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Monday, 17 October 2011

गुलाब से

गुलाब से होती हैं मुरादें पूरी...


फूलों में गुलाब सौन्दर्यता का प्रतीक माना जाता है। गुलाब प्रेम का इजहार करने में प्रथम सोपान है। यह पुष्प देखने में खूबसूरत तथा मोहक सुगन्ध वाले होते है। इसलिये मन्दिरों में भगवान का श्रृंगार करने में इनका विशेष प्रयोग किया जाता है। घर के पूजा पाठ में भी इनका प्रयोग होता है। यदि कोई जातक अपनी मनोकामना पूर्ण करना चाहता है। तो उसके लिये गुलाब का फूल एक वरदान साबित हो सकता है।

1- किसी भी शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार को ताजे गुलाब के फूल बजरंगबली पर 11 की संख्या में चढ़ायें। ऐसा लगातार 11 मंगलवार तक करने पर बजरंगबली प्रसन्न होकर साधक की मनोकामना पूर्ण करते है।

2- मंगलवार की सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर सिन्दूरी वस्त्र धारण करें तत्पश्चात हनुमान जी के मन्दिर में जाकर 11 गुलाब के फूल उनकी मूर्ति पर चढ़ायें। घी का दीपक जलाकर बजरंगबली के शरीर में थोड़ा सा सिन्दूर लगायें तथा मन ही मन हनुमान जी से प्रार्थना करे कि हे प्रभु मेरी मनोकामना पूर्ण कर मुझ पर कृपादृष्टि बनायें रखें। उसके बाद निम्न मन्त्र की एक माला जाप करें।

ऊँ ऐं हनुमते रामदूताय नमः।


3-
जिस व्यक्ति के कार्यों में बाधायें आती हो, कार्य होते रूक जाते हों, ऐसे जातक को गुलाब का यह उपाय करना लाभप्रद साबित होगा। पूर्णिमा के दिन 3 गुलाब और 3 बेला अथवा चमेली के पुष्प सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर किसी नदी में विसर्जित करना चाहिए। इस प्रयोग को 5 पूर्णिमा लगातार करने पर अच्छे परिणाम मिलने प्रारम्भ हो जायेंगे।

4-वैसे तो घर में वास्तु के अनुसार कांटेदार वृक्ष लगाना अशुभ माना जाता है। परन्तु गुलाब का पौधा इसका अपवाद है। गृह में पूर्व की दिशा में गुलाब का पौधा लगाने से नकारात्मक उर्जा दूर होकर सकारात्मक उर्जा का प्रवेश करती है। बेडरूम में यदि गुलाब के फूल रखें जाये तो वैवाहिक जीवन में परस्पर प्रेम बना रहता है।

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