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Monday, 4 July 2011

LAKSHMI PRAPTI


तो मनुष्य  का सपना  रहता  आया हैं कम से कम आज के जीवन  की  कठोर  परिस्थितियों  को देख कर के  तो  यही कटु सत्य  लगता हैं ,पर  इन चंचला  को कैसे स्थायित्व दिया जाये.कितनी साधना , कितने ही पद्धतियों  इनके बारे में साधना  जगत में प्रचलित हैं  पर सबका मूल मन्त्र तो  यही हैं  की जल्द से जल्द  इनकी  कृपा प्राप्त हो पर कैसे ? जब पाना  हो अभीष्ट, और  न हो समय तब इन प्रयोगों की उपयोगिता  से कौन   मुंह मोड़ सकता हैं .नित्य प्रति के जीवन में   सफलता प्रदायक  एक ऐसे ही प्रयोग को आपके समक्ष रख रहा हूँ, यदि आप इसे  पूर्ण विस्वास से करेंगे  तो  इसके परिणाम आप स्वयं  ही   अनुभुत कर  आश्चर्य चकित हो उठेंगे .

घर में पैसे  जोड़ने में  उपयोग आई जाने वाली मिटटी  की  गुल्लक ले ले . ओर जब भी आप इसमें कोई भी धन राशि  कम या ज्यादा डाले(इससे फरक नहीं पड़ता हैं ) तब निम्न  मंत्र का उस धन राशि को हाँथ में रखते हुए १०८ बार केबल उच्चारण कर ले ,फिर गुल्लक में  उसे डाल दे धीरे धीरे  आप के घर में स्वयं ही लक्ष्मी वास /स्थिरता होने लगेगी .(ये मेरा स्वयं का अनुभूत है)
मंत्र :श्रीं श्रीं ह्रीं ह्रीं  श्रीं  ॐ ||  इनकी  कृपा प्राप्त हो पर कैसे ? जब पाना  हो अभीष्ट, और  न हो समय तब इन प्रयोगों की उपयोगिता  से कौन   मुंह मोड़ सकता हैं .नित्य प्रति के जीवन में   सफलता प्रदायक  एक ऐसे ही प्रयोग को आपके समक्ष रख रहा हूँ, यदि आप इसे  पूर्ण विस्वास से करेंगे  तो  इसके परिणाम आप स्वयं  ही   अनुभुत कर  आश्चर्य चकित हो उठेंगे .

घर में पैसे  जोड़ने में  उपयोग आई जाने वाली मिटटी  की  गुल्लक ले ले . ओर जब भी आप इसमें कोई भी धन राशि  कम या ज्यादा डाले(इससे फरक नहीं पड़ता हैं ) तब निम्न  मंत्र का उस धन राशि को हाँथ में रखते हुए १०८ बार केबल उच्चारण कर ले ,फिर गुल्लक में  उसे डाल दे धीरे धीरे  आप के घर में स्वयं ही लक्ष्मी वास /स्थिरता होने लगेगी .(ये मेरा स्वयं का अनुभूत है)
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