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Thursday, 1 September 2011

गणपति पूजन


गणपति पूजन में क्या करे क्या न करे-
 सर्वप्रथम यह जान ले की श्री गणेश जी को तुलसी दल नहीं चढ़ाना चाहिए | अस्तु गणेश पूजन में तुलसी दल का प्रयोग न करे |
भवन में कभी भी तीन गणेश की पूजा नहीं करनी चाहिए अर्थात घर में गणेश जी की मूर्ति स्थापित न हो |
गणेश आराधना में तुलसी की माला का प्रयोग नहीं करना चाहिए अर्थात किसी भी गणेश मंत्र को तुलसी की माला पर जाप न करे |

किन विशेष मंत्रो का करे जाप-
शास्त्रोक्त वचन अनुसार यह गणेश मंत्र त्वरित, चमत्कारिक, आर्थिक प्रगति व समृध्दिदायक, समस्त बाधाएं दूर करने वाला हैं।
ॐ गं गणपतये नमः ।

शत्रु द्वारा कि गई तांत्रिक क्रिया को नष्ट करने व विविध कामनाओं कि शीघ्र पूर्ति हेतु यह मंत्र लाभकारी है |
ॐ वक्रतुंडाय हुम्‌ ।

आलस्य, निराशा, कलह, विघ्न दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप करे |
ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा ।

मंत्र जाप से कर्म बंधन, रोगनिवारण, समस्त विघ्न, कुबुद्धि, कुसंगत्ति, दूर्भाग्य, से मुक्ति होती हैं व आध्यात्मिक चेतना, धन प्राप्त होता है।
ॐ गं क्षिप्रप्रसादनाय नम:।

सुख, सौभाग्य, रोजगार प्राप्ति व आर्थिक समृद्धि हेतु -
ॐ गूं नम:।
लक्ष्मी प्राप्ति एवं व्यवसाय बाधा निवारण हेतु -
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गण्पत्ये वर वरदे नमः ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात।

समस्त विघ्नो, बाधाओं एवं संकटो के निवारण हेतु -
ॐ गीः गूं गणपतये नमः स्वाहा।
विवाह बाधा, त्रैलोक्य मोहन व सौभाग्य वृद्धि हेतु -
ॐ श्री गं सौभाग्य गणपत्ये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।

दिव्य ज्ञान, मार्गदर्शन व सामाजिक प्रतिष्टा प्राप्ति हेतु -
ॐ वक्रतुण्डेक द्रष्टाय क्लीं हीं श्रीं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मं दशमानय स्वाहा ।

मुकदमे में सफलता प्राप्ति हेतु -
ॐ वर वरदाय विजय गणपतये नमः।

वाद-विवाद, कोर्ट कचहरी में विजय प्राप्ति, शत्रु भय से मुक्ति हेतु -
ॐ गं गणपतये सर्वविघ्न हराय सर्वाय सर्वगुरवे लम्बोदराय ह्रीं गं नमः।

यात्रा में सफलता प्राप्ति हेतु -
ॐ नमः सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्न प्रशमनाय सर्व राज्य वश्य कारनाय सर्वजन सर्व स्त्री पुरुषाकर्षणाय श्री ॐ स्वाहा।
यह हरिद्रा गणेश साधना का चमत्कारी मंत्र हैं।
ॐ हुं गं ग्लौं हरिद्रा गणपत्ये वरद वरद सर्वजन हृदये स्तम्भय स्वाहा।

गृह कलेश निवारण एवं परिवार में सुखशान्ति कि प्राप्ति हेतु-
ॐ ग्लौं गं गणपतये नमः।
दरिद्रता नाश व धन प्राप्ति हेतु
ॐ गं लक्ष्म्यौ आगच्छ आगच्छ फट्।
व्यापार बाधा निवारण एवं व्यापर में निरंतर उन्नति हेतु-
ॐ गणेश महालक्ष्म्यै नमः।
असाध्य रोगों से मुक्ति हेतु-
ॐ गं रोग मुक्तये फट्।
मनोकामना पूर्ति हेतु- 
ॐ अन्तरिक्षाय स्वाहा।

उत्तम संतान प्राप्ति हेतु - 
गं गणपत्ये पुत्र वरदाय नमः।
ऋण मोचन हेतु - 
ॐ श्री गणेश ऋण छिन्धि वरेण्य हुं नमः फट ।

इस मंत्रों के अतिरिक्त गणपति अथर्वशीर्ष, संकटनाशक गणेश स्त्रोत, गणेशकवच, संतान गणपति स्त्रोत, ऋणहर्ता गणपति स्त्रोत, मयूरेश स्त्रोत, गणेश चालीसा का पाठ करने से गणेश जी की शीघ्र कृपा प्राप्त होती है ।

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