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Friday, 23 September 2011

मरने के बाद




ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये जाना जा सकता है कि मरने के बाद व्यक्ति को स्वर्ग, नरक या पितृ लोक नसीब होगा या फिर से पृथ्वी पर जन्म लेगा। मृत्यु लग्न कुंडली से पुनर्जन्म का ज्ञान हो जाता है। अगर मृत्यु के समय की कुंडली बनाएं तो पता चल जाएगा कि मरने वाले जीव का अगला जन्म होगा या नहीं?

कैसे जानें?

- अगर कुंडली के पहले घर में मेष, वृष मिथुन या कर्क राशि यानी क्रमश: 1,2,3, या 4 नंबर होता  है तो मृत व्यक्ति का पुनर्जन्म पृथ्वी पर होगा। क्योंकि पृथ्वी लोक उपर बताई गई राशियों के अंर्तगत आता है।

- मृत्यु के समय बनाई गई कुंडली के पहले घर में अगर 5,6,7 या 8 नंबर हो यानी क्रमश: सिंह कन्या तुला या वृश्चिक राशि हो तो ऐसे लग्न में मरा जीव पितृलोक को जाता है।

- मृत्यु के बाद स्वर्ग में जाने वाले जीव की कुंडली के पहले घर में 9,10,11 या12 नंबर आता है यानि धनु, मकर, कुंभ या मीन राशि लग्र में आती है तो मृत व्यक्ति स्वर्ग लोक को जाता है।

- अगर मृत्यु लग्र में गुरु होता है तो ऐसा व्यक्ति मरने के बाद परम गति को प्राप्त करता है और स्वर्ग को जाता है।

- अगर मृत्यु के समय कुंडली के पहले घर में पाप ग्रह यानि सूर्य या मंगल बैठे हो या इनकी दृष्टि हो तो मरने वाले का अगला जन्म पृथ्वी पर  ही होगा।

- मरने वाले की मृत्यु कुंडली के पहले घर में सौम्य ग्रह यानी चंद्र और शुक्र हो या लग्र को देखते हो तो ऐसा जीव मरने के बाद पितृ लोक को जाता है और पितृ बनता है।

- बुध और शनि जैसे पाप ग्रह मृत्यु कुंडली के पहले घर में बैठे हो या लग्र को देखते हो तो मरने वाला नरक में जाता है।

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