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Monday, 27 June 2011

साढेसाती के तीन चरण


साढेसाती के तीन चरण


प्रथम चरण
इस चरणावधि में व्यक्ति की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है | आय की तुलना में व्यय अधिक होते है | विचारें गये कार्य बिना बाधाओं के पूरे नहीं होते है | धन विषयों के कारण अनेक योजनाएं आरम्भ नहीं हो पाती है | अचानक से धन हानि होती है | व्यक्ति को निद्रा में कमी का रोग हो सकता है | स्वास्थय में कमी के योग भी बनते है | विदेश भ्रमण के कार्यक्रम बनकर -बिगडते रह्ते है | यह अवधि व्यक्ति की दादी के लिये विशेष कष्टकारी सिद्ध होती है | मानसिक चिन्ताओं में वृ्द्धि होना सामान्य बात हो जाती है | दांम्पय जीवन में बहुत से कठिनाई आती है | मेहनत के अनुसार लाभ नहीं मिल पाते है |

द्वितीय चरण
व्यक्ति को शनि साढेसाती की इस अवधि में पारिवारिक तथा व्यवसायिक जीवन में अनेक उतार-चढाव आते है | उसे संबन्धियों से भी कष्ट होते है | व्यक्ति को अपने संबन्धियों से कष्ट प्राप्त होते है | उसे लम्बी यात्राओं पर जाना पड सकता है | घर -परिवार से दूर रहना पड सकता है | व्यक्ति के रोगों में वृ्द्धि हो सकती है | संपति से संम्बन्धित मामले परेशान कर सकते है |

मित्रों का सहयोग समय पर नहीं मिल पाता है | कार्यो के बार-बार बाधित होने के कारण व्यक्ति के मन में निराशा के भाव आते है | कार्यो को पूर्ण करने के लिये सामान्य से अधिक प्रयास करने पडते है | आर्थिक परेशानियां भी बनी रह सकती है |

तीसरा चरण
शनि साढेसाती के तीसरे चरण में व्यक्ति के भौतिक सुखों में कमी होती है | उसके अधिकारों में कमी होती है | आय की तुलना में व्यय अधिक होते है | स्वास्थय संबन्धी परेशानियां आती है | परिवार में शुभ कार्यो बाधित होकर पूरे होते है | वाद-विवाद के योग बनते है | संतान से विचारों में मतभेद उत्पन्न होते है | संक्षेप में यह अवधि व्यक्ति के लिये कल्याण कारी नहीं रह्ती है | जिस व्यक्ति की जन्म राशि पर शनि की साढेसाती का तीसरा चरण चल रहा हों, उस व्यक्ति को वाद-विवादों से बचके रहना चाहिए |

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