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Monday, 4 February 2013

पितृदोष

पितृदोष निवारण

1 पितृदोष निवारण के लिए श्राद्ध करे। समयाभाव में भी सर्वपितृ अमावस्या या आश्विन कृष्ण अमावस्या के दिन श्राद्ध अवश्य श्रद्धापूर्वक करे।

2 गुरूवार के दिन सायंकाल के समय पीपल पेड की जड पर जल चढाकर सात बार परिक्रमा कर घी का दीपक जलाए।

3 प्रतिदिन अपने भोजन मे से गाय, कुते व कौओ को अवश्य खिलाए।

4 भागवत कथा पाठ कराए रूा श्रवण करे।

5 नरायण बली, नागबली आदि पितृदोष शांति हेतु करे।

6 माह में एक बार रूद्राभिषेक करे। संभव नही होने पर श्रावण मास में रूद्राभिषेक अवश्य करे।

7 अपने कुलदेवी-देवता का पुजन करते रहे।

8 श्राद्ध काल में पितृसुक्त का प्रतिदिन पाठ अवश्य करे।

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