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Tuesday, 18 October 2011

दीपावली

आईये इस दीपावली के अवसर पर आपको इसी से सम्बंधित अष्ट सिद्धियो व नव निधियो के बारे में अवगत करायें।
अष्ट सिद्दियां- अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, वशित्व
अणिमा-इस के सिद्द होने पर व्यक्ति सूक्ष्म रूप का होकर कही भी आ जा सकता है।
महिमा-इससे साधक अपने आकार को कई गुना बड़ा कर सकता है।
गरिमा-इससे व्यक्ति अपने को जितना चाहे भारी बना सकता है।


लघिमा-इससे साधक अपने को जितना चाहे हल्का बना सकता है।
प्राप्ति-इसके सिद्ध होने पर इच्छित पदार्थ की प्राप्ति होती है।
प्राकाम्य-इसके सिद्द होने पर व्यक्ति पृथ्वी के भीतर जा सकता है व आकाश में उड़ान भर सकता है।
ईशित्व-इसके सिद्द होने पर सब पर शासन करने की सामर्थता आती है।
वशित्व-इसके सिद्द होने पर दूसरों को वश में किया जा सकता है।
इन सभी सिद्दियों का प्राप्ति काफी दुष्कर है तथा यह माना जाता हैं की केवल भगवान हनुमान जी को यह सिद्दिया माता अंजनी के वरदान से मिली थी जिसका उल्लेख इस श्लोक में किया गया है।
अष्ट सिद्दी नव निधि के ज्ञाता(दाता)|
अस वर दीन जानकी माता||
आने वाले एपिसोड्स में हम आपको हनुमान जी और मां लक्ष्मी की नव निधियों के बारे में भी विस्तार से बताएंगे।
मेष-शरीर, व्यक्तित्व की कमजोरी और जीवनशैली की अस्तव्यस्तता को सुधारें।
क्या करें-परिवार में क्लेश को बचाएं।
क्या न करें-काले वस्त्र के प्रयोग से बचें।
वृषभ-चल रहे व्यापारिक, मांगलिक कार्यक्रम के सकुशल संपन्न होने से राहत मिलेगी।
क्या करें-पूजा स्थल में मूंगे के गणपति स्थापित करें।
क्या न करें-भाई से विवाद नहीं करें।
मिथुन-भाग्य या बाहरी संदर्भ से संबंधित मामलों में कोई बड़ा परिवर्तन संभव है।
क्या करें-विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
क्या न करें-वाहन तेज नहीं चलायें।
कर्क-पारिवारिक मामलों में ध्यान केंद्रित करें।
क्या करें-गणेश गायत्री मंत्र का जाप मूंगे की माला से करें।
क्या न करें-किसी को पैसे उधार नहीं दें।
सिंह-कुछ न्यायिक मामलों में राहत के बावजूद किसी प्रकार के बड़े आर्थिक लाभ की उम्मीद न करें।
क्या करें-गाय को गुड़ खिलाएं।
क्या न करें-क्रोध नहीं करें।
कन्या-पिता के स्वास्थ्य व अपने सामाजिक पद प्रतिष्ठा का पूरा ध्यान रख कर ही कार्य करें।
क्या करें-किसी भूखे को भोजन कराएं।
क्या न करें-घर आए व्यक्ति को खाली हाथ नहीं जाने दें।
वृश्चिक-व्यापारिक सफलता हेतु कुछ और इंतजार करना पड़ेगा।
क्या करें-मस्तक पर तिलक धारण करें।
क्या न करें-वाणी पर नियंत्रण नहीं खोयें।
धनु-भाई बहन, बंधु बांधव, और धन कोष, घर गृहस्थी के मामले मनोनुकूल होंगे।
क्या करें-मंदिर में दूध का दान दें।
क्या न करें-किसी की निंदा नहीं करें।
मकर-बुद्धि, ज्ञान या संतान से लाभ की स्थिति में कमी आ सकती है।
क्या करें-धन-संपदा प्राप्ति हेतु तिजोरी में काली गुंजा के ग्यारह दाने रखें।
क्या न करें-मांसाहार का सेवन नहीं करें।
कुम्भ-कठोर परिश्रम के बाद व्यापर में सुधार की संभावना है।
क्या करें-कुत्ते को दूध पिलाएं।
क्या न करें-बड़े वादे नहीं करें।
मीन-खर्च को नियंत्रित व घर गृहस्थी के माहौल को सुधारने का प्रयास करें।
क्या करें-अशोक के वृक्ष की जड़ का पूजन कर तिजोरी में रखें।
क्या न करें-झूठ नहीं बोलें।


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