
 
1. पितृदोष होने पर प्रत्येक माह की अमावस्या को एवं श्राध्द पक्ष में श्रध्दापूर्वक पितरों का पूजन तर्पण आदि करें। पितरों से अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगे एवं दोष दूर करने के लिए प्रार्थना करें।
2. गया में पिंडदान किया जाए एवं रुद्राभिषेक किया जाए, तो इस दोष का निवारण हो जाता है।
3. श्रीमद्भागवत सप्ताह का आयोजन यदि किया जाए एवं भागवत पाठ से पूर्व विधिवत पितृ देवताओं का आवाहन कर उनसे भागवत पाठ सुनने का निवेदनकिया जाए, तो भी इस पाठ के प्रभाव से पितृदोष दूर हो जाता है और पितृगणों को प्रेत योनि से छुटकारा मिल जाता है।

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