Search This Blog

Saturday, 9 July 2011

ग्रहों के गुणधर्म


ग्रह स्वभाव कारकत्व शैक्षणिक गुण
सूर्य आकार-चौकौर, छोटा कद, रंग-गहरा लाल रंग, धातु-हड्डी, अन्य- पुरुष, क्षत्रिय जाति, पाप ग्रह, सत्वगुण प्रधान, अग्नि तत्व, पित्त प्रकृति है। अध्यात्म, दार्शनिक शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र, नेत्र रोग, कुष्ठ रोग, शल्य चिकित्साराजा, ज्ञानी, पिता, स्‍वर्ण, तांबा, फलदार वृक्ष, छोटे वृक्ष, गेंहू, हड्डी, सिर, नेत्र, दिमाग़ व हृदय पर अपना प्रभाव रखता है। अध्यात्म, दार्शनिक शास्त्र, चिकित्सा शास्त्र, नेत्र रोग, कुष्ठ रोग, शल्य चिकित्सा
चन्द्र आकार-गोल, रंग-सफेद(श्वेत), धातु-रक्त(खून),अन्य-स्त्री, वैश्य जाति, सौम्य ग्रह, सत्वगुण, जल तत्व, वात कफ प्रकृति है। सफेद रंग, माता, कलाप्रिय, सफेद वृक्ष, चांदी, मिठा, चावल, छाती, थूक, जल, फेंफड़े तथा नेत्र-ज्योति पर अपना प्रभाव रखता है। औषधि, मनोविज्ञान, जलीय पदार्थ, नेवी
मंगल आकार-तंदुरस्‍त शरीर, चौकौर रंग-लालिमा युक्त श्वेत, धातु-मज्जा, अन्य-क्रूर, आक्रामक, पुरुष, क्षत्रिय, पाप, तमोगुणी, अग्नितत्व, पित्त प्रकृति है। लाल रंग, भाई बहन, युद्ध, हथियार, चोर, घाव, दाल, पित्त, रक्त, मांसपेशियाँ, ऑपरेशन, कान, नाक आदि का प्रतिनिधि है। शल्य चिकित्सा, कृषि, भवन निर्माण, यांत्रिक शिक्षा, खेलकूद, अपराध विज्ञान
बुध आकार-दुबला शरीर, रंग-दूब की तरह श्याम, धातु-खाल, अन्य-नपुंसक, वैश्य जाति, समग्रह, रजोगुणी, पृथ्वी तत्व व त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) प्रकृति है। हरा रंग, चना, मामा, गणित, व्‍यापार, वायुरोग, वाक्, जीभ, तालु, स्वर, गुप्त रोग, गूंगापन, आलस्य व कोढ़ का प्रतिनिधि है। तर्क-वितर्क, शिल्प, व्यापार कौशल, शिक्षक, बहीखाते लिखना
बृहस्पति आकार-भारी मोटा शरीर, रंग-पीला(श्वेत), धातु-मेद(चर्बी), अन्य-पुरुष, ब्राह्मण, सौम्य, सत्वगुणी, आकाश तत्व व कफ प्रकृति है। पीला रंग, वेद, धर्म, भक्ति, स्‍वर्ण, ज्ञानी, गरु, चर्बी, कफ, सूजन, घर, विद्या, पुत्र, पौत्र, विवाह तथा गुर्दे का प्रतिनिधित्व करता है। साहित्य, कानूनी सलाहकार, वित्त व्यवस्था, अध्यापन, धार्मिक कार्य, अर्थशास्त्र, संतान कारक होने के कारण बालरोग विशेषज्ञ।
शुक्र आकार-सुन्‍दर स्त्री शरीर, रंग-समान्य साँवला(मध्यम गौर), धातु-वीर्य, अन्य-स्त्री, ब्राह्मण, सौम्य, रजोगुणी, जल तत्व व कफ प्रकृति है। सफेद रंग, सुन्‍दर कपडे, सुन्‍दरता, पत्‍नी, प्रेम सम्‍बन्‍ध, वीर्य, काम-शक्ति, वैवाहिक सुख, काव्य, गान शक्ति, आँख व स्त्री का प्रतिनिधि है। संगीत, नाटक, अभिनय, रूप सज्जा, नृत्य, कला आदि।
शनि रंग-काला रंग, धातु-नसे, नाड़ियाँ, धमनियाँ, स्नायुतन्त्र, अन्य- धसी हुई आंखें, पतला लंबा शरीर, क्रूर, नपुंसक, शूद्रवर्ण, पाप, तमोगुणी, वात कफ प्रकृति व वायु तत्व प्रधान है। काला रंग, चाचा, ईर्ष्‍या, धूर्तता, चोर, जंगली जानवर, नौकर, आयु, तिल, शारीरिक बल, योगाभ्यास, ऐश्वर्य, वैराग्य, नौकरी, हृदय रोग आदि का प्रतिनिधि है। इतिहास, पुरातत्व, राजनीति, मशीन संबंधी ज्ञान
राहु व केतु पाप ग्रह, चाण्डाल, तमोगुणी, वात पित्त प्रकृति व नपुंसक हैं। राहु का स्‍वाभाव शनि की तरह और केतु का स्‍वाभाव मंगल की तरह होता है। गहरा धुंए जैसा रंग, पितामह मातामह, धोखा, दुर्घटना, झगडा, चोरी, सर्प, विदेश, चर्म रोग, पैर, भूख व उन्नति में बाधा के प्रतिनिधि हैं। इलेक्ट्रानिक्स, अनुसंधान संक्रमणरोही

No comments:

Post a Comment