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Friday, 24 June 2011

तंत्र-मंत्र से खेलेंगे टोटकों की होली

होली और श्मशान की राख
होली पूर्णिमा की रात को अनिष्टकारी कार्यो के लिए उपयुक्त माना जाता है।

मान्यता है कि होलिका दहन के समय उसकी उठती हुई लौ से कई संकेत मिलते हैं। पूरब की ओर लौ उठना कल्याणकारी होता है, दक्षिण की ओर पशु पीड़ा, पश्चिम की ओर सामान्य और उत्तर की ओर लौ उठने से बारिश होने की संभावना रहती है।
तांत्रिकों की राय
- टोने-टोटके के लिए सफेद खाद्य पदार्थो का उपयोग किया जाता है, इसलिए होलिका दहन वाले दिन सफेद खाद्य पदार्थो के सेवन से बचें।
- उतारे और टोटके का प्रयोग सिर पर जल्दी होता है, अत: सिर को टोपी आदि से ढके रहें।
- टोने-टोटके में व्यक्ति के कपड़ों का प्रयोग भी किया जाता है, इसलिए अपने कपड़ों का ध्यान रखें।
- होली पर पूरे दिन अपनी जेब में काले कपड़े में बांधकर काले तिल रखें। रात को जलती होली में उन्हें डाल दें। यदि पहले से ही कोई टोटका होगा तो वह भी खत्म हो जाएगा।
व्याधियों को उतारने का दिन
अपनी असाध्य व्याधियां दूसरे पर उतारने की प्रक्रिया भी होली पर होती है। इसके अलावा मारण, वशीकरण की प्रक्रिया भी की जाती है। इन सब टोटकों की शुरुआत होलिका अष्टक लगते ही शुरू हो जाती है। होलिका दहन के साथ प्रक्रिया की पूर्ण आहुति हो जाती है। सिद्ध और प्रशिक्षित लोग होलिका दहन वाले दिन ही यह पूर्ण कर लेते हैं।

शनि है सिद्धि का दिन
टोने-टोटके के लिए शनिवार का दिन काफी उपयोगी माना जाता है। होलिका दहन इस बार शनिवार को है। यह तांत्रिकों के लिए सोने पे सुहागा है। जो लोग अच्छा करना चाहते हैं, उन्हें मौका नहीं चूकना चाहिए।

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