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Friday, 8 July 2011

जानें क्या होता है जब दाईं आंख फड़के!

हमारे वैदिक ग्रंथो में ज्योतिष के आलावा कई सारी और अन्य विधाए हैं जिनसे हम अपना भविष्य जान सकते हैं या कुछ ऐसे लक्षण होते हैं जिनसे आने वाले समय का आभास हो जाता है। उन्हीं में से एक है अंगस्फुरण यानि शरीर के अंग का फड़कना। इसका भी अपना अलग-अलग अर्थ होता है।
-पुरुषो का दाया और स्त्रियों का बाया अंग फड़कना शुभ है। दोनों भौंहों के मध्य भाग फड़के तो सुख की प्राप्ति होती है।
-यदि आंखों के पास का हिस्सा फड़के तो प्रिय व्यक्ति से मिलन का संकेत है।
-आंखों के कोने फड़के तो यह धन प्राप्ति का संकेत है।



-पांव का तलुआ फड़के तो बुद्धि प्राप्ति होती है।
-कंठ फड़के तो ऐश्वर्य लाभ होता है।
-भुजा फड़के तो अच्छा भोजन प्राप्त हो।
-भुजा मध्य में स्फुरण हो तो धन आगमन हो।
-जंघा फड़के तो स्वामी प्रीति मिले।
-आंख की पलके फड़के तो राज्य लाभ समझें।
-वक्षस्थल स्फुरण हो तो विजय प्राप्त होने के संकेत हैं।
-अगर कपाल फड़के तो उसे शुभ समाचार प्राप्त होने का संकेत माना जाता है।
-होंठों का फड़कना किसी प्रिय वस्तु के मिलने का संकेत है।
-मस्तक का फड़कना शुभ है। इससे पृथ्वी लाभ होता है।
-ललाट का फड़कना स्थान लाभ देता है।
-पांव की पिंडलियां फड़के तो शत्रु बाधा समझे।

2 comments:

  1. MERI DAYI AKHE TEEN CHAR DIN SE FADAK RAHI HAI OR MERE PAISE BHI CHORI HO GAYE YE KIS OR SANKET KAR RAHE KYA AGE BHI IS PRAKAR KA LOSS HO SAKTA HAI

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  2. MERI DAYI AKHE TEEN CHAR DIN SE FADAK RAHI HAI OR MERE PAISE BHI CHORI HO GAYE YE KIS OR SANKET KAR RAHE KYA AGE BHI IS PRAKAR KA LOSS HO SAKTA HAI

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