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Saturday, 24 September 2011

नवग्रहों

 नवग्रहों के हवन हेतु समिधाएं

प्रस्तुति- रत्ना मंत्री
navagraha_310 विभिन्न देवताओं और ग्रहों के हवन के लिए समीधा (लकड़ी) का भी अलग-अलग उपयोग होता है। उसी प्रकार विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए भी अलग लकडिय़ों का होम में प्रयोग होता है। सात्विक एवं शुभ कार्यों में कांटेदार तथा कीड़े लगी लकडिय़ों को उपयोग में नहीं लाया जाता है। जैसे बेर, बबुल आदि वही अनाचारी कर्मों में इनका प्रयोग हो सकता है। शुभ कर्मों में आम, चंदन, पलाश, जामुन, क्षीर, पीपल की लकडिय़ों को हवन हेतु उपयुक्त माना गया है। अलग कार्यों हेतु भी ग्रहों का अलग लकडिय़ों का इस्तेमाल किया जाता है।

रोगों के नाश के लिए

सूर्य के मंत्रों द्वारा मदार की समीधा

आयु वृद्धि हेतु व समस्त कार्य सिद्ध हेतु

चंद्र के मंत्र द्वारा पलाश की समीधा

धन एवं भूमि प्राप्ति हेतु

मंगल के मंत्रों द्वार खेर की समीधा

बुद्धि बढ़ाने हेतु

बुध के मंत्रों से चिचड़ी (अपामार्ग) की समीधा

इष्ट सिद्धि एवं मानसिक विकार दूर करने हेतु

गुरु के मंत्रों से पीपल की समीधा

 काम बढ़ाने के लिए

शुक्र के मंत्रों से गुलर की समीधा

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