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Saturday, 20 July 2013

शीघ्र विवाह के लिए

ऎसे करें उपाय
सर्व प्रथम विवाह में बाधक ग्रहों की पहचान कर उस ग्रह से संबंधित व्रत, दान, जप आदि करने चाहिए। पितृ शांति कराएं। पति के कारक ग्रह गुरू के व्रत विशेष लाभकारी होते हैं। इस दिन हल्दी मिश्रित जल केले को चढ़ाएं, घी का दीपक जलाएं तथा गुरू मंत्र "ॐ ऎं क्लीं बृहस्पतये नम:" का जप करें। गुरूवार को पके केले स्वयं नहीं खाएं।

वर प्राप्ति के राशिगत उपाय
मेष : स#म भाव के स्वामी शुक्र की नेष्ट स्थिति होने पर शुक्रवार को दुर्गा जी की मूर्ति अथवा चित्र पर लाल पुष्प अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर इस मंत्र का स्फटिक की माला से 108 बार जप करें। मंत्र - हे गौरि! शंकराधांüगि। यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरू कल्याणि कान्तकान्तां सुदुर्लभाम्।।

वृष : स#मेश मंगल के व्रत, दान करें। "कात्यायिनी महामाये महायोगिनीधीश्वरी। नन्द-गोपसुतं देवि! पतिं मे कुरू ते नम: ।।" मंत्र का जप करें।

मिथुन : स#मेश गुरू की प्रिय वस्तुओं का दान करें। गुरूवार का व्रत करें। "ॐ देवेंद्राणि! नमस्तुभ्यं देवेन्द्रप्रियभामिनि। विवाहं भाग्यमारोग्यं शीघ्रलाभं च देहि मे।।"

कर्क : स#मेश शनि की शांति के लिए शनिवार का व्रत करें और "ॐ ऎं सीं श्रीं शनैश्चराय नम:" मंत्र का जप करें। दूध में काले तिल मिलाकर सोमवार को शिवजी पर चढ़ाएं। "ॐ हिरण्यगर्भाय अव्यक्तरूपिणे नम: " मंत्र का जप करें।

सिंह : आपका स#मेश शनि है अत: शनिवार का व्रत करें, शनि की प्रिय वस्तुओं का दान करें, लोहवान युक्त बत्ती बनाकर सरसों के तेल का दीपक संध्या के समय पीपल वृक्ष के नीचे जलाएं। "ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनये नम:" मंत्र का प्रत्येक शनिवार को जप करें। इसके अतिरिक्त "ऎं श्रीं क्लीम् नमस्ते महामाये महायोगिन्धीश्वरी। सामान्जस्यम सर्वतोपाहि सर्व मंगल कारिणीम्।।" मंत्र का यथा शक्ति जप करें।

कन्या : "ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये ˜यंबके गौरि नारायणि नमोस्तु ते।।" मंत्र का जप करें। कुल देवता तथा पितृश्वरों की पूजा करें। स#मेश गुरू के दान, मंत्र तथा व्रत गुरूवार को करें।

तुला : स#मेश मंगल के व्रत, दान तथा जप करें। "ॐ ह्नीं गौर्यै नम: ।।" मंत्र के यथा शक्ति जाप करें।
वृश्चिक : विजया सुंदरी मंत्र "ॐ विजया सुंदरी क्लीं।।" का प्रत्येक शुक्रवार को 108 बार जप करें। स#मेश शुक्र के मंत्र "ॐ सीं श्रीं शुक्राय नम: ।।" का जप करें।

धनु : स#मेश बुध का व्रत करें, बुध की प्रिय वस्तुओं का दान करें। "हे माते! त्वं शक्तिस्त्वं स्वाहा त्वं सावित्री सरस्वती। पतिं देहि गृहं देहि सुतान् देहि नमो स्तुते।। मंत्र का यथा शक्ति जाप करें।

मकर : शीघ्र विवाह के लिए स#मेश चंद्रमा की शांति के लिए सोमवार का व्रत करें और पारद शिवलिंग का दूध, दही, घी, शहद तथा शक्कर से अभिषेक करें।" ॐ शं शंकराय सकल जन्मार्जित पापविध्वंसनाय। पुरूषार्थचतुष्टयलाभाय च पतिं देहि कुरू कुरू स्वाहा।।" मंत्र का जप करें।

कुंभ : आठवें भाव में स्थित होकर गुरू अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो पीले रंग के फूल घर से बाहर जमीन में दबा दें। "ॐं श्ीं श्रीं क्लीं मम वांछित देहि देहि स्वाहा।।" इस मंत्र को शुभ मुहूत्तü में भोजपत्र पर अनार की कलम और अष्टगंध से लिखकर प्रतिदिन पूजा करें।

मीन : स#मेश बुध के व्रत व दान करें। "ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम: ।।" मंत्र के यथा शक्ति जप करें। "फलै मन्मथाय महाविष्णु स्वरूपाय, महाविष्णु पुत्राय, महापुरूषाय। पति सुखं मोहे शीघ्रं हि।।" इस मंत्र की 11 माला शुभ मुहूत्तü में जप करें और प्रत्येक बुधवार को तीन माला जप करें। ऎसा 21 बुधवार तक करें, विवाह शीघ्र होगा।

डॉ. महेश शर्मा

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