Search This Blog

Friday, 26 July 2013

रुद्राष्टाध्यायी

रुद्राष्टाध्यायी के वैदिक मंत्रो से इसके अभिषेक की परम्परा है. किन्तु ऐसा कोई प्रति बंध नहीं है. रावण कृत तांडव स्तोत्र से भी अभिषेक किया जा सकता है. केवल पुरुष सूक्त से भी अभिषेक हो सकता है. किसी भी मंत्र से अभिषेक किया जा सकता है. शास्त्रों में इसकी भरपूर स्वंत्रता दी गयी है. केवल अभिषेक सामग्री पर ध्यान देना आवश्यक होता है. जो विविध अभिषेक से सम्बंधित पुस्तकों में वर्णित रहती है.

वर्त्तमान समय में जब अंध विश्वास, ढोंग एवं पाखण्ड चरम सीमा पर है, अभिषेक एक ऐसा साधन है जिसे बहुत ही साधारण तरीके से पूरा किया जा सकता है. ध्यान यही रखना है कि सामग्री उचित हो. उचित सामग्री का होना जरूरी है. उचित सामग्री में से कोई सामग्री कम है तो कोई बात नहीं. किन्तु अनुचित सामग्री नहीं होनी चाहिए.

पंडित आर. के. राय

No comments:

Post a Comment