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Monday, 11 July 2011

वृक्ष भी भाग्योदय करने में सक्षम होते है

प्रकृति ने मनुष्य जीवन की भलाई के लिए बहुत सी वस्तुओं को अत्यंत महत्वपूर्ण बनाया है. जिससे मनुष्य अपने जीवन को सुखमय बना सके. और अपने जीवन की प्रत्येक समस्याओं का भली भांति से समाधान कर सके. जड़ीबूटियाँ, खनन, धातुओं, आदि बहुत सी वस्तुएं मानव के सामने उपस्थित है और सुलभ भी है. आवश्यकता है तो केवल कर्म करने की. ज्ञान प्राप्त करके उस वास्तु का उपयोग करने की.आज प्रकृति द्वारा सुलभ वृक्षों के विषय में बात करते है कि किस वृक्ष के उपयोग से मनुष्य को किस प्रकार का फल मिलता है.

1:- जो मनुष्य अपने घर में फलदार पेड़, पौधे आदि लगाता है और उसकी भली भांति देखभाल करता है, उसे आरोग्य की प्राप्ति होती है.

2:- जो मनुष्य 5 वट वृक्षों का रोपण और उसका पालन किसी चौराहे या मार्ग में करता है तो, उसकी सात पीढियां तर जाती है.

3:- वृक्षों के बाग या वाटिका लगाने वाला प्रसिद्धि प्राप्त करता है.

4:- जो भी व्यक्ति बिल्व वृक्ष का रोपण शिव मंदिर में करता है वह अकाल मृत्यु से मुक्त हो जाता है.

5:- सड़क के किनारे पीपल का वृक्ष लगाने, तथा उसका पालन करने वाला देवलोक प्राप्त करता है.

6: जो मनुष्य नीम के वृक्ष जितने अधिक लगाता है उतनी अधिक उसकी पीढियां तर जाती है.
7:- घर में तुलसी, आंवला, निर्गुण्डी, अशोक, आदि के वृक्ष शुभ फलदायी होते है.
8:- शीशम के 11 वृक्ष को सड़क पर लगाने से यह लोक और परलोक दोनों ही संवर जाते है.
9:- कनक चम्पा के 2 वृक्ष लगाने वाले का सर्वार्थ कल्याण हो जाता है.
10:- 5 या अधिक महुआ के वृक्षों का रोपण और पालन करने वाला धन प्राप्त करता है. तथा उसे अनुरूप यज्ञों का फल भी प्राप्त होने लगता है.
11:- 10 पीपल के वृक्षों का रोपण करने वाला इस लोक में तो कीर्ति प्राप्त करता है, मृत्युपरांत भी मोक्ष को प्राप्त होता है. इसमें संदेह नहीं है.
12:- जो भी मनुष्य सड़क के किनारे 2 या 2 से अधिक मौलश्री के वृक्षों का रोपण एवं पालन करता है. वह एक सौ यज्ञों को करने का पुण्य प्राप्त करता है.
13:- जो भी मनुष्य 5 या अधिक अशोक वृक्ष का रोपण और पालन करता है, उसके घर परिवार में कभी भी अकाल मृत्यु नहीं होती है. उसके यहां अचानक कोई बड़ी मुसीबत खड़ी नहीं होती तथा उसे आगामी जन्म में पुण्यात्मा होने का सौभाग्य प्राप्त होता है.
14:- 5 या अधिक आम के वृक्षों का रोपण – पालन करने वाला अनेक दुर्लभ यज्ञों के फल को प्राप्त कर सकता है.
15:- जो मनुष्य 5 पलास के वृक्षों का रोपण – पालन करते है, उस 10 गौवों के दान के समतुल्य पुण्य लाभ मिलता है. पलास के वृक्षों को सड़क के किनारे अथवा किसी बड़े क्षेत्र में रोपना चाहिए. इसका रोपण घर में नहीं करना चाहिए.
16:- जो भी मनुष्य 2 या अधिक हारसिंगार (पारिजात) के पौधों का रोपण श्री हनुमान जी के मंदिर में अथवा नदी के किनारे या किसी भी सामाजिक स्थल पर करता है तो उसे एक लक्ष्य तोला स्वर्णदान के समतुल्य पुण्य प्राप्त होता है तथा उसे जीवन भर श्री हनुमान जी की कृपा मिलती रहती है.
17:- जो भी व्यक्ति सोमवार के दिन, पप्रदोष वाले दिन, शिवरात्री को, श्रावण मॉस में किसी भी दिन अथवा शिवयोग वाले दिन 5 या अधिक बिल्व वृक्षों का रोपण और उसका नियमित पालन भी करता है तो उसे शिवलोक प्राप्त होता है. यदि इन वृक्षों को कोई भी मनुष्य शिव मंदिर में या मंदिर के समीप रोपण करता है तो निश्चय ही वह कोटि कोटि पुण्य का भागीदार तो होता ही है और उसे व् उसके परिवार पर भगवान शिव की असीम अनुकम्पा भी प्राप्त होती है.
शुभमस्तु!! 



GROW TREE 2011

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