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Saturday, 30 July 2011

नवग्रह की शांति


 नीचे नवग्रहों की शांति के उपाय दिए गए है जिन्हें अपनाकर जातक नवग्रह की शांति कर सकता है

- प्रथम सूर्य जो सभी ग्रहों का नेतृत्व करता है | इसे पिता और आत्मा का कारक मानते है , उसकी शांति के लिए पिता का सम्मान करे | पिता के साथ रहे | सूर्य को अघ्र्य चढ़ाए |

- चन्द्र जो माता और मन की शांति का कारक होता है | इसकी शांति के लिए सोमवार को भगवान शंकर का दूध मिश्रित जल अथवा पंचामृत से अभिषेक करे एवं महाम्रत्युन्जय मंत्र अथवा ॐ नम : शिवाय का जाप करे | माता को सम्मान दे |

- मंगल युद्द का देवता है | इसकी शांति के लिए हनुमान जी को सिंदूर और चोला चढ़ाए | मंगल वार को हनुमान चालीसा का पाठ करे |

- बुध ग्रह बुद्धि और व्यापार जगत का कारक है | बुध अच्छा होने से व्यक्ति ज्योतिषी , व्यापारी , वकील , डाक्टर होता है | बुध ग्रह शांति के लिए गणेश जी को मोदक के लड्डू चढ़ाए | जिनके संतान न हो वे संतान गोपाल स्त्रोत का पाठ करे |

- गुरु आध्यात्मिक ज्ञान का कारक है | अत : ब्राम्हण देवता , गुरु का सम्मान करे | वृहस्पति वार को ॐ ब्रम्ह वृहस्पताये नम : का जाप करे |

- शुक्र ग्रह जो सौन्दर्य , स्वास्थ्य , कला और काम का कारक होता है | उसके सम्मान के लिए पौक्षिक पदार्थो का सेवन करे | धुले हुए स्वच्छ वस्त्र पहने | हीरा रत्न धारण करे अथवा अमेरिकन जेरिकोन धारण करे | इत्र का प्रयोग करे | ब्राम्हणों की कन्याओ को भोजन कराए और यथासंभव दक्षिणा दे | सौन्दर्य प्रसाधन तथा श्रंगार की चीजो का दान शुक्रवार को करे | वैभव लक्ष्मी का व्रत करे| गाय को नित्य घास डाले |


- शनि ग्रह जो यमराज है तथा मोक्ष का कारक है | शनि कर्मो का फल देता है | इसके लिए काले कुत्ते को रोटी डाले | शनिवार को तिल मिश्रित तेल और लोहे का दान करे | गरीबो की सेवा करे | शनि अपना सुफल देगा |

- राहू ग्रह राजनीती का कारक होता है | यह कक्ष देता है और गुस युक्ति बल का कारक होता है| इसकी शांति के लिए भूरे कुत्ते को रोटी खिलाए | खोटा सिक्का नदी में प्रवाहित करे | ॐ रा : रहावे : मंत्र का राहू की महादशा , अन्तर्दशा में जाप करे |

- केतु ग्रह की शांति के लिए उसकी महादशा , अन्तर्दशा में जानवरों को भोजन कराए और चीटियों और चिडियों को दान करे

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