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Friday, 21 June 2013

नवग्रह

नवग्रह में कोई भी ग्रह अनिष्ट फल देने जा रहा हो जो शक्ति उपासना करने से विशेष लाभ मिलती है। सूर्य ग्रह के कमजोर रहने पर स्वास्थ्य लाभ के लिए शैलपुत्री की उपासना से लाभ मिलती है। चंद्रमा के दुष्प्रभाव को दूर करने के कुष्मांडा देवी की विधि विधान से नवरात्रि में साधना करें। मंगल ग्रह के दुष्प्रभाव से बचने के लिए स्कंदमाता, बुध ग्रह की शांति तथा अर्थव्यवस्था में वृद्धि के लिए कात्यायनी देवी, गुरु ग्रह के अनुकूलता के लिए महागौरी, शुक्र के शुभत्व के लिए सिद्धिदात्रि तथा शनि के दुष्प्रभाव को दूर कर शुभता पाने के लिए कालरात्रि के उपासना सार्थक रहती है। राहु की शुभता प्राप्त करने के लिए ब्रह्माचारिणी की उपासना करनी चाहिए। केतु के विपरीत प्रभाव को दूर करने के लिए चंद्रघंटा की साधना अनुकूलता देती है।

संक्रामक रोग, महामारी नाश के लिए निम्न मंत्रों का जाप विशेष लाभप्रद रहता है।

'ऊँ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते'।

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