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Thursday, 2 June 2011

काजल से मान जाएंगे शनि देव

ज्योतिष के अनुसार नौ ग्रह बताए गए हैं जो सभी की कुंडली में अलग-अलग स्थिति में रहते हैं। सभी ग्रह अलग-अलग फल प्रदान करते हैं। कुछ ग्रह शुभ फल देने वाले हैं तो कुछ ग्रह अशुभ फल देने वाले। इन ग्रहों में शनि एक ऐसा ग्रह है जो क्रूर माना जाता है। इसे न्यायाधिश का पद प्राप्त है।

शनि देव को न्यायाधिश माना गया है अत: यही हमारे अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। जिस व्यक्ति के जैसे कर्म होते हैं ठीक उसी प्रकार का न्याय शनि देव द्वारा किया जाता है। कई बार कुछ लोगों से जाने-अनजाने में कुछ अधार्मिक हो जाते हैं, जिनका फल निश्चित ही बुरा होता है। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या को सबसे अधिक बुरा फल देने वाला समय माना गया है। इस दौरान व्यक्ति को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

यदि आप भी शनि से संबंधित परेशानियों को झेल रहे हैं तो इन समस्याओं का प्रभाव कम करने के लिए शनि देव की उपासना सबसे अच्छा उपाय है। वैसे तो ज्योतिष में शनि को मनाने के लिए कई उपाय दिए गए हैं लेकिन यहां एक सटीक और आसान उपाय दिया जा रहा है। किसी भी शनिवार को किसी सुनसान जगह पर काजल की एक छोटी को जमीन में गाढ़ दें। डिबिया गाढऩे के बाद बिना पीछे देखे, घर लौट आएं। इसके साथ हर शनिवार को एक कटोरी में तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें और इस तेल को दान करें।

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