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Tuesday, 12 June 2012

देवी मंत्र

सिर्फ यह 1 देवी मंत्र बोल हासिल होगा पैसा, पॉवर व पोजीशन


शास्त्र कहते हैं कि अर्थ यानी धन संपन्न व्यक्ति के लिए विद्यावान, गुणवान और कुलीन या प्रतिष्ठित बनना संभव हो जाता है, किंतु व्यक्ति निर्धन या दरिद्र हो जाए तो उसके सारे गुणों पर दुर्गण हावी होकर दु:ख का कारण बन जाते हैं। इसलिए धन को कर्म, कला, शक्ति व ज्ञान प्राप्ति का साधन भी माना गया है।
धार्मिक दृष्टि से शक्ति, ज्ञान व वैभव का यही स्वरूप महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती के रूप में पूजनीय है। इसलिए महाकाली मलिनता, रोग, दोष व कलह का नाश कर शक्ति संपन्न, महालक्ष्मी धन संपन्न और महासरस्वती विद्या व ज्ञान का स्वामी बनाने वाली मानी गई है।
ऐसी ही कामनासिद्धि के लिए शुक्रवार को देवी उपासना के शुभ दिन देवी की लाल सामग्रियों से विशेष पूजा के बाद नीचे लिखे एक ही मंत्र से तीनों देवियों की कृपा प्राप्त होने का महत्व बताया गया है।
- देवी मंदिर या घर पर ही महालक्ष्मी, महाकाली व महासरस्वती प्रतिमा या या वैष्णो देवी के चित्र पर लाल चंदन, अक्षत, लाल फूल, लाल मौली या वस्त्र, नारियल अर्पित कर धूप व घी का दीप प्रज्जवलित करें व लाल आसन पर बैठ धन, पद व यश की कामना के साथ नीचे लिखा देवी मंत्र बोलें -
कामेश्वरी महालक्ष्मीं ब्रह्माण्ड वश कारिणीम्।
सिद्धेश्वरी सिद्धिदात्रीं शत्रूणां भय दानिनीम्।।
ऋद्धि देवीं पात-वसं उद्यत-भानु सम-प्रभाम्।
कुलदेवीं नमामि स्वां सर्व-काम-प्रदां शिवाम्।।
सिद्धि-रूपेण देवी त्वां विष्णु प्राण-वल्लभाम्।
काली-रूप धृतां उग्रां रक्तबीज-निपातिनीम्।।
विद्या रूप धरां पुण्यां शुभ लाभ प्रद स्थिताम्।
दुर्गा-रूप-धरां देवीं दैत्य-दर्प-विनाशिनीम्।।
मूषक वाहना रूढां सिंह-वाहन-संयुताम्।
ऋद्धि-सिद्धि, महादेवि पूर्ण सौभाग्यं देहि मे।।
- इस देवी मंत्र स्तुति के बाद तीनों देवियों की धूप, दीप व कर्पूर आरती करें। दीपज्योति ग्रहण कर क्षमाप्रार्थना के साथ प्रसाद ग्रहण करें। नारियल लाल वस्त्र में बांध तिजोरी में ररखना भी मंगलकारी व समृद्धिदायक माना गया है।

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