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Wednesday, 10 August 2011

जैसे घर के बाहर की मज़बूत दीवार घर की सुरक्षा करती है।
ठीक  उसी प्रकार से  मनुष्य शरीर की  सुरक्षा यह विद्युतीय आभा (Aura) करता है ।
मनुष्य शरीर में अग्नि तत्व कमज़ोर होते ही यह विद्युतीय आभा (Aura) भी कमज़ोर पड़ने लगता है ।
विद्युतीय आभा (Aura) कमज़ोर होते ही  मनुष्य के शरीर  में जीवाणु / विषाणु प्रवेश कर मनुष्य को बीमार कर देते हैं ।
 
 
 1.शरीर में पैरों के नीचे से लेकर अंडकोष तक के पीछे तक पृथ्वी तत्व होता है । पृथ्वी तत्व बुध ग्रह के द्वारा संचालित होता है ।
 
 2.मूत्राशय से लेकर नाभि के नीचे तक जल तत्व होता है । जल तत्व चन्द्रमा ग्रह के द्वारा संचालित होता है ।
 
 3.नाभि में अग्नि तत्व होता है । अग्नि तत्व सूर्य से संचालित होता है ।
 
 4.नाभि के ऊपर से लेकर आंखों की भौं तक वायु तत्व होता है| वायु तत्व शनि ग्रह के द्वारा संचालित होता है ।
 
 5.आखों की भौं से लेकर  सिर के सबसे ऊपरी सिरे तक आकाश तत्व होता है । आकाश तत्व ब्रृहस्पति ग्रह के द्वरा संचालित होता है।

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