महालक्ष्मी मंत्र -
'ॐ श्रीं ह्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नम:'
आसान विधि :
* चाँदी की एक छोटी-सी डिबिया लें। अगर चाँदी की उपलब्ध नहीं हो तो किसी और शुद्ध धातु की डिबिया भी आप ले सकते हैं।
* इस डिबिया को आप ऊपर तक नागकेशर तथा शहद से भरकर बंद कर दें।
* दीपावली की रात्रि को इसका पूजन-अर्चन करके इसे अपने लॉकर या दुकान के गल्ले में रख दीजिए।
* रखने के बाद इसे खोलने की जरूरत नहीं है और ना ही और कुछ उपाय करने की।
* फिर अगली दीपावली तक इसे लॉकर या गल्ले में रखी रहने दें। दिनों दिन बढ़ती लक्ष्मी का चमत्कार आप स्वयं देखेंगे।

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ऊँ पहिनी पक्षनेत्री पक्षमना लक्ष्मी दाहिनी वाच्छा
भूत-प्रेत सर्वशत्रु हारिणी दर्जन मोहिनी रिद्धि सिद्धि कुरु-कुरु-स्वाहा।
इस मंत्र को पढ़कर गुगल गोरोचन छाल-छबीला कपूर काचरी, चंदन चुरा मिलाकर एवं अष्टमी या शनिवार को लाल फल के साथ।
नोट : मंत्र 108 बार पढ़ना है।
विशेष : इस प्रकार आप लाभ ले सकते हैं एवं अपने जीवन के लक्ष्य को पूर्ण कर सकते हैं। जितने प्रयोग दिए गए हैं। पूर्ण शुद्धिकरण से एवं विद्वानों से विचार करके करें। कार्य सिर्फ नि:स्वार्थ भाव से करें एवं परोपकार के लिए अवश्य पूर्ण होंगे। (वेबदुनिया डेस्क)
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