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Thursday, 11 August 2011

नाभि खिसक जाने (डूटी टरने)

इसी प्रकार नाभि खिसक जाने (डूटी टरने)
-पर-वे नाभि पर हाथ रखकर
‘‘लंका से कोट भरम-से-खाई-पेंचूरी-खरसे तो रामचंद्र-भगवान की दुहाई-फरे जण दन छूटे रावण केबाण छूटे कामड की अजगर डगे कोकिलावन के धरणी डगन-महादेव जल उडे दरियाव के-महादेव गोरा-पार्वती हनुमान लंकापति-खेडापति-मेरी डूंटी गोला-मार।’’-मंत्र का-पाठ करते हैं।इससे नाभि वास्तविक स्थिति-में आ जाती है और-पीडित व्यक्ति भला-चंगा हो जाता है।

3 comments:

  1. aap nabhi ke bare me aur janiye
    beautyclinic.blogspot.com
    http://beautyclinict.blogspot.in/
    http://krishnsinghchandel.blogspot.in
    agar pasand aye to apna comment dejeye

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  2. upar deye aad par aap ko nabhi se sabandhit sabhi jankari mele ge

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  3. upar deye aad par aap ko nabhi se sabandhit sabhi jankari mele ge

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