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Saturday, 17 September 2011

सुख प्राप्ति का साधन

एक दिन श्री गुरु अर्जन देव जी के पास दो सिख हाजिर हुए| उन्होंने आकर गुरु जी से प्रार्थना की कि गुरु जी! हम सदैव दुखी रहते हैं| हमे सुख किस प्रकार प्राप्त हो सकता है? हम अपने दुखों से निजात पाना चाहते हैं| इसलिए गुरु जी आप ही हमें दुखों से बाहर निकाल सकते हैं| हमे इसका कोई उपाय बताएँ| 

गुरु जी पहले उनकी बात ध्यान पूर्वक सुनते रहें| जब उन्होंने अपनी सारी बात गुरु जी के आगे रख दी तो गुरु जी ने कहना शुरू किया भाई! अरोग शरीर, सुशील स्त्री, आज्ञाकारी पुत्र और धन-धान्य के सुख पिछले जन्म में किए दान पुण्य के फल स्वरूप ही मिलते हैं| भाव मनुष्य को पिछले जन्म के अनुसार ही फल प्राप्त होता है|

आगे गुरु जी कहने लगे की ग्रहस्थी का बड़ा धर्म दान पुण्य करना और नेक कमाई ही है| इसलिए आप भी नेक कमाई, पुण्य दान और सत्संग किया करो| इससे आपके दुखों का नाश होगा| दुख आपको छुह भी नहीं पाएंगे| आपको सुखो की प्राप्ति होगी|


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