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Tuesday, 18 October 2011

दीवाली





पहला दिन धनतेरस




क्‍या करें- धनतेरस के दिन दीप जलाकर भगवान धन्वन्तरि की पूजा करें। भगवान धन्वन्तरी से स्वास्थ और सेहतमंद बनाये रखने हेतु प्रार्थना करें। चांदी का कोई बर्तन या लक्ष्मी गणेश अंकित चांदी का सिक्का खरीदें। नया बर्तन खरीदे जिसमें दीपावली की रात भगवान श्री गणेश व देवी लक्ष्मी के लिए भोग चढ़ाएं।

दूसरा दिन छोटी दीवाली


क्‍या करें- इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर तेल लगाएं और पानी में चिरचिरी के पत्ते डालकर उससे स्नान करें और विष्णु मंदिर या कृष्ण मंदिर में जाकर भगवान का दर्शन करने से सभी पाप खत्‍म होंते हैं।

तीसरा दिन लक्ष्मी पूजा


क्‍या करें- दीवाली के दिन की विशेषता मां लक्ष्मी के पूजन से संबन्धित है इस दिन हर घर, परिवार, कार्यालय में लक्ष्मी जी की पूजा करके उनका स्वागत किया जाता है। दीवाली के दिन जहां गृहस्थ और कारोबारी धन की देवी लक्ष्मी से समृद्धि और धन की कामना करते हैं, वहीं साधु और संत कुछ विशेष सिद्धियां प्राप्‍त करने के लिए रात में अपने तांत्रिक पूजा पाठ करते हैं।

चौथा दिन पड़वा व गोवर्धन पूजा


क्‍या करें- इस दिन बृजवासी गोवर्घन पर्वत की पूजा करते हैं। भारत में लोग अपनी गायों और बैलों को स्नान कराकर उन्हें रंग लगते हैं और उनके गले में नई रस्सी डाली जाती है। गाय और बैलों को गुड़ और चावल भी खिलाया जाता है। इस दिन एक मुखी रूद्राक्ष को धारण करने से जीवन में सफलता, सम्मान और सुख की प्राप्ति होती है।

पांचवा दिन भाई दूज


क्‍या करें- इस दिन हर ब‍हन अपने भाई को तिलक लगाकर भाई की सुख समृद्धि की मंगल कामना करती हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीष देती हैं और भाई अपनी बहन को भेंट स्‍वरूप कुछ उपहार या दक्षिणा देता है

भारत में कोई भी त्‍यौहार क्‍यों न हो उससे कई लोकमान्यताएं और कथाएं जुड़ी रहती हैं। शायद इसीलिए भारत को सर्वधर्मों का देश कहा जाता है। हम कामना करते है कि यह दीपावली आपके लिए ढेर सारी खुशियों के साथ आपके घर में सुख और समृद्धि लाए।

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