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Wednesday, 13 July 2011

कष्टों के निवारण के लिए अचूक मंत्र

सुख व दु:ख जीवन के दो रंग हैं। कभी सुख आता है तो कभी दु:ख। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके भाग्य में सिर्फ दु:ख ही दु:ख होता है। वे अपना जीवन परेशानी में ही बिताते हैं और हर बात के लिए अपने भाग्य को कोसते रहते हैं लेकिन वे यह नहीं जानते कि मंत्रों के माध्यम से दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदला जा सकता है। जीवन के सभी कष्टों का निवारण करने वाले मंत्रों में से एक अचूक मंत्र इस प्रकार है-
मंत्र

ऊँ रां रां रां रां, रां रां रां रां, कष्टं स्वाहा



जप विधि

- प्रतिदिन सुबह उठकर नित्य कर्मों से निपट कर भगवान श्रीराम की पूजा करें।

- अब कुश के आसन पर बैठकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके तुलसी की माला से इस मंत्र का जप करें। कम से कम एक माला जप अवश्य करें।

- एक समय, स्थान, माला व आसन होने से यह मंत्र शीघ्र ही शुभ फल देता है।

- कुछ ही समय में आप देखेंगे कि आपके जीवन में परिवर्तन आने लगा है और दुर्भाग्य, सौभाग्य में बदल रहा है।

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