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Thursday, 4 April 2013

आराधना

जन्म राशि के अनुसार करें आराधना

प्रत्येक मनुष्य मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए अपने इष्ट देवी-देवता की पूजा अर्चना करता है। अपनी जन्म राशि के अनुसार यदि अपने इष्ट देवी-देवता की पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से आराधना की जाये तो जीवन में अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं। यहाँ हम समस्त बारह जन्म राशियों के अनुसार इष्ट देवी-देवता की आराधना करने के सम्बन्ध में चर्चा कर रहे हैं।
मेष और वृश्चिक राशि :
इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह मंगल हैं। इन राशि के जातकों को पवनसुत हनुमानजी, महा काली और तारा देवी की आराधना करने के साथ-साथ दुर्गा सप्तशती में दिए गए देवीजी के प्रथम चरित्र का पाठ करना शुभ फलदायी होता है।
वृष और तुला राशि :
इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह शुक्र हैं, जो रजो गुण प्रधान हैं। इन जातकों को ज्ञान की देवी सरस्वती जी की आराधना करना शुभ होता है।
मिथुन और कन्या राशि :
इन राशियों के स्वामी ग्रह बुध हें। बुध भी रजो प्रधान ग्रह हैं। इन जातकों को माता दुर्गा और भुवनेश्वरी देवी जी की आराधना करना शुभ फलदायी माना गया है।

कर्क राशि :
इस राशि के स्वामी सतो गुण प्रधान चन्द्र ग्रह हैं। इस राशि के जातकों को धन की देवी महालक्ष्मी जी की आराधना करनी चाहिए।

सिंह राशि :
इस राशि के स्वामी सतोगुण प्रधान ग्रह सूर्य है। इस राशि के जातकों को सूर्य भगवान्, धन की देवी महालक्ष्मी , बगला मुखी एवं सिद्धिदात्री देवी की आराधना करनी चाहिए।
धनु और मीन राशि :
इन दोनों राशियों के स्वामी ग्रह गुरु अर्थात ब्रहस्पति हैं। ये सतो गुण प्रधान हैं। इन दोनों राशियों के जातकों के लिए महालक्ष्मी, कमला और सिद्धिदात्री देवी की आराधना करना फलदायी होता है।
मकर और कुम्भ राशि :
इन दोनों राशिओं के स्वामी ग्रह शनि हैं जो तमो प्रधान गुण रखते हैं। इन जातकों को शनि देव और महाकाली जी की उपासना करनी चाहिए। --

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