टोटके
अगर आपको किसी धार्मिक स्थान पर कुछ पैसे अचानक मिल जातें हैं तो आप उन्हें लेकर लाल या पीले कपड़े में बांधकर घर में रखें तो माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी।
जिनके विवाह में बाधा आ रही हो तो १२०० ग्राम चने की दाल, सवा किलो ढूध वीरवार को २ बार दान करने से यह बाधा दूर हो जाती है।
यदि पति-पत्नी में क्लेश रहता है तो अपने शयन कक्ष में हर रोज़ मुसक कपूर जलाया करें इस से प्रेम बढेगा।
अगर आप कारोबार के लिए कोई जगह देख रहें हैं तो वो जगह शेरमुंह होनी चाहिए, ऐसी जगह पर कारोबार करने से कारोबार दिन प्रतिदिन बढता है।
अगर आप रहने के लिए जगह देख रहें हैं तो वो जगह गौमुखी होनी चाहिए, ऐसी जगह पर रहने से घर में सुख-शान्ति बनी रहती है।
घर में सुख-शान्ति न हो तो पीपल पर सरसों के तेल का दीया जलाना और जला कर काले माह (उड़द ) के तीन दाने दीये में डालना चाहिए, ऐसा तीन शनिवार शाम को करें।
दुर्घटना या सर्जरी का भय हो तो तांबें के बर्तन में गुड़ हनुमान जी के मन्दिर में देने से बचाव होता है और अगर सरसों के तेल का दीया वहीं जलाये और वहीं बैठ कर हनुमान चालीसा पढ़े और हलवा चढाये तो काफ़ी बचाव होता है, ऐसा चार मंगलवार रात्रि करें।
बहन भाईओं से कोई समस्या हो तो सवा किलो गुड़ जमीन में दबाने से समझौता होता है, ऐसा मंगलवार को करें।
बच्चों की पढ़ाई के लिए सवा मीटर पीले कपडें में २ किलो चने की दाल बांधकर लक्ष्मी-नारायण जी के मन्दिर में चढाये, ऐसा पाँच शाम वीरवार को करें।
कमर, गर्दन में तकलीफ रहती हो तो दोनों पैरों के अंगूठे में काला सफ़ेद धागा बांधें।
साबुत काले उड़द में मेहँदी मिलाकर जिस दिशा में वर या वधु का घर हो उस तरफ़ फेंक देने से वर-वधु में प्यार बढता है, क्लेश समाप्त हो जाता है। यह क्रिया जहाँ पर विवाह हुआ हो वहीं से करनी है।
एक लोटा पानी में रुद्राक्ष के पाँच दाने डालकर शाम को रख दें। प्रातः वह जल पीयें और इसके बाद लोटे में दुबारा जल भरकर वहीं दाने दाल दें। २४ घंटें बाद वह जल फ़िर सेवन करें। यह रुद्राक्ष जल उदर विकार को नष्ट करके रक्त संचार में सहायक बनता है।
दक्षिणावर्ती शंख जहाँ भी रहता है, दरिद्रता वहां से पलायन कर जाती है।
एकाक्षी नारियल के सिरे पर तीन के स्थान पर दो बिन्दु होतें हैं। इस की पूजा करने से घर में सुख-शान्ति और लक्ष्मी का वास होता है।
गाय को अपनी थाली की रोटी खिलाने वाला सदा सात्विक और प्रसन्न रहता है। गाय का ढूध पीने से बल बुद्धि का विकास होता है। गाय का मूत्र घर के भूत-पिशाच को भगाता है।
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