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Monday, 8 July 2013

शनि मार्गी

शनि मार्गी


बारह राशियों पर होरा शास्त्र के अनुसार इस योग का क्या प्रभाव रहेगा

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए ये योग सप्तम भाव में हो रहा है

और यह इनके लिए अनुकूल और लाभदायी होगा।

व्यवसायिक उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।

व्यवसाय में विस्तार होगा।

व्यवसाय में लाभ मार्ग प्रशस्त होगा।

यदि आप नौकरी में हैं तो उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।

सुख के साधनों में वृद्घि होगी।

कानूनी मसलों में सफलता हासिल होगी।

उपाय

शनिवार का व्रत करें।
दशरथकृत शनि स्रोत का नियमित पाठ करे।

वृष राशि

वृषभ राशि वालों के लिए ये योग छठे भाव में हो रहा है।

इनके लिए समय अनुकूल रहेगा।

कोर्ट कचेहरी के मसले हल होंगे।

शत्रु समस्याओं का निवारण होगा।

राजनैतिक वर्चस्व बढ़ेगा।

रोग और ऋण से मुक्ति मिलेगी।

किया गया पूंजी निवेश अनुकूल व लाभदायक फल प्रदान करेगा।

मनोकूल व्यवसायिक परिवर्तन व नौकरी में हैं तो पदोन्नति की प्रबल संभावना।

उपाय

शनिवार को अपने हाथ की नाप का 19 हाथ लंबा काला धागा माला बनाकर पहनें। कष्टों से छुटकारा मिलेगा।

प्रतिदिन स्नानोपरांत शिवलिंग पर लघुमृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए जल और बेल पत्र चढ़ाएं। जल में दूध व गंगा जल जरूर मिलाए।

मिथुन राशि

मिथनु राशि वालों के लिए ये योग पंचम भाव में हो रहा है।

ये मार्गी शनि मिथुन राशि वालों के लिए अनुकूल फल प्रदान करेगा।

पारिवारिक समस्याओं का निवारण होगा।

जमीन-जायदाद के मसले निपटेंगे।

किये गये प्रयास सफल होंगे।

वाहनादि प्राप्ति का योग भी नजर आ रहे हैं।

उपाय

घर में श्रीयंत्र और लक्ष्मी जी की स्थापना कर दोनों समय आरती व भोग लगाएं।
सुंदर खुशबू वाले पौधे सार्वजनिक स्थान पर लगाने चाहिए।
मंगलकारी शनि मंत्र का जाप करें।

शनि मार्गी


कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए ये योग चतुर्थ भाव में हो रहा है।

कर्क राशि वालों को थोड़ी सी सावधानी बरतनी पड़ेगी।

जहां एक ओर आयात-निर्यात के कार्यों मे लाभ मिलेगा,

मनोनुकूल यात्राएं होंगी,

रुका हुआ धन प्राप्त होगा

दांपत्य जीवन में अनुकूलता आयेगी

वहीं दूसरी ओर 31 जुलाई तक नये कारोबार की शुरुआत अनुकूल फल प्रदान नहीं करेगा

सावधानी बरतें।

उपाय

हर रोज सांयकाल प्रदोष काल में पीपल के पेड़ में तेल का दीपक जलाएं।
सात परिक्रमा करें।
सात लड्डू कुत्ते को खिला दें।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए ये योग तीसरे भाव में हो रहा है।

इस भाव में ये योग सफलताओं से भरा रहेगा।

भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

देश-विदेश की मनोनुकूल यात्राओं का योग भी नजर आ रहा है।

व्यापारिक प्रयासों की सराहना होगी।

मित्रों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

परन्तु स्वास्थ्य का थोड़ा ध्यान अवश्य रखना होगा।

उपाय

घर में तेल का दीपक जलाकर नियमित सुबह-शाम ú शं शनैश्चराय नम: मंत्र की पांच माला जाप करें।
शनिवार का व्रत रखें।
हर रोज संध्या काल पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए ये योग दूसरे भाव में हो रहा है।

ये इनके लिए मध्यम फल प्रदान करेगा।

मान-सम्मान में वृद्घि होगी।

रुके हुए काम बनेंगे।

शत्रु चाह कर भी आपको नुकसान नहीं पहुंचा पायेगा।

रोजगार संबंधी समस्याओं का निवारण होगा।

परन्तु बिना सोचे-समझे पूर्वाग्रह से ग्रसिह होकर निर्णय लेना हानिकारक रहेगा।

उपाय

घर में प्रात:काल व सांयकाल शुद्घ देसी घी का धूप व दीपक जलाएं।
और ú शिवाय नम: की पांच माला जाप करें।


तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए ये योग लगन में हो रहा है।

तुला राशि वालों के लिए यह शनि लाभदायक व शुभ फल प्रदान करेगा।

परिश्रम के अनुकूल फल प्राप्त होंगे।

स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का निवारण होगा।

परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।

आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी परन्तु नए पूंंजी निवेश में सावधानी बरतें।

आत्मविश्वास से किये गये कार्य लाभ अवश्य दिलायेंगे।

उपाय

दशरथ कृत शनि स्तोत्र का नियमित पांच पाठ करें।
ú प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: मंत्र का प्रतिदिन सुबह-शाम पांच माला जाप करें।
सूर्य की ओर पीठ करके पीपल में जल चढ़ाएं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए ये योग द्वादश भाव में हो रहा है।

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह शनि सफलता का संकेत दे रहा है।

आत्मविश्वास, साहस और पराक्रम में वृद्घि होगी।

चल और अचल संपत्ति का लाभ प्राप्त होगा।

कार्यक्षेत्र में किये गये कार्य सफल होंगे।

स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का निवारण होगा।

दांपत्य जीवन में सरसता बनी रहेगी।

दांपत्य सुख में वृद्घि होगी।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को जरूरतमंद व गरीब व्यक्तियों को केला, मीठी खीर, गुड़ एवं देसी चना बांटे।
नियमित सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ करें।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए ये योग एकादश भाव में हो रहा है।

दशम भाव में मार्गी शनि धनु राशि वालों के लिए सुखद वातावरण तैयार करेगा।

अनावश्यक कार्य संबंधी परेशानियों का निवारण होगा।

संतान संंबंधी परेशानियों का हल निकलेगा।

सरकार से लाभ प्राप्त होगा। रुके हुए सरकारी कार्य बनेंगे।

धैर्य एवं सूझबूझ से किये गये कार्यों से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

उपाय

किसी भी शनिवार को इस उपाय को शुरू करें। 43 दिनों तक रविवार को छोडक़र नियमित सूर्योदय के समय शनिदेव का तेलाभिषेक करें।
घर में तेल का दीपक जलाकर शनैश्च स्तोत्र का पाठ करें।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए ये योग दशम भाव में हो रहा है।

मकर राशि वालों के लिए नवम भाव में मार्गी शनि कठिनाइयों व परेशानियों का निवारण करायेगा।

धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। अध्यात्मिक रुझान मानिसिक परेशानियों का निवारण करायेगा।

कारोबार में अनुकूल व्यवसायिक संबंध बनेेंगे।

स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का निवारण होगा।

किया गया पूंजी निवेश अवश्य लाभ देगा।

उपाय

हर रोज घर में चौमुखा दीपक जलाकर शनि पत्नी नाम स्तुति का तीन माला जाप करें।
दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें।
गाय को श्रद्घानुसार 43 दिन बूंदी के लड्डू खिलाएं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए ये योग नवम भाव में हो रहा है।

कुंभ राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा सा मध्यम रहेगा।

जहां एक ओर शोध व साधना की ओर मन अग्रसर होगा

गुजारे लायक धन की प्राप्ति होगी।

कानूनी मसले निपटते हुए नजर आयेंगे।

वहीं दूसरी ओर अनावश्यक कारोबारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

इस समय व्यवसाय व नौकरी में किया गया परिवर्तन नुकसानदेह रहेगा।

31 जुलाई तक परिवार व कारोबार को लेकर विशेष सावधान रहना पड़ेगा।

उपाय

शनिवार के दिन चोकर युक्त आटे की 2 रोटियां लेकर एक पर तेल और दूसरी पर घी चुपढ़ दें। तेल वाली रोटी पर गुड़ रखकर और घी वाली रोटी पर चने की दाल रखकर गाय को खिला दें।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए ये योग अष्टम भाव में हो रहा है।

मीन राशि वालों के लिए शनि का राशि परिवर्तन अनुकूल व शुभप्रद रहेगा।

पारिवारिक वातावरण अनुकूल रहेगा।

पारिवारिक रिश्तों में प्रगाढ़ता आयेगी।

रुके हुए कार्य बनेंगे।

मान-सम्मान बढ़ेगा आर्थिक परेशानियों का निवारण भी होगा।

परन्तु पूंजी निवेश में सावधानी अपेक्षित है।

उपाय

मछलियों को उड़द के आटे की छोटी-छोटी गोली बनाकर खिलायें।
हर रोज नित्यक्रम से निवृत होकर सूर्योदय के समय 108 बार सूर्यपुत्र दीर्घदेही विशालाक्ष: शिवप्रिय:।
मन्दचार: प्रसन्नात्मा: पीडां हरतु मे शनि:॥

BY

Paramhans Daati Ji Maharaj

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