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Thursday, 21 July 2011

साढ़ेसाती

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ फलों के उपाय
1 . राजा दशरथ रचित शनि स्त्रोत के सवा लाख जप करे.
2. घर में पारद और स्फटिक शिवलिंग(अन्य नहीं) एक चौकी पर स्थापित कर विधानपूर्वक पूजा अर्चना कर रुद्राक्ष की माला से महामृत्युन्जय मंत्र का जप करना चाहिए.
3. सुन्दरकाण्ड का पाठ एवं हनुमान उपासना संकटमोचन का पाठ करे.
4. हनुमान चालीसा, शनि चालीसा और शनेश्चर देव के मंत्रो का पाठ करे. ॐ शं शनिश्चराय नम:
5. घर के मुख्य द्वार पर काले घोड़े की नाल शनिवार के दिन लगावें.
6. शनिवार को सायंकाल पीपल के पेड़ के नीचे मीठे तेल का दीपक जलाएं.
7. काले तिल, काली गाय, कम्बल, ऊनी वस्त्र, चमड़े के जुटे, तिल का तेल, उरद, लोहा, भैंस, कस्तूरी, स्वर्ण, तांबा आदि का दान करे.
8. शनि विग्रह के दर्शन करे मुख के दर्शन करने से बचे.
9. घोड़े की नाल अथवा नाव की कील का छल्ला बनवाकर मध्यमा अंगुली में धारण करे.
10. शनि जयंती पर शनि मंदिर जाकर शनिदेव का अभिषेक कर दर्शन करे.
11. शनिदेव के मंदिर जाकर उन्हें काले वस्त्रों से सुसज्जित कराकर काले गुलाब जामुन का प्रसाद चढ़ाएं.
12. कडवे तेल में परछाई देखकर उसे अपने ऊपर सात बार उसारकर दान करें.
13. श्रावण मास के शुक्ल पक्ष से शनि व्रत आरम्भ करें, ३३ व्रत करने चाहिए उसके बाद उद्यापन करके दान करें.
14. शनि के तांत्रिक मंत्र का २३००० जप करे फिर २७ दिन तक शनि स्त्रोत के चार पाठ रोज करें.
15. अपने घर के मंदिर में एक डिबिया में सवा तिन रत्ती का नीलम सोमवार को रख दें और हाथ में १२ रुपये लेकर प्रार्थना करें शनिदेव ये आपके नाम के हैं फिर शनिवार को इन रुपयों में से १० रूपये के सतनाज खरीद कर शेष २ रुपये सहित झाड़ियों या चीटीं के बिल पर बिखेर दें और शनिदेव से कष्ट मुक्ति की प्रार्थना करें.

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