किस फूल से करें शिव की पूजा
महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव का पूजन विभिन्न प्रकार के पुष्प चढ़ाने का महत्व है। विशिष्ठ फल की प्राप्ति के लिए विभिन्न फूल चढ़ाए जाते हैं। शिव को बिल्व पत्र अतिप्रिय है। अत: बिल्व पत्र के साथ निम्न पुष्पों को समर्पित करने से आपकी कल्पित कामना पूर्ण होगी। सभी तरह की बीमारियों से मुक्ति के लिए: करवीर के फूल। आभूषणों की प्राप्ति के लिए: दुपहरिया के फूल। वाहन के लिए: चमेली के फूल। योग्य पत्नी के लिए: बेला के फूल। अन्न के लिए : जूही के फूल। वस्त्र के लिए: कनेर के फूल। सुख एवं संपत्ति के लिए: हरसिंगार के फूल। दुश्मनों पर विजय के लिए: राई के फूल। धन-संपत्ति के लिए: अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) लंबी उम्र के लिए: 1 लाख दूर्वा गांठ (21 दूर्वा की एक गांठ बनाई जाती है।) पुत्र प्राप्ति हेतु: 1 लाख धतुरे के लाल डंठल वाले फूल। भोग एवं मोक्ष: तुलसीदल से पूजन करें। मोक्ष के लिए: 1 लाख दर्भो (कुश जैसी घास) द्वारा या शमी पत्र से पूजन करें। शिवरात्रि के अलावा भी अपनी इच्छानुसार इन पुष्पों से ईश्वर का पूजन कर आप अपनी मनवांछित वस्तु शिव से प्राप्त करने की प्रार्थना कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव का पूजन विभिन्न प्रकार के पुष्प चढ़ाने का महत्व है। विशिष्ठ फल की प्राप्ति के लिए विभिन्न फूल चढ़ाए जाते हैं। शिव को बिल्व पत्र अतिप्रिय है। अत: बिल्व पत्र के साथ निम्न पुष्पों को समर्पित करने से आपकी कल्पित कामना पूर्ण होगी। सभी तरह की बीमारियों से मुक्ति के लिए: करवीर के फूल। आभूषणों की प्राप्ति के लिए: दुपहरिया के फूल। वाहन के लिए: चमेली के फूल। योग्य पत्नी के लिए: बेला के फूल। अन्न के लिए : जूही के फूल। वस्त्र के लिए: कनेर के फूल। सुख एवं संपत्ति के लिए: हरसिंगार के फूल। दुश्मनों पर विजय के लिए: राई के फूल। धन-संपत्ति के लिए: अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) लंबी उम्र के लिए: 1 लाख दूर्वा गांठ (21 दूर्वा की एक गांठ बनाई जाती है।) पुत्र प्राप्ति हेतु: 1 लाख धतुरे के लाल डंठल वाले फूल। भोग एवं मोक्ष: तुलसीदल से पूजन करें। मोक्ष के लिए: 1 लाख दर्भो (कुश जैसी घास) द्वारा या शमी पत्र से पूजन करें। शिवरात्रि के अलावा भी अपनी इच्छानुसार इन पुष्पों से ईश्वर का पूजन कर आप अपनी मनवांछित वस्तु शिव से प्राप्त करने की प्रार्थना कर सकते हैं।
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