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Thursday, 21 July 2011

ग्रहों के अनुसार वर्जित दान एवं कार्य

 दरअसल यह सब निर्भर करता है हमारी जन्मकुंडली में बैठे ग्रहों पर, जो कि संकेत करते हैं कि किस वस्तु का दान या त्याग करना अथवा कौन से कार्य हमारे लिए लाभदायक होंगे और कौन सी चीजों के दान/त्याग अथवा कार्यों से हमें हानि का सामना करना पडेÞगा। इसकी जानकारी निम्नानुसार है। जो ग्रह जन्मकुंडली में उच्च राशि या अपनी स्वयं की राशि में स्थित हों, उनसे संबंधित वस्तुओं का दान व्यक्ति को कभी भूलकर भी नहीं करना चाहिए 
सूर्य मेष राशि में होने पर उच्च तथा सिंह राशि में होने पर अपनी स्वराशि का होता है।
अत: आपकी जन्मकुंडली में उक्त किसी राशि में हो तो-
# लाल या गुलाबी रंग के पदार्थों का दान न करें। # गुड़, आटा, गेहूं, तांबा आदि किसी को न दें। # खानपान में नमक का सेवन कम करें। मीठे पदार्थों का अधिक सेवन करना चाहिए।

चन्द्र वृष राशि में उच्च तथा कर्क राशि में स्वगृही होता है। यदि आपकी जन्मकुंडली में ऐसी स्थिति में हो तो - # दूध, चावल, चांदी, मोती एवं अन्य जलीय पदार्थों का दान कभी नहीं करें। # माता अथवा मातातुल्य किसी स्त्री का कभी भूल से भी दिल न दुखाएं अन्यथा मानसिक तनाव, अनिद्रा एवं किसी मिथ्या आरोप का भाजन बनना पड़ेगा। # किसी नल, टयूबवेल, कुआं, तालाब अथवा प्याऊ निर्माण में कभी आर्थिक रूप से सहयोग न करें।

मंगल मेष या वृश्चिक राशि में हो तो स्वराशि का तथा मकर राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है। ऐसी स्थिति में - # मसूर की दाल, मिष्ठान अथवा अन्य किसी मीठे खाद्य पदार्थ का दान नहीं करना चाहिए। # घर आए किसी मेहमान को कभी सौंफ खाने को न दें अन्यथा वह व्यक्ति कभी किसी अवसर पर आपके खिलाफ ही कड़वे वचनों का प्रयोग करेगा। # किसी भी प्रकार का बासी भोजन (अधिक समय पूर्व पकाया हुआ) न तो स्वयं खाएं और न ही किसी अन्य को खाने के लिए दें

बुध मिथुन राशि में तो स्वगृही तथा कन्या राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है। यदि आपकी जन्मपत्रिका में बुध उपरोक्त वर्णित किसी स्थिति में है तो - # हरे रंग के पदार्थ और वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए। # साबुत मूंग, पेन-पेंसिल, पुस्तकें, मिट्टी का घड़ा, मशरूम आदि का दान न करें अन्यथा सदैव रोजगार और धन संबंधी समस्याएं बनी रहेंगी। # न तो घर में मछलियां पालें और न ही मछलियों को कभी दाना डालें।

बृहस्पति जब धनु या मीन राशि में हो तो स्वगृही तथा कर्क राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है। ऐसी स्थिति में - # पीले रंग के पदार्थों का दान वर्जित है। # सोना, पीतल, केसर, धार्मिक साहित्य या वस्तुएं आदि का दान नहीं करना चाहिए। अन्यथा ‘घर का जोगी जोगडा, आन गांव का सिद्ध’ जैसी हालात होने लगेगी अर्थात् मान-सम्मान में कमी रहेगी। # घर में कभी कोई लतादार पौधा न लगाएं।

शुक्र जब जन्मपत्रिका में वृष या तुला राशि में हो स्वराशि तथा मीन राशि में हो तो उच्च भाव का होता है।
अत ऐसी स्थिति में - # ऐसे व्यक्ति को श्वेत रंग के सुगंधित पदार्थों का दान नहीं करना चाहिए अन्यथा व्यक्ति के भौतिक सुखों में न्यूनता पैदा होने लगती है। # नवीन वस्त्र, फैशनेबल वस्तुएं, कॉस्मेटिक या अन्य सौन्दर्यवर्धक सामग्री, सुगंधित द्रव्य, दही, मिश्री, मक्खन, शुद्ध घी, इलायची आदि का दान न करें अन्यथा अकस्मात हानि का सामना करना पड़ता है।

शनि यदि मकर या कुम्भ राशि में हो तो स्वगृही होता है तथा तुलाराशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है। ऐसी दशा में - # काले रंग के पदार्थों का दान न करें। # लोहा, लकड़ी और फर्नीचर, तेल या तैलीय सामग्री, बिल्डिंग मटीरियल आदि का दान/त्याग न करें। # भैंस अथवा काले रंग की गाय, काला कुत्ता आदि न पालें।


राहु यदि कन्या राशि में हो तो स्वराशि का तथा वृष (ब्राह्मण/वैश्य लग्न में) एवं मिथुन (क्षत्रिय/शूद्र लग्न में) राशि में होने पर उच्चता को प्राप्त होता है। ऐसी स्थिति में - # नीले, भूरे रंग के पदार्थों का दान नहीं करना चाहिए। # मोरपंख, नीले वस्त्र, कोयला, जौ अथवा जौ से निर्मित पदार्थ आदि का दान किसी को न करें अन्यथा ऋण का भार चढ़ने लगेगा। # अन्न का कभी भूल से भी अनादर न करें और न ही भोजन करने के पश्चात थाली में जूठन छोडें। # घर मे कभी पक्षी ना पाले अन्यथा व्यर्थ कामों में धन व्यय होता है।

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