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Thursday, 11 August 2011

उपयोगी जड़ी बूटियां

उपयोगी जड़ी बूटियां
इन जड़ी बूटियों को अपनाकर बच्चों को स्वस्थ रख सकते हैं।
आंवला
इसका नियमित उपयोग बच्चों में उनकी रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। कब्ज में फायदेमंद है।
ब्राम्ही
बुद्धि का समुचित विकास विकास करने में सहायक है। स्मरणशक्ति वर्द्धक है। बुखार होने पर इसके पत्तों को उबालें और काढ़ा बनाकर पिलाने से आराम मिलता है। पीलिया होने पर इसके पौघे का रस सेवन करने से फायदा होता है।
तुलसी
सर्दी,जुकाम,खांसी में अति उपयोगी है। यह शारीरिक रोगप्रतिरोघक क्षमता की वृद्धि करती है।
बिल्व/बेल
कच्चे बेल के फल की मज्जा को सुखाकर और चूर्ण बनाकर अतिसार की स्थिति में उपयोग करने से आराम मिलता है। यह वमन में भी उपयोगी है।
शिरीष
एंटी-अस्थमेटिक के रूप में अत्यंत उपयोगी है। अस्थमा अटैक के समय इसके उपयोग से श्वास नली विस्फारित होती है और व्यक्तिको आराम मिलता है।
मुलेठी
खांसी में बलगम को निकाल कर आराम दिलाता है। रोगप्रतिरोघक क्षमता को बढ़ाता है।
पिप्पली
खांसी और दमा रोग में इसके चूर्ण को शहद के साथ देने से लाभ होता है। प्लीहा वृद्धि में उपयोगी है।
हरड़
हरीतकी चूर्ण को शहद और पिप्पली चूर्ण के साथ मिलाकर सेवन करने से खांसी में आराम मिलता है। कब्ज होने पर हरड़ के छिलके को पानी में उबालकर सेवन करने से फायदा होता है।
हल्दी
एलर्जिक खांसी, दमा में इसका नियमित सेवन अत्यंत उपयोगी है। जीवाणुरोघी के रूप में त्वचा रोगों में स्थानिक उपयोग में बेहद फायदेमंद साबित हुई है।

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