- सिद्ध की हुई हत्था जोड़ी तथा सियार सिंगी सदैव पास में रखने अथवा धारण करने से शत्रुओं के प्रहारों व षडयंत्रों से रक्षा होती है।
- यदि शत्रुओं का भय सता रहा हो तो फिरोजा रत्न धारण करने से मन में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा शत्रुओं का भय स्वत: ही कम होने लगता है।
- सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने से भी शत्रुओं द्वारा किए किसी टोने-टोटके का असर नहीं होता तथा साधक अकाल मृत्यु से भी बचता है।
- मारकेश दशा (कुंडली में स्थित मृत्यु कारक ग्रह की दशा, जिस दौरान मृत्यु की संभावना सबसे अधिक होती है) चल रही हो तो भी सात मुखी रूद्राक्ष धारण करना श्रेष्ठ रहता है लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि रूद्राक्ष पूर्ण हो तथा वजन में हल्का न हो।
- यदि शत्रुओं का भय सता रहा हो तो फिरोजा रत्न धारण करने से मन में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा शत्रुओं का भय स्वत: ही कम होने लगता है।
- सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने से भी शत्रुओं द्वारा किए किसी टोने-टोटके का असर नहीं होता तथा साधक अकाल मृत्यु से भी बचता है।
- मारकेश दशा (कुंडली में स्थित मृत्यु कारक ग्रह की दशा, जिस दौरान मृत्यु की संभावना सबसे अधिक होती है) चल रही हो तो भी सात मुखी रूद्राक्ष धारण करना श्रेष्ठ रहता है लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि रूद्राक्ष पूर्ण हो तथा वजन में हल्का न हो।
No comments:
Post a Comment