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Thursday, 8 September 2011

चौघड़िया


 
किसी भी कार्य को शुभ मुहूर्त या समय पर प्रारंभ किया जाए तो परिणाम अपेक्षित आने की संभावना ज्यादा प्रबल होती है। यह शुभ समय चौघड़िया में देखकर प्राप्त किया जाता है। यहां हमने चौघिड़या देखने की सुविधा उपलब्ध कराई है।

सेतकरविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
6:00 AM7:30 AMउद्बेगअमृतरोगलाभशुभचरकाल
7:30 AM9:00 AMचरकालउद्बेगअमृतरोगलाभशुभ
9:00 AM10:30 AMलाभशुभचरकालउद्बेगअमृतरोग
10:30 AM12:00 PMअमृतरोगलाभशुभचरकालउद्बेग
12:00 PM1:30 PMकालउद्बेगअमृतरोगलाभशुभचर
1:30 PM3:00 PMशुभचरकालउद्बेगअमृतरोगलाभ
3:00 PM4:30 PMरोगलाभशुभचरकालउद्बेगअमृत
4:30 PM6:00 PMउद्बेगअमृतरोगलाभशुभचरकाल

 - शुभ - अमृत - लाभ

सेतकरविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
6:00 PM7:30 PMशुभचरकालउद्बेगअमृतरोगलाभ
7:30 PM9:00 PMअमृतरोगलाभशुभचरकालउद्बेग
9:00 PM10:30 PMचरकालउद्बेगअमृतरोगलाभशुभ
10:30 PM12:00 AMरोगलाभशुभचरकालउद्बेगअमृत
12:00 AM1:30 AMकालउद्बेगअमृतरोगलाभशुभचर
1:30 AM3:00 AMलाभशुभचरकालउद्बेगअमृतरोग
3:00 AM4:30 AMउद्बेगअमृतरोगलाभशुभचरकाल
4:30 AM6:00 AMशुभचरकालउद्बेगअमृतरोगलाभ
 
विशेष-दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। समयानुसार चौघड़िया को तीन भागों में बांटा जाता है शुभ, मध्यम और अशुभ चौघड़िया। इसमें अशुभ चौघड़िया पर कोई नया कार्य शुरु करने से बचना चाहिए।
 
शुभ चौघडियाशुभ (स्वामी गुरु), अमृत (स्वामी चंद्रमा), लाभ (स्वामी बुध)
मध्यम चौघडियाचर (स्वामी शुक्र)
अशुभ चौघड़ियाउद्बेग (स्वामी सूर्य), काल (स्वामी शनि), रोग (स्वामी मंग

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