Search This Blog

Loading...

Thursday, 8 September 2011

दो पूंछ वाली छिपकली

अतुल स्म्रद्धिदायक है दो पूंछ वाली छिपकली

तंत्र जगत में छिपकली का अपना अलग ही महत्व है. छिपकली जो हर घर में दो, चार, छ होती ही हैं. छिपकली को लेकर पुरे विश्व में बहुत सी बरातिया या अलग-अलग किद्वान्तियाई मिलती हैं. हमारे हिन्दू समाज में तो और भी jayda विस्फोटक बाते हैं.

वो इतनी विस्फोटक हैं की उन बातो के खुआब में फसकर बहुत सी महिलाय पागल तक हो गयी हैं. बहुत सी महिलाय जीवन भर शारीरिक बीमारी की विपत्तियों के गहरे कुहें में गिर जाती हैं. छिपकली घर-घर में होती हैं लेकिन इनमें से एक दो पूछ की छिपकली भी होती है जो बहुत ही शुभ होती है. दो पूछ की छिपकली को लक्ष्मी की संज्ञा दी गयी है.

किसी व्यक्ति को सुबह उठते ही यदि दो पूछ की छिपकली के दर्शन हो जाइ तो उसका सारा दिन बहुत सुख और रुके कार्यु को करने वाला बन जाता है. शनि प्रभावित व्यक्ति के घर में दो पूछ की छिपकली आजाय तो उस व्यक्ति का शनि बहुत अनर्थ नहीं कर सकता. भयंकर शनि से पीड़ित व्यक्ति उस समय रहत की साँस ले सकता है

. जब उसके घर सुओथ ही दो पूछ की छिपकली आजाए. यदि घर की रसोही में दो पूछ की छिपकली आ जाये तो उस रसोही में किसी भी सामान की कमी नहीं होगी. यदि दो पूछ की छिपकली पुरे घर में रहे तो उसे देवीय करपा ही माननी चहिये. यदि सयन कक्ष में दो पूछ की छिपकली अपनी मर्जी से रहे तो घर में शान्ति का माहोल रहता है.

यदि सोचाल्य में दो पूछ की छिपकली रहे तो उस समय लक्ष्मी की करपा होने लगती है. इनकम के कई रास्ते खुल जाते है. यदि दुकान में हो तो दुकान पहले से जादा चलने लगती है तथा पहले से जादा आमदंनी होती है. हर मामले में दो पूछ की छिपकली उत्तम है. दो पूछ की छिपकली दैवीय किरपा है.
इसे लोगो ने गलत तरीके से प्रचारित किया है. इसकी पूछ को काटकर डिब्बी में rakne इसको काटकर बॉक्स में रकने तथा किसी के घर से जबरदस्ती अपने घर लाने का बहुत प्रचार है

. कानपूर के एक सेठ सुन्दरलाल अगरवाल की पत्नी को किसी पड़ोसी महिला ने सुना रखा था की दो पूछ की छिपकली की पूछ काटकर डिब्बी में रखकर उसे घर के जेबरौ के साथ रखने से धन- धान्य की कभी कमी नहीं रहती है तथा दिनों-दिन बड़ता ही जाता है. सो उन्होंने एक दिन एक दो पूछ की छिपकली की पूछ काटकर डिब्बी में रख ली.

No comments:

Post a Comment